नए साल की शुरुआत के साथ ही बीआरटीएस और सिटी बसों के चालक हड़ताल पर उतरे

सूरत. नए साल की शुरुआत के साथ ही सूरत महानगरपालिका द्वारा संचालित बीआरटीएस और सिटी बसों के चालक सुबह से हड़ताल पर चले जाने से हजारों नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा नया कानून लाए जाने के बाद से सिटी बस और बीआरटीएस बस चालकों की हड़ताल तेज हो गई है। सोमवार सुबह चौपाटी पर एकत्र हुए बस चालकों ने नए कानून के खिलाफ नारे लगाए और कानून में संशोधन होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी।

एक पखवाड़े पहले कतारगाम में बीआरटीएस बस की टक्कर से एक जने की मौत हो गई थी, जबकि करीब 9 अन्य घायल हो गए थे। इस घटना के बाद सूरत महानगरपालिका के प्रशासन और शासकों द्वारा बीआरटीएस और सिटी बसों से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नए प्रावधान किए गए तो बस ड्राइवर और कंडक्टर हड़ताल पर चले गए थे। इस बीच केन्द्र सरकार की ओर से भी कानून में संशोधन कर दुर्घटना के मामले सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान किया है, जिससे देशभर में आक्रोश देखने को मिल रहा है। जगह-जगह ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर उतर गए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच सोमवार सुबह से एक बार फिर बीआरटीएस और सिटी बस चालक हड़ताल पर चले गए। चालकों ने सुबह चौपाटी पर इकठ्ठा होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और विरोध जताया। इधर, बसों की हड़ताल के कारण रोजाना बसों से यात्रा करने वाले स्कूल-कॉलेज के छात्र और नौकरीपेशा लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

विरोध प्रदर्शन करते चालक।
बसों का इंतजार करते यात्री।
सरकार की ओर से लाए गए के नए कानून के विरोध में हजीरा क्षेत्र में भी ट्रक चालक भी सोमवार सुबह से हड़ताल पर चले गए। हजीरा स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के ट्रक ड्राइवर भी इनमें शामिल हैं। उनके हड़ताल पर चले जाने से ट्रकों के पहिए थम गए। जिससे इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से होने वाले गैंस सिलेंडरों की डिलीवरी थम गई। कंपनी के गेट के बाहर जुटे ट्रक चालकों ने एकजुट होकर नए कानून का विरोध किया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।

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