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  • Toxic के इवेंट में बड़ा हादसा, साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 2 छात्र घायल-1 बेहोश, यश ने बीच में रोकी स्पीच

    Toxic के इवेंट में बड़ा हादसा, साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 2 छात्र घायल-1 बेहोश, यश ने बीच में रोकी स्पीच

    सुपरस्टार यश की अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में एक बड़ा हादसा हो गया. हादसे में दो छात्र घायल हो गए हैं और एक लड़की बेहोश हो गई.

    साउथ सुपरस्टार यश की अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त बज बना हुआ है. टॉक्सिक 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. लेकिन फिल्म रिलीज से पहले शनिवार ( 22 अगस्त) को हैदराबाद में ग्रैंड प्री-रिलीज इवेंट आयोजित किया गया. इस इवेंट में फैंस का जनसैलाब उमड़ पड़ा. भारी भीड़ के चलते इवेंट में एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए हैं.

    टॉक्सिक’ के इवेंट में बड़ा हादसा

    जानकारी के मुताबिक, हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट के दौरान एक भारी-भरकम साउंड-बॉक्स सेट-अप गिर गया. बताया जा रहा है कि यह हादसा तब हुआ, जब कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले खंभे यानी पोल पर चढ़ गए थे. इस वजह से वो भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया. दरअसल, यश की एक झलक पाने के लिए हजारों छात्र इकट्ठा हो गए थे, जिससे स्टेज के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई थी.

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में दो छात्र घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई. घायलों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया. यह हादसा उस वक्त हुआ, जब यश मंच पर मौजूद थे और ‘टॉक्सिक’ के जश्न में शामिल हुए लोगों को संबोधित कर रहे थे. लेकिन यश का ध्यान जैसे ही इस हादसे पर गया और उन्होंने प्रभावित लोगों का हाल जानने के लिए तुरंत अपनी स्पीच बीच में ही रोक दी. कार्यक्रम जारी रखने से पहले उन्होंने आयोजकों से छात्रों की स्थिति के बारे में भी पूछा

    इवेंट का इनसाइड वीडियो आया सामने

    फिल्म के प्री-रिलीज इवेंट से एक वीडियो भी सामने आया है. इवेंट में लोगों की भारी भीड़ साफ तौर पर देखी जा सकती है. वहीं, कुछ लोग हादसे में गायल हुए छात्रों को एम्बुलेंस की तरफ ले जाते हुए नजर आ रहे हैं, जिसके बाद तुरंत घायलों को अस्पताल ले जाया गया.

    इस हादसे से वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया, खासकर इसलिए क्योंकि कई छात्र स्टेज के पास पहुंच गए थे और स्पीकर और दूसरे सामान को सहारा देने वाले ढांचों पर चढ़ गए थे. इस घटना ने बड़े स्तर पर होने वाले फिल्मी कार्यक्रमों में भीड़ के नियंत्रण और सुरक्षा के इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

  • 🌺 साईं बाबा का संदेश — श्रद्धा, सेवा और सबका मालिक एक 🌺 साईं राम दोस्तों 🙏कभी-कभी जिंदगी हमें ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहाँ दौलत नहीं, सिर्फ़ विश्वास हमारा हाथ थामता है।और वहीं से शुरू होती है साईं बाबा की वह कहानी, जिसमें इंसान को सिर्फ़ मंदिर में नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद इंसान में भगवान को देखने की सीख मिलती है।

    शिरडी के साईं बाबा ने अपने जीवन से श्रद्धा, सबूरी, प्रेम, समानता और सेवा का संदेश दिया।

    एक गरीब भक्त के पास देने के लिए बहुत कुछ नहीं था। उसके हाथ खाली थे, लेकिन दिल में साईं के लिए अपार श्रद्धा थी। उसने अपनी छोटी-सी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद की मदद की और मन ही मन कहा—

    “बाबा, मेरे पास ज्यादा नहीं है… लेकिन जो है, वह आपकी सेवा में है।”

    कहते हैं, सच्ची भक्ति चीज़ की कीमत नहीं देखती, भावना की सच्चाई देखती है।

    साईं बाबा की शिक्षा हमें याद दिलाती है कि दान केवल धन देना नहीं है—
    किसी भूखे को भोजन देना, किसी दुखी को सहारा देना, किसी अकेले को अपनापन देना और किसी जरूरतमंद की मदद करना भी सेवा है। शिरडी साईं संस्थान भी सेवा, अन्नदान, चिकित्सा और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों को महत्वपूर्ण मानता है।

    🌟 SAI BABA SAYS…

    “श्रद्धा से दो, उदारता से दो; विनम्रता, संवेदना और सम्मान के साथ दो।”

    क्योंकि जब हाथ से दिया हुआ दान अहंकार से मुक्त होता है, तभी वह सच्ची सेवा बनता है।

    ❤️ Love SAI… Live in SAI.
    🙏 श्रद्धा रखिए… सबूरी रखिए… साईं पर विश्वास रखिए।
    🌺 साईं बाबा सब पर अपनी कृपा बनाए रखें।

    ✨ बॉलीवुड राइटर-डायरेक्टर राजेश भट्ट की कलम से ✨


    📸 प्रेस फोटोग्राफर धनंजय राजेश गवाड़े की प्रस्तुति

    ॐ साईं राम 🙏🌺

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  • लखनऊ में डबल मर्डर और सुसाइड… पत्नी और बहन को गोली मारने के बाद खुद को किया शूट, रिलेशनशिप मैनेजर थी पत्नी

    लखनऊ में डबल मर्डर और सुसाइड… पत्नी और बहन को गोली मारने के बाद खुद को किया शूट, रिलेशनशिप मैनेजर थी पत्नी

    लखनऊ के गोमतीनगर में ICICI बैंक के बाहर अपनी पत्नी और बहन को दिनदहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. इस हत्याकांड में महिला के पति मानस पर ही आरोप लग रहा है, जिसने खुद को भी शूट कर लिया. पढ़ें पूरी कहानी.

    यूपी की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमतीनगर में गुरुवार को एक शख्स ने पत्नी और अपनी बहन को सरेआम गोली मार दी. जिससे उन दोनों की मौत हो गई. उन दोनों को शूट करने के बाद आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली. जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. इस गोलीकांड से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है.

    एक मृतका की पहचान दिव्या मिश्रा के रूप में हुई है, जो ICICI बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थी. दिव्या आरोपी की पत्नी बताई जा रही है. जबकि दूसरी महिला की शिनाख्त सीमा वाजपेयी के रूप में हुई है. वह आरोपी मानस की बहन थी. वारदात बैंक के ठीक बाहर हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया.

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाओं पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई, जिसके बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं. बाद में दोनों की मौत हो गई.

    फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. गोली लगने के बाद दिव्या और दूसरी महिला खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गईं, जबकि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया.

    घटना की सूचना मिलते ही गोमतीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटना के बाद पुलिस ने मौके से जुड़े साक्ष्यों को जुटाना शुरू कर दिया है और हत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है.

    पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी.

    मानस की पत्नी दिव्या मिश्रा

    फिलहाल पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. इन फुटेज के जरिए आरोपी के बैंक के बाहर पहुंचने और वारदात के हालात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

    पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और क्या किसी ने वारदात को अपनी आंखों से देखा था. इस हत्याकांड के बाद गोमतीनगर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है

  • 21 साल में टूटी पहली शादी, 15 साल छोटी हसीना संग अर्जुन रामपाल ने बसाया घर, 4 बच्चों के हैं पिता

    21 साल में टूटी पहली शादी, 15 साल छोटी हसीना संग अर्जुन रामपाल ने बसाया घर, 4 बच्चों के हैं पिता

    बॉलीवुड के हैंडसम हंक एक्टर अर्जुन रामपाल लाइफ के हैप्पी फेज में हैं. अर्जुन ने 53 साल की उम्र में अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रियाडेस संग शादी कर ली है.

    अर्जुन और गैब्रिएला डेमेट्रियाडेस करीब 8 साल की लंबी डेटिंग और लिव-इन रिलेशनशिप के बाद शादी करके हमेशा के लिए एक हो गए हैं. दोनों ने गोवा में अपनी शादी रजिस्टर कराई है.

    अर्जुन और गैब्रिएला अब ऑफिशियली पति-पत्नी बन चुके हैं. लेकिन शादी से पहले ही अर्जुन ने लेडी लव गैब्रिएला संग अपना घर बसा लिया था. शादी से पहले ही कपल दो बच्चों के पैरेंट बन गए थे.

    अर्जुन और गैब्रिएला का रिश्ता साल 2018 में शुरू हुआ था. डेटिंग के बाद कपल के बड़े बेटे एरिक का जन्म साल 2019 में हुआ था, जबकि छोटे बेटे आरव का जन्म 2023 में हुआ. दोनों अक्सर अपने बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करते हुए दिखाई देते हैं.

    अब अर्जुन रामपाल की शादी की खबर सामने आने के बाद फैंस एक बार फिर उनकी नई दुल्हन को गूगल पर सर्च करने लगे हैं. बता दें कि अर्जुन की नई दुल्हन गैब्रिएला एक साउथ अफ्रीकी मॉडल और फैशन डिजाइनर हैं.

    अर्जुन रामपाल और गैब्रिएला के बीच उम्र का बड़ा फासला है. अर्जुन रामपाल 53 साल के हैं, जबकि उनकी लेडी लव गैब्रिएला 39 साल की हैं. गैब्रिएला एक्टर अर्जुन से करीब 15 साल छोटी हैं. लेकिन उम्र का फासला कभी उनके रिश्ते में दीवार नहीं बना.

    गैब्रिएला संग अर्जुन की ये दूसरी शादी है. एक्टर की पहली शादी 80 के दशक की सबसे मशहूर मॉडल्स में से एक मेहर जेसिया से हुई थी. वो एक प्रोड्यूसर भी हैं

    अर्जुन और मेहर ने साल 1998 में शादी की थी, लेकिन 21 साल बाद 2019 में दोनों तलाक लेकर अलग हो गए थे. इस शादी से अर्जुन और मेहर की दो बेटियां हैं. वहीं, गैब्रिएला संग अर्जुन के 2 बेटे हैं, यानी अर्जुन 4 बच्चों के पिता हैं.

  • वंदे मातरम पर सियासी घमासान: BJP ने कांग्रेस के फैसले को नकारा, कहा- 1937 के इसी फैसले ने रखी विभाजन की नींव

    वंदे मातरम पर सियासी घमासान: BJP ने कांग्रेस के फैसले को नकारा, कहा- 1937 के इसी फैसले ने रखी विभाजन की नींव

    भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक में वंदे मातरम को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस के उस निर्णय पर सवाल उठाए, जिसमें गीत के दो छंद गाने की बात कही गई है। पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह रुख ऐतिहासिक घटनाओं और तुष्टिकरण की राजनीति से जुड़ा रहा है।

    भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ पहली बार बैठक की। इस बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने बताया कि पदाधिकारियों की इस बैठक में पहला प्रस्ताव वंदे मातरम के सम्मान को लेकर पारित किया गया। संबित पात्रा ने इस दौरान कांग्रेस के वंदे मातरम के केवल दो छंद गाने के फैसले को लेकर निशाना साधा।

    संबित पात्रा ने कहा कि वंदे मातरम के बीज मंत्र के मूल में देश और देशभक्ति है। उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की ओर से वंदे मातरम को रोकने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “यह वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ है। 15 अगस्त, 2026 को लाल किले से छह श्लोकों वाला संपूर्ण वंदे मातरम गाया गया। लेकिन 15 अगस्त को कांग्रेस कार्यालय में एक अशोभनीय घटना घटी।”

    कांग्रेस पर लगाया वंदे मातरम के अपमान का आरोप

    भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की उपस्थिति में, जब तिरंगा फहराया जा रहा था, सोनिया गांधी ने दो श्लोकों के बाद वंदे मातरम रोकने का इशारा किया। कांग्रेस इस मामले में डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रही थी। 19 अगस्त को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में एक प्रस्ताव आया कि हम वंदे मातरम के केवल दो श्लोक गाएंगे। कांग्रेस वंदे मातरम का विभाजन करना चाहती है। हम सभी जानते हैं कि 1937 में यह निर्णय क्यों लिया गया था।”

    भाजपा सांसद ने आगे कहा, ”1937 में केवल दो छंद गाने का यह फैसला क्यों लिया गया, हम सब जानते हैं। वंदे मातरम के 100 साल पूरे होने पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार में देश में आपातकाल लगा हुआ था। 150 वर्ष पूरे होने पर सदन में चर्चा होती है। आजादी से पहले ब्रिटिश सरकार वंदे मातरम को रोकती थी। आज कांग्रेस वही काम कर रही है।”

    भाजपा का दावा- नेहरू के फैसले ने बोया विभाजन का बीज

    उन्होंने कहा, ”1923 में आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के अधिवेशन में वंदे मातरम का संपूर्ण गायन होना था। मगर कांग्रेस के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली ने वॉकआउट किया। इसके बाद 1937 में पहली बार जवाहरलाल नेहरू के कहने पर वंदे मातरम को विभाजित कर एक हिस्सा ही गाने का प्रस्ताव लाया गया। 1938 में नेहरू ने मोहम्मद अली जिन्ना को लिखी चिट्ठी में 14 मांगों के सामने घुटने टेक दिए। उन्होंने वंदे मातरम के संपूर्ण पठन को रोक दिया।”

    संबित पात्रा ने कहा, ”पंडित नेहरू की ओर से 1937 में बोया गया, यही तुष्टिकरण का बीज आगे चलकर देश के विभाजन की वजह बना। कांग्रेस में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का जो व्यवहार 15 अगस्त को रहा। इसके बाद जो कांग्रेस कार्य समिति में 1937 के प्रस्ताव को फिर से पारित किया गया। इस पर हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पुरजोर तरीके से कहा है कि कांग्रेस यह जो विभाजन का बीज बोने की कोशिश कर रही है, हम ऐसा नहीं होने देंगे।”

    वंदे मातरम पर महात्मा गांधी के पत्र का किया जिक्र

    पात्रा ने कहा, ”महात्मा गांधी ने स्वयं वंदे मातरम के बारे में लिखा था- “इसका स्रोत क्या था और इसकी रचना कब और कैसे हुई, यह अलग बात है; लेकिन बंगाल के विभाजन के दिनों में यह हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एक अत्यंत शक्तिशाली युद्धघोष बन गया था। यह साम्राज्यवाद विरोधी नारा था। जब मैं छोटा था और न आनंदमठ के बारे में जानता था, न उसके अमर रचयिता बंकिम के बारे में, तब भी वंदे मातरम ने मुझे अपने प्रभाव में ले लिया था।”

    उन्होंने कहा, ”महात्मा गांधी ने लिखा था- जब मैंने इसे पहली बार सुना और गाया, तो यह मुझे मंत्रमुग्ध कर गया। मैंने इसके साथ शुद्धतम राष्ट्रीय भावना को जोड़ा। मुझे कभी यह विचार नहीं आया कि यह हिंदुओं का गीत है या केवल हिंदुओं के लिए है। दुर्भाग्य से, आज हम बुरे दौर में आ गए हैं।”

  • 🕉️🔥 JUST BELIEVE IN SAI BABA 🔥🕉️🌺 “श्रद्धा रखिए… सबूरी रखिए… साईं बाबा सब देख रहे हैं।” 🌺शिर्डी वाले साईं बाबा का संदेश सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि विश्वास, धैर्य और मानवता की राह है।

    🕉️🔥 JUST BELIEVE IN SAI BABA 🔥🕉️🌺 “श्रद्धा रखिए… सबूरी रखिए… साईं बाबा सब देख रहे हैं।” 🌺शिर्डी वाले साईं बाबा का संदेश सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि विश्वास, धैर्य और मानवता की राह है।

    जब जिंदगी में मुश्किलें बढ़ जाती हैं, रास्ते बंद दिखाई देते हैं और उम्मीद कमजोर पड़ने लगती है, तब साईं बाबा की भक्ति मन में नई आशा और सकारात्मकता जगाती है।

    🌹 JUST BELIEVE IN SAI BABA OF SHIRDI WALE 🌹

    साईं बाबा का जीवन हमें “श्रद्धा और सबूरी” का संदेश देता है—ईश्वर पर विश्वास रखिए और सही समय आने तक धैर्य बनाए रखिए। परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अच्छे कर्म, मेहनत और विश्वास के साथ आगे बढ़ते रहना ही सच्ची जीत है।

    🙏 अगर आज आपके जीवन में कोई परेशानी है, तो निराश मत होइए।
    🙏 अच्छे कर्म करते रहिए।
    🙏 जरूरतमंदों की मदद करते रहिए।
    🙏 अपने मन में विश्वास और सकारात्मकता बनाए रखिए।

    क्योंकि साईं बाबा की भक्ति हमें यही सिखाती है कि मुश्किल समय हमेशा नहीं रहता, लेकिन विश्वास इंसान को मुश्किल समय से गुजरने की ताकत जरूर देता है।

    🌺 सबका मालिक एक।
    🌺 श्रद्धा रखिए।
    🌺 सबूरी रखिए।
    🌺 साईं बाबा पर विश्वास रखिए।

    ✨ साईं बाबा आपके जीवन में सुख, शांति, प्रेम, सफलता और समृद्धि लेकर आएँ।
    🕉️ ॐ साईं राम | श्री साईं राम 🕉️

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    ✍️ BOLLYWOOD WRITER & DIRECTOR
    RAJESH BHATT की कलम से ✍️

    🔥 JAN KALYAN TIME MUMBAI 🔥
    📸 Press Photographer Dhananjay Rajesh Gavade की प्रस्तुति

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  • Rahul Gandhi Dharna in Delhi ‘पैलेट गन से अंधा हो गया साहिल, FIR होने तक नहीं हटेंगे’, दिल्ली के थाने में धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका

    Rahul Gandhi Dharna in Delhi ‘पैलेट गन से अंधा हो गया साहिल, FIR होने तक नहीं हटेंगे’, दिल्ली के थाने में धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका

    Rahul Gandhi on dharna at police station in Delhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी पैलेट गन पीड़ित साहिल लोहबच के साथ दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और जंतर-मंतर आंदोलन में पैलेट गन इस्तेमाल की जांच की जानकारी मांगी. एफआईआर दर्ज न होने का आरोप लगाते हुए वह थाने के बाहर धरने पर बैठ गए, जहां कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी पहुंचे. पुलिस ने शिकायत लेने और क्राइम ब्रांच जांच की बात कही है.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे. वह जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल की जांच की जानकारी लेने डीसीपी ऑफिस गए थे. राहुल पैलेट गन पीड़ित साहिल लोहबच को भी साथ लेकर गए और आरोप लगाया कि अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. जानकारी लेने के बाद राहुल थाने के बाहर धरने पर बैठ गए, जहां कई कांग्रेस नेता भी पहुंच गए.जिनमें प्रियंका गांधी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद और जयराम रमेश भी शामिल हैं

    राहुल गांधी दिल्ली पुलिस की ज्वाइंट सीपी से मिलने डीसीपी ऑफिस गए थे. राहुल अपने साथ कई शिकायतें लेकर अंदर गए थे और इन पर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने तुरंत कोई फैसला नहीं लिया.

    इसके बाद बाहर निकलते ही राहुल गांधी धरने पर बैठ गए. उनके लिए एक कुर्सी लगाई गई और वह वहीं बैठ गए. मौके पर मीडियाकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की भारी भीड़ जमा हो गई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब मौके पर पहुंच गए हैं.

    हालांकि पुलिस की तरफ से शिकायत ले ली गई है और बताया गया है कि इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है. लेकिन एफआईआर को लेकर राहुल गांधी का आरोप बना हुआ है कि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. पुलिस की तरफ से यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है और सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर्ड कमेटी भी गठित हो चुकी है. ऐसे में कमेटी की रिपोर्ट और आदेश का इंतजार किया जाएगा.

    राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए क्या कहा?

    राहुल गांधी ने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था. साहिल के शरीर से छर्रे निकले हैं, उनके शरीर के अंदर अब भी छर्रे मौजूद हैं और आंख में भी छर्रे लगे हैं. एम्स की रिपोर्ट में साफ लिखा है कि साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे हैं. आंख में लगे छर्रों की वजह से साहिल की आंख की रोशनी जा चुकी है और वह अब उस आंख से देख नहीं पाएंगे. उनके दिल के बिल्कुल पास भी छर्रे हैं, जिन्हें निकाला नहीं जा सकता.

    राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्होंने छर्रे नहीं चलाए. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस ने नहीं चलाए तो फिर किसी और ने चलाए होंगे, लेकिन क्राइम तो हुआ है क्योंकि साहिल के शरीर में छर्रे मौजूद हैं.

    राहुल गांधी ने कहा कि उनकी सिर्फ एक मांग है कि इस मामले में FIR दर्ज की जाए. उन्होंने बताया कि साहिल की मां ज्योति और पिता दीपक भी मौके पर मौजूद हैं. राहुल ने आरोप लगाया कि अंदर से उन्हें बताया गया है कि ऊपर से आदेश आया है कि FIR दर्ज नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, तब तक वह वहां से नहीं हटेंगे.

    राहुल गांधी ने कहा कि देश में रोज लाखों लोगों के साथ अन्याय होता है, लेकिन यह घटना नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में, सबकी आंखों के सामने हुई है. उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी का नाम बताया जाए. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ इस परिवार के लिए न्याय की मांग है और सवाल उठाया कि क्या हिंदुस्तान में युवाओं पर गोली चलाई जा सकती है.

    छात्रों के मुद्दे पर आर-पार के मूड में कांग्रेस

    राहुल गांधी धरने पर बैठ गए हैं. पहले प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी धरने पर बैठे थे और अब यहां दिल्ली पुलिस के दफ्तर के बाहर बैठ गए हैं. एक तरीके से संसद से लेकर सड़क तक की लड़ाई लड़ी जा रही है. कोशिश ये है कि इसके जरिए सिर्फ दिल्ली पुलिस पर नहीं, बल्कि गृह मंत्री अमित शाह पर भी दबाव बनाया जाए.

    अब कांग्रेस के और भी कई नेता यहां पहुंच रहे हैं. रणदीप सिंह सुरजेवाला से लेकर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पहले ही यहां मौजूद हैं. कुमारी शैलजा समेत तमाम नेता राहुल गांधी के साथ हैं. इससे पहले भी देखा गया था कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर जब राहुल गांधी धरने पर बैठे थे, तब बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता वहां पहुंच गए थे. अब वही तस्वीर एक बार फिर दोहराती हुई दिखाई दे रही है.

    कांग्रेस की तरफ से पूरी तरह से ये संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि वह छात्रों के मुद्दे पर सड़क की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है. यहां राहुल गांधी खुद इस मुद्दे को बेहद आक्रामक तरीके से उठा रहे हैं.

    ये स्थिति दिल्ली पुलिस के लिए भी परेशानी का सबब बन सकती है. इससे पहले जब राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर बैठ गए थे, तब दिल्ली पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों को उन्हें वहां से हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी. उन्हें हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया था. उस दौरान प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव भी वहां पहुंचे थे.

    थाने क्यों गए राहुल गांधी?

    राहुल गांधी का यह दौरा जंतर-मंतर पर हुए CJP के आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े मामले की जांच को लेकर था. यह मामला उस समय सामने आया था जब CJP के आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल की बात सामने आई. इसके बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई थी.

    राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुंचे और वहां से डीसीपी ऑफिस में मामले से जुड़ी जांच की जानकारी लेने की कोशिश की. उनका मकसद यह पता लगाना था कि जांच किस स्टेज पर है और अब तक क्या नतीजे सामने आए हैं. कांग्रेस नेता ने पुलिस अधिकारियों से सीधे इस मामले पर बातचीत करने की कोशिश की, ताकि जांच की सही स्थिति सामने आ सके.

    राहुल गांधी के इस दौरे के बाद जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ा यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. हालांकि, अभी तक जांच के नतीजे या पुलिस की तरफ से हुई किसी ठोस कार्रवाई का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है. यह साफ है कि राहुल गांधी इस मामले को लेकर गंभीर हैं और वह जांच पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

    फिलहाल इस मामले में आगे क्या होता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. पुलिस की तरफ से जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की तस्वीर साफ हो पाएगी.

    क्या है पूरा मामला?

    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को संसद तक निकाले गए मार्च में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. इस दौरान कथित तौर पर आंदोलनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था. यह आंदोलन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून को शुरू हुआ था और प्रधान के इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को खत्म हुआ.

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती और पुलिसकर्मियों पर हुई हिंसा की जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई पावर्ड एन्क्वायरी कमेटी (HPEC) बनाई है. इस कमेटी की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी करेंगे. मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने यह आदेश 18 अगस्त को दिया, जो गुरुवार को अपलोड किया गया.

    कमेटी में पूर्व पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, सीबीआई के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड डीजीपी एल आर बिश्नोई शामिल हैं. कमेटी पैलेट गन के इस्तेमाल सहित पुलिस की अत्यधिक बल प्रयोग की जांच करेगी, साथ ही प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर की गई हिंसा की भी जांच करेगी.

  • भारत ने वेनेजुएला से बढ़ाई कच्चे तेल की खरीद, ऊर्जा सुरक्षा पर दिया जा रहा जोर

    अगस्त में भारत का वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ा, जिससे वह चौथा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया।

    अगस्त में वेनेजुएला भारत का चौथा बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना।वेनेजुएला से आयात 4.44 लाख बैरल प्रति दिन पहुंचा।भारत ऊर्जा सुरक्षा हेतु आपूर्तिकर्ताओं में विविधता ला रहा है।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगस्त में वेनेजुएला से भारत का कच्चा तेल आयात तेजी से बढ़ा है और इस तरह यह दक्षिण अमेरिका देश भारत का चौथा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया।

    केप्लर के आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त में वेनेजुएला से आपूर्ति लगभग 4,44,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) तक पहुं गई और यह इराक (1,18,000 बीपीडी) और अमेरिका (1,53,000 बीपीडी) से बहुत ज्यादा है।

    रूस सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता

    हालांकि, इस सबके बीच रूस सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है और अगस्त में वहां से आयात 20 लाख बैरल प्रतिदिन था। जून-जुलाई में रूसी कच्चे तेल का आयात लगभग 26 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया था जो भारत के कुल कच्चे तेल की खपत का आधे से ज्यादा था।

    रूस से आपूर्ति ने पश्चिम एशिया के पारंपरिक सप्लाई रूट में रुकावट के खिलाफ एक सुरक्षा कवच का काम किया।शिप ट्रेकिंग डाटा कंपनी केप्लर के विश्लेषक सुमित रितोलिया ने कहा, ‘भारत एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रहा है।

    इसमें जहां संभव हो, घरेलू स्तर पर तेल उत्पादन बढ़ाना, विदेशों से कच्चे तेल के आपूर्तिकर्ताओं तथा परिवहन मार्गों में विविधता लाना, रणनीतिक एवं वाणिज्यिक भंडार तैयार करना और गैस, जैव ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहन तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विकल्पों को बढ़ावा देना शामिल है।’ उन्होंने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम से एक व्यापक रणनीति उभर रही है।

    भारत निकट भविष्य में तेल से दूर नहीं जा रहा है बल्कि आपूर्तिकर्ताओं एवं परिवहन विकल्पों का दायरा बढ़ाकर अपनी जरूरत के कच्चे तेल की आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है

    रितोलिया ने कहा कि पश्चिम एशिया से आने वाले कच्चे तेल को पूरी तरह बदलना न तो व्यावहारिक है और न ही जरूरी तौर पर आर्थिक रूप से फायदेमंद है। खाड़ी देशों के उत्पादक भौगोलिक रूप से भारत के अधिक करीब हैं। इससे वेनेजुएला, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और लातिन अमेरिका जैसे वैकल्पिक स्रोतों की तुलना में यात्रा का समय और परिवहन लागत कम रहती है।

  • कांग्रेस को घेर रही बीजेपी के गढ़ में ही हुआ ‘खेल’, नागपुर नगर निगम में वंदे मातरम के दो अंतरे गाने पर विवाद

    कांग्रेस को घेर रही बीजेपी के गढ़ में ही हुआ ‘खेल’, नागपुर नगर निगम में वंदे मातरम के दो अंतरे गाने पर विवाद

    नागपुर नगर निगम की बैठक में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है, जबकि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार पूरे छह अंतरे गाना अनिवार्य है।

    डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के नागपुर में भाजपा शासित नागपुर नगर निगम (NMC) की आम सभा की बैठक के दौरान एक प्रशासनिक चूक सामने आई है। बैठक की शुरुआत में पारंपरिक रूप से गाए जाने वाले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के दौरान केवल दो ही अंतरे गाए गए, जबकि केंद्र सरकार के हालिया निर्देशों के अनुसार इसके सभी अंतरों का पूर्ण गायन किया जाना अनिवार्य है।

    राजनीति बयानबाजी के बीच कहां हुई चूक?

    बता दें कि वंदे मातरम् के गायन को लेकर यह खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में कांग्रेस पार्टी की तरफ से अपने राष्ट्रीय अधिवेशन में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने पर भाजपा और उसके सहयोगियों ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खर्गे की तीखी आलोचना की थी। विडंबना यह है कि खुद भाजपा शासित नागपुर नगर निगम की बैठक में भी केवल दो ही अंतरे गाए गए।

    वंदे मातरम् को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश हैं कि सभी सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरों का पूरा गायन किया जाए। पूरा गायन लगभग 3 मिनट 10 सेकंड का होता है।

    नगर निगम प्रशासन ने क्या सफाई दी?

    हालांकि जब नागपुर नगर निगम के प्रशासन से इस चूक को लेकर सवाल उठाया गया, तो नगर निगम सचिव रंजना लाडे ने पहले तो पूरा गाना गाए जाने का दावा किया, लेकिन केवल दो अंतरे बजाए जाने की बात सामने आने पर उन्होंने कहा कि वे रिकॉर्डिंग कैसेट की जांच करेंगी कि उसमें कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं।

    गौरतलब है कि हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम’ को मंजूरी दी है, जो वंदे मातरम् को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है और इसका अपमान करने या इसके गायन में बाधा डालने को एक दंडनीय अपराध बनाता है। ऐसे में इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि केंद्र के नए निर्देशों के बावजूद निगम में इसका पालन क्यों नहीं किया गया।

  • ‘आवारापन 2’ बनी साल की छठी सबसे बड़ी फिल्म, तोड़ा ‘कॉकटेल 2’ सहित 4 फिल्मों का रिकॉर्ड

    ‘आवारापन 2’ बनी साल की छठी सबसे बड़ी फिल्म, तोड़ा ‘कॉकटेल 2’ सहित 4 फिल्मों का रिकॉर्ड

    Awarapan 2 Box Office Collection Day 6:इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ की कमाई में पहले बुधवार बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि इसने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.

    इमरान हाशमी की लेटेस्ट रिलीज फिल्म ‘आवारापन 2’ का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है. इस फिलम की जबरदस्त ओपनिंग हुई थी और फिर इसका पहला वीकेंड भी शानदार रहा. यहां तक की वीकडेज में भी ये बॉक्स ऑफिस पर काफी मजबूती बनी हुई है और काफी अच्छा परफॉर्म कर रही है.

    दिलचस्प बात ये है कि इसने भारत में बॉक्स ऑफ़िस पर सिर्फ पांच दिनों में ही 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है और ये बॉक्स ऑफिस पर पहले ही हिट हो चुकी है. चलिए यहां जानते हैं कि इसने रिलीज के छठे दिन यानी बुधवार को कितनी कमाई की है?

    आवारापन 2′ की छठे दिन की कमाई कितनी रही?

    आवारापन 2′ की बॉक्स ऑफिस पर धूम मची हुई है. ये फिल्म धुआंधार नोट छापने के साथ ही लगातार नए-नए रिकॉर्ड भी अपने नाम कर रही है. ये इमरान हाशमी के करियर की सबसे बड़ी सोलो फिल्म भी बन चुकी है. इन सबके बीच फिल्म की कमाई की बात करें तो 22 करोड़ से ओपनिंग करने के बाद इसने वीकेंड पर अच्छी तेजी दिखाई थी और जहां शनिवार को इसने 33.75 करोड़ कमाए थे तो वहीं संडे को इसने 26 करोड़ बटोरे.

    वहीं वीकडेज में एंट्री के चलते इसके कलेक्शन में मंडे को गिरावट भी आई और इसने सिंगल डिजिट में 9.25 करोड़ कमाए. हालांकि ब्लॉकबस्टर ट्यूजडे की वजह से इसने फिर तेजी दिखाई और 5वें दिन यानी मंगलवार को 9.75 करोड़ कमाए. लेकिन बुधवार को इसके कलेक्शन में काफी मंदी देखी जा रही है..

    सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘आवारापन 2’ ने रिलीज के छठे दिन यानी बुधवार को 6.75 करोड़ कमाए हैं.इसी के साथ इस फिल्म की 6 दिनों की कुल नेट कमाई 107.50 करोड़ रुपये हो गई है.

    बुधवार को सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बनी साल की 5वीं फिल्म

    आवारापन 2′ की कमाई में 6ठे दिन बेशक मंदी आई है लेकिन ये साल 2026 की ‘पहले बुधवार’ को सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 5वीं फिल्म बन गई है. 6ठे दिन इसने 6.75 करोड़ रुपये के कलेक्शन के साथ ‘ ‘वेलकम टू द जंगल’ (6.07 करोड़) और ‘कॉकटेल 2’ (5.46 करोड़) के पहले बुधवार की कमाई को पीछे छोड़ दिया है.

    साल की ‘पहले बुधवार’ सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्में

    धुरंधर 2 – 49 करोड़ बॉर्डर 2 – 15.04 कराेड़ धमाल 4 – 6.9 करोड़ भूत बंगला – 6.8 करोड़ आवारापन 2- 6.75वेलकम टू द जंगल – 6.07 करोड़ कॉकटेल 2 – 5.46 करोड़

    आवारापन 2′ की कमाई में दूसरे वीकेंड पर तेजी की उम्मीद’आवारापन 2′ की कमाई में फिलहाल वीकडेज के चलते मंदी देखी जा रही है. लेकिन मेकर्स को उम्मीद है कि दूसरे वीकेंड पर फिर इसकी कमाई में जबरदस्त तेजी आएगी. ये 150 करोड़ के क्लब में भी एंट्री कर सकती है. फिलहाल देखने वाली बात होगी की ये दूसरे वीकेंड पर कैसा परफॉर्म कर पाती है.