
भारत के 10 राज्यों में 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी गई है. नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून और मतदान 18 जून को होगा. भाजपा और विपक्षी दल उम्मीदवार चयन में सक्रिय हैं.
इलेक्शन कमीशन ने 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी है. इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है. आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून होगी, जबकि मतदान 18 जून को कराया जाएगा. चुनाव के ऐलान के साथ ही राजनीतिक दलों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं. भाजपा ने भी इस मिशन पर जोर-शोर से लग गई है.
इस चुनाव के मायने राज्यसभा की खाली सीटों को भरने तक ही नहीं हैं, बल्कि बल्कि इसे आने वाले विधानसभा चुनावों और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भाजपा जहां सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं विपक्षी दल भी अपने प्रभावशाली नेताओं को दोबारा सदन में भेजने की तैयारी कर रहे हैं.
कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल हो रहा समाप्त
जिन प्रमुख नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें भाजपा के सांसद और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू शामिल हैं. वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है. ऐसे में यह चुनाव कई बड़े नेताओं के राजनीतिक भविष्य से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है
किन राज्यों में कितनी सीटों पर होगा चुनाव
निर्वाचन आयोग के शेड्यूल के अनुसार आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में चार-चार सीटों पर चुनाव होंगे. मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा. झारखंड में दो सीटें रिक्त हो रही हैं, जबकि मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में एक-एक सीट पर चुनाव होगा. इन राज्यों में विधानसभा की वर्तमान संख्या बल को देखते हुए कई सीटों पर परिणाम लगभग तय माने जा रहे हैं, लेकिन कुछ राज्यों में उम्मीदवारों के चयन और राजनीतिक रणनीति पर सबकी नजरें बनी हुई हैं.
बीजेपी के लिए अहम है उम्मीदवारों का चयन
सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व राज्यसभा चुनाव को सामाजिक प्रतिनिधित्व और आने वाले चुनावों की रणनीति से जोड़कर देख रहा है. पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की हालिया बैठक में लगभग एक दर्जन नामों पर शुरुआती सहमति बन चुकी है. माना जा रहा है कि उम्मीदवारों के चयन में जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा.
पंजाब में रवनीत सिंह बिट्टू की वापसी लगभग तय
पंजाब की राजनीति के लिहाज से देखें तो केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. मौजूदा समय में वे राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं. भाजपा उन्हें पंजाब में सिख समुदाय के एक प्रमुख चेहरे के रूप में देखती है. सूत्रों का कहना है कि 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी बिट्टू को संसद में बनाए रखना चाहती है. ऐसे में उनके दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है
आंध्र प्रदेश में सहयोगी दल से सीट की मांग
आंध्र प्रदेश में भाजपा की नजर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) पर टिकी हुई है. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा गठबंधन की सीट साझेदारी व्यवस्था के तहत टीडीपी से एक राज्यसभा सीट की मांग कर सकती है. यदि ऐसा होता है तो राज्यसभा में भाजपा की संख्या और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं.
मणिपुर में एन. बीरेन सिंह का नाम चर्चा में
मणिपुर की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह का नाम प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है. राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय बीरेन सिंह को भाजपा नेतृत्व महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकता है. हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को ही करना है