शराब घोटाले में अब के. कविता को सुप्रीम कोर्ट से उम्मीदें, सोमवार को जमानत याचिका पर सुनवाई

दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में अब बीआरएस नेता के. कविता ने सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद लगाई है। सुप्रीम कोर्ट के. कविता की जमानत याचिका पर 12 अगस्त को सुनवाई करेगा। के. कविता ने जमानत देने से इनकार करने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक जुलाई को दोनों मामलों में के. कविता की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इस दौरान अदालत ने कहा था कि बीआरएस नेता के. कविता दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 (अब रद्द कर दी गई) को बनाने और उसे लागू करने से संबंधित आपराधिक साजिश में प्रथम दृष्टया मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक हैं।

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई 12 अगस्त की वाद सूची के मुताबिक, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। हाईकोर्ट ने के. कविता की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि फिलहाल नियमित जमानत देने का कोई मामला नहीं बनता क्योंकि जांच महत्वपूर्ण चरण में है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला होने के आधार पर राहत के लिए कविता की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि एक सुशिक्षित व्यक्ति और पूर्व सांसद होने के नाते बीआरएस नेता किसी कमजोर महिला के समान नहीं है। ऐसे में अदालत के. कविता पर लगे गंभीर आरोपों को नजरअंदाज नहीं कर सकती है।

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी कविता पर साउथ ग्रुप के अन्य सदस्यों और AAP के नेताओं के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है। आरोप हैं कि इस साजिश के तहत शराब लाइसेंस के बदले दिल्ली की सत्तारूढ़ पार्टी को 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई। इस पैसे का का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर आप ने 2022 में गोवा विधानसभा चुनाव प्रचार पर खर्च किया था।

विधान परिषद सदस्य के. कविता पर अपराध से 292 करोड़ रुपये की आय अर्जित करके इसके इस्तेमाल करने का आरोप है। ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कविता को हैदराबाद में स्थित उनके बंजारा हिल्स आवास से 15 मार्च को गिरफ्तार किया था, जबकि सीबीआई ने कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें 11 अप्रैल को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था।

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