सोमवार, 2 नवम्बर 2026

खोजें (Search News)

ताजा खबर
14:05मां विंध्यवासिनी के धाम से चुनार के किले तक: मिर्जापुर जिले की ऐतिहासिक विरासत और बदलती सियासत•13:39दिल्ली चलो’ रैली और ‘विरोध मार्च’ के बीच खुले रहे बाजार, पटरी दुकानदारों और खाने-पीने के स्टॉल वालों की खूब हुई कमाई•08:33Shah Rukh Khan 61st Birthday: बर्थडे बॉय शाहरुख की दिखी झलक, फैंस को दी फ्लाइंग KISS, आधी रात फैंस को मिली ट्रीट•14:12ओडिशा में बाढ़ प्रभावित इलाकों में बहाली का काम तेज, 96% से अधिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शुरू•14:08मतुआ समुदाय को नागरिकता देगी सरकार•14:06सीआईएसएफ ने लागू किया ‘फंक्शनल कमांड’ सिस्टम•14:04टिकट पर दिखेगा पाई-पाई का हिसाब•14:11रामलीला मैदान में विपक्ष की हुंकार, BJP का पदयात्रा से पलटवार, SIR पर सियासी संग्राम तेज•14:05मां विंध्यवासिनी के धाम से चुनार के किले तक: मिर्जापुर जिले की ऐतिहासिक विरासत और बदलती सियासत•13:39दिल्ली चलो’ रैली और ‘विरोध मार्च’ के बीच खुले रहे बाजार, पटरी दुकानदारों और खाने-पीने के स्टॉल वालों की खूब हुई कमाई•08:33Shah Rukh Khan 61st Birthday: बर्थडे बॉय शाहरुख की दिखी झलक, फैंस को दी फ्लाइंग KISS, आधी रात फैंस को मिली ट्रीट•14:12ओडिशा में बाढ़ प्रभावित इलाकों में बहाली का काम तेज, 96% से अधिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शुरू•14:08मतुआ समुदाय को नागरिकता देगी सरकार•14:06सीआईएसएफ ने लागू किया ‘फंक्शनल कमांड’ सिस्टम•14:04टिकट पर दिखेगा पाई-पाई का हिसाब•14:11रामलीला मैदान में विपक्ष की हुंकार, BJP का पदयात्रा से पलटवार, SIR पर सियासी संग्राम तेज•

US-Iran War Impact: ईरान युद्ध जारी… विदेशी निवेशकों का मूड खराब, दो दिन में ₹20000Cr निकाले

अमेरिका और ईरान में युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है. इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी भी नहीं हो पा रही है. मार्च में तगड़ी निकासी के बाद अप्रैल को दो दिनों में एफपीआई ने करीब 20,000 करोड़ रुपये निकाले हैं.

मिडिल ईस्ट में युद्ध से दुनिया के तमाम देशों में हाहाकार मचा है. तेल-गैस संकट के अलावा अलग शेयर बाजारों की बात करें, तो इनमें उथल-पुथल का दौर जारी है. Iran War खत्म होने का नाम नहीं ले रही है और इसके चलते विदेशी निवेशकों का मूड खराब नजर आ रहा है. इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि मार्च में तगड़ी बिकवाली करने के बाद एफपीआई ने अप्रैल महीने के महज दो दिनों में ही बाजारों से करीब 20000 करोड़ रुपये निकाल लिए.

लगातार भाग रहे विदेशी निवेशक

अमेरिका-ईरान के बीच जारी संघर्ष, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपये के लगातार गिरने के चलते विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में वापसी नहीं हो पा रही है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ अप्रैल के पहले दो कारोबारी दिनों में ही FPI ने 19,837 करोड़ रुपये (2.1 अरब डॉलर) की निकासी की है.

इससे पहले मार्च महीने में ताबड़तोड़ बिकवाली देखने को मिली थी. विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से 1.17 ट्रिलियन रुपये (लगभग 12.7 अरब डॉलर) की रिकॉर्ड निकासी की थी और विदेशी निवेशकों के भागने का सिलसिला अप्रैल की शुरुआत में भी जारी नजर आया है.

तीन महीने बाद हुई थी वापसी

गौरतलब है कि बीते साल के आखिरी महीनों से ही विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार से निकलने का सिलसिला तेज हो गया था और लगातार तीन महीने की बिकवाली के बाद आखिरकार फरवरी 2026 में ही इनकी वापसी हुई थी.

डिपॉजिटरी के आंकड़ों को देखें, FPI ने नवंबर 2025 में 3,765 करोड़ रुपये, दिसंबर 2025 में 22,611 करोड़ रुपये और जनवरी 2026 में 35,962 करोड़ रुपये निकाले थे. इसके बाद अचानक फरवरी में वापसी करते हुए एफपीआई ने 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो पिछले 17 महीनों में सबसे अधिक था. लेकिन मार्च में अमेरिका-ईरान युद्ध ने फिर विदेशी निवेशकों का मूड खराब कर दिया.

इस साल अब तक इतनी निकासी

अप्रैल के शुरुआती दो दिनों की निकासी के साथ ही अब इस साल 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा निकाली गई कुल रकम 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.

एक्सपर्ट्स की मानें, तो ईरान युद्ध का जारी रहना, Crude Oil Price 100 डॉलर के पार बना हुआ है और भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार टूट रहा और बीते दिनों 95 के स्तर तक आ चुका है. इससे एफपीआई भारत से निकलने को मजबूर हैं. ग्लोबल टेंशन कम होने और कच्चे तेल की कीमतों के नीचे आने तक विदेशी निवेशकों के भागने पर ब्रेक लगता नजर नहीं आ रहा है.