
दिल्ली में विपक्षी गठबंधन की रैली और भाजपा के मार्च के बावजूद बाजार खुले रहे। कारोबार ठप होने की आशंकाएं गलत साबित हुईं, पटरी दुकानदारों और खाने-पीने के स्टॉल वालों की बंपर कमाई हुई।
रविवार को दिल्ली में हर तरफ दुकानें खुली रहीं। राजनीतिक रैली के कारण कारोबार को नुकसान होने की आशंकाएं गलत साबित होती दिखीं। कुछ दिनों से कई व्यापारी संगठन नुकसान होने का दावा कर रहे थे। दिल्ली में रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन की रैली थी और भाजपा ने हरिनगर इलाके में जुलूस निकाला था।
दोनों ही कार्यक्रमों के रास्तों पर तमाम दुकानें, रेहड़ी-पटरी वाले, यहां तक कि ठेले वाले कारोबार करते नजर आए। भाजपा ने हरिनगर डीटीसी बस डिपो से जुलूस शुरू किया और जेल रोड होते हुए लाजवंती चौक से तिलक नगर मेट्रो नंबर गेट चार के पास इसका समापन किया। कांग्रेस का प्रदर्शन मिंटो रोड – कनाट प्लेस जंक्शन से शुरू हुआ और बीच में अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पर खत्म हुआ।
बीजेपी ने उठाया था कारोबारियों के नुकसान का मुद्दा
भाजपा ने बीते कुछ दिनों से लगातार इंडिया गंठबंधन की रैली को लेकर कारोबार को नुकसान का मुद्दा उठाया। कई व्यापारी संगठनों ने इस बाबत राहुल गांधी और सोनिया गांधी को पत्र लिखे। लेकिन रविवार को तिलक नगर से लेकर सीपी तक यह दुकानें खुली दिखीं।
फूल की दुकान से लेकर बड़े नाम वाले होटल और कपड़े की दुकानें सब खुली रहीं। सबसे अधिक मौज ठेले पर चना और झालमुड़ी बेचने वालों की दिखी। जिसे खाना लोग अधिक पसंद करते हैं। रंजीत सिंह फ्लाईओवर के आस-पास बड़ी संख्या में फल वाले और अन्य खाने के सामान ठेले पर बिकते हुए दिखे। तिलक नगर में भी भाजपा के मार्च वाली जगह पर एक भी दुकान बंद नहीं था। कहीं भी ऐसा देखने को नहीं मिला कि मार्च या रैली के कारण कहीं भी किसी को दिक्कत हुई हो केवल ट्रैफिक ही रैली या मार्च के कारण थोड़ी बहुत परेशानी का कारण बना।
बीजेपी ने सिख विरोधी दंगों के को लेकर निकाला मार्च
बीजेपी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के कुछ घंटों बाद हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर हरिनगर से तिलक नगर तक मार्च निकाला। इस रैली के मार्ग में दुकानें खुली दिखीं। भाजपा की रैली के मार्ग में यातायात बाधित होने से जाम जरूर लगा। सड़क के एक तरफ की लेन बंद कर दी गई थी।
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी के कारण मेट्रो से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा बंदोबस्त कड़े थे। तिलक नगर मेट्रो गेट नंबर चार के सामने भी काफी देर तक भीड़ भाड़ देखने को मिली। इस दौरान यहां से गुजरने वालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पूरी तरह खुले रहे बाजार
संवाददाता अनामिका सिंह की रिपोर्ट के अनुसार, इंडिया गठबंधन द्वारा रविवार को आयोजित ‘दिल्ली चलो रैली’ के मिले-जुले परिणाम बाजारों पर देखने को मिले। जहां कनाट प्लेस, जनपथ व पालिका बाजार पूरी तरह खुला रहा। वहीं पुरानी दिल्ली की दुकानें बंद रहीं लेकिन पटरी बाजार के जरिए जमकर व्यवसाय हुआ और बड़ी संख्या में खरीदार यहां दिवाली की खरीदारी करने के लिए पहुंचे थे।
वहीं कनाट प्लेस में खाने-पीने का सामान व सड़कों पर झंडा बेचने वालों को खूब मुनाफा हुआ। हालांकि कनाट प्लेस के व्यवसायियों का कहना था कि रैली के चलते कनाट प्लेस घूमने व खरीदारी करने वालों की संख्या घटी है। इस बारे में पूछे जाने पर नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि रविवार को पूरा कनाट प्लेस बाजार खुला रहा।
ज्यादा क्यों नहीं हो पाया कारोबार
हालांकि शाम साढ़े चार बजे तक कनाट प्लेस का व्यवसाय 5-10 फीसद के बीच हुआ है क्योंकि रैली की वजह से कनाट प्लेस घूमने वालों व खरीदारों ने दूरी बनाकर रखी थी। वहीं कुछ लोग जो आए भी तो उन्हें पार्किंग की समस्या हुई, क्योंकि रैली में आने वालों ने अपनी गाड़ियां कनाट प्लेस पार्किंग में सुबह दस बजे ही लगा दी थीं जिससे उन्हें जगह नहीं मिली और लोग लौट गए जबकि कनाट प्लेस की गलियों में खाने-पीने जैसे गोल-गप्पे, झालमुड़ी, बर्गर, फ्रूट चाट, चाय व काफी, पानी इत्यादि बेचने वालों को जमकर मुनाफा हुआ। रैली में आने वाले लोगों ने यहां खाने-पीने की वस्तुओं को खूब खरीदा।
विपक्षी दलों के झंडे व टोपियां बेचते हुए भी कुछ लोग दिखाई दिए, जिनसे लोग खरीदारी कर रहे थे। वहीं फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) के महामंत्री राजेंद्र शर्मा ने बताया कि पुरानी दिल्ली के सभी थोक बाजार चाहे वो सदर बाजार हो, चांदनी चौक, खारी बावली इत्यादि सभी रविवार को बंद रहते हैं। हालांकि सदर बाजार में पटरी बाजार रविवार को लगा और लोगों ने जमकर दिवाली के सामानों की खरीदारी की।
कारोबार अच्छा रहा
कई बार पुलिस द्वारा पटरी बाजार को उठवाया भी गया लेकिन दोबारा विक्रेताओं ने दुकानें सजा दीं। रैली को लेकर बाजार प्रभावित रहने के बीच सर्वाधिक खरीदारी करने वालों की भीड़ सरोजिनी नगर मार्केट पहुंची। सरोजिनी नगर मिनी मार्केट एसोसिएशन के प्रधान अशोक रंधावा ने बताया कि विपक्ष की रैली की आशंकाओं के विपरीत करीब एक लाख से अधिक संख्या में दिल्ली-एनसीआर से खरीदारी करने पहुंचे थे जिससे कारोबार अच्छा रहा।
विपक्ष की रैली में शामिल होने के अलावा बाहर से आए लोगों ने जमकर खरीदारी की। भीड़ के चलते पुलिस ने अवरोधक लगाकर गाड़ियों की आवाजाही रोकी। बावजूद पैदल आने वाले ग्राहकों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। हाल यह था कि सरोजिनी नगर मेट्रो स्टेशन पर करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी हुई थी।
