किसान के पुत्र किशन ने दुनिया से अलविदा होने से पहले चार लोगों को दी नई जिंदगी

अहमदाबाद. खेडा जिले के कपड़वंज निवासी किसान का पुत्र किशन परमार (19) दुनिया से अलविदा होने से पूर्व चार जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे गया। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए इस युवक को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। परिजनों के अंगदान की स्वीकृति देने से उसके चार अंगों का दान स्वीकार किया गया।
कपडवंज निवासी किशन परमार पिछले दिनों अपनी बहन को परीक्षा सेंटर पर छोड़कर वापस जा रहे थे। उस दौरान अचानक मोटरसाइकिल फिसलने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के लिए वात्रक स्थित अस्पताल ले जाया गया, लेकिन सिर में गंभीर चोट आने के कारण अहमदाबाद सिविल अस्पताल में रैफर किया गया। गहन उपचार के बावजूद किशन की हालत में सुधार नहीं हुआ। अंतत: चिकित्सकों की ओर से जरूरी जांच करवाई गई, इसके बाद मंगलवार को इस युवक को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।
अस्पताल की टीम ने किशन के परिजनों को अंगदान के लिए समझाया। उस दौरान माता गीता परमार ने पुत्र के ब्रेन डेड के गम के बीच अंगदान की स्वीकृति दे दी। गीताबेन का मानना है कि उनके पुत्र से अन्य किन्हीं माताओं के पुत्रों या पुत्रियों को नई जिंदगी मिल सकेगी। किशन के हृदय, दो किडनी और लिवर का दान किया गया गया।
सिविल अस्पताल में 148 वां ब्रेन डेड अंगदाताअहमदाबाद के सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि ब्रेन डेड घोषित किए गए किशन परमार 148 वें ब्रेनडेड अंगदाता बने हैं। अब तक 148 दाताओं अब तक इन दाताओं की ओर से 477 अंग मिले हैं, इनके माध्यम से 460 लोगों को नई जिंदगी मिली है। उन्होंने ब्रेन डेड किशन परमार को लेकर कहा कि किसान परिवार से संबंध रखने वाले किशन के दो भाई और बहन हैं। उनके पिता नहीं हैं, लेकिन माता ने पुत्र के अंगदान का जो निर्णय लिया है उससे चार लोगों को नई जिंदगी मिल गई है।

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