महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरद पवार) के महाविकास अघाडी गठबंधन में कई लोकसभा सीटों को लेकर रस्साकशी चल रही है। जिसमें मुंबई की भी दो सीटें शामिल है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मुंबई की छह में से पांच लोकसभा सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है।
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में अब सिर्फ 17 दिन बचे हैं, लेकिन जोरदार प्रचार और शक्ति प्रदर्शन तो छोड़िए, अभी तक विपक्षी गठबंधन ने 12 सीटों पर उम्मीदवार भी तय नहीं किया है। इससे राजनीतिक गलियारे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस बीच कांग्रेस नेता संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) ने बड़ा दावा किया है। निरुपम ने कहा कि मुंबई में उद्धव ठाकरे के सभी पांच उम्मीदवार हार जाएंगे, क्योंकि उनकी ताकत अब पहले जैसी नहीं रही है।
संजय निरुपम ने मुंबई में कांग्रेस और उद्धव गुट के बीच लोकसभा सीटों का बंटवारा बराबर न होने पर नाराजगी जताई है। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, मैं अभी यह भविष्यवाणी कर रहा हूं… मुंबई में किसी भी सीट पर उद्धव की शिवसेना नहीं जीतेगी। यह मेरा चैलेंज है। 2022 से पहले वाली शिवसेना अब नहीं रह गई है… फूट पड़ने से दमखम घटा है। लेकिन इस बारे में बिना सोचे-समझे ठाकरे गुट ने मुंबई की पांच लोकसभा सीटें मांग लीं। लेकिन उन सभी सीटों पर उनकी हार होगी।