अफगानिस्तान की महावाणिज्य दूत ने किया जीयू का दौरा, उठाए कदमों से संतुष्ट

गुजरात विश्वविद्यालय (जीयू) के हॉस्टल में 16 मार्च की रात को खुले में विदेशी छात्रों की ओर से नमाज पढ़ने को लेकर हुए विवाद, मारपीट, पथराव व तोड़फोड़ की घटना के बाद शुक्रवार को अफगानिस्तान की महावाणिज्य दूत जाकिया वर्दाक ने गुजरात विश्वविद्यालय (जीयू) का दौरा किया। उन्होंने जीयू में पढ़ने वाले उनके देश के विद्यार्थियों के साथ मुलाकात की। पूरे घटनाक्रम को समझा और जीयू की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता से भी बैठक की।
जाकिया वर्दाक ने मीडिया को बताया कि उनके देश के छात्र जीयू में पांच साल से पढ़ रहे हैं। उन्होंने छात्रों से बातचीत की। छात्रों ने यहां शाति होने और सब कुछ ठीक होने की बात कही है। भारत की सरकार काफी मित्रवत है, जिससे चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार भी इस मामले को देख रही है। वे इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते हैं, क्योंकि छात्रों ने भी ज्यादा गंभीर शिकायतें नहीं की हैं। उन्हें भारत की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। यहां सभी भारतीय भाई-बहन जैसे हैं।
हम यह चाहते हैं कि बस इस प्रकार की घटना दोबारा ना हो। विदेशी विद्यार्थियों को पर्याप्त सुरक्षा मिले। वर्दाक ने कहा कि उन्होंने उनके देश के छात्रों से कहा कि वे भारत को अपना दूसरा घर समझें, क्योंकि वे यहां पढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर उन्होंने अहमदाबाद शहर के पुलिस आयुक्त से भी मुलाकात की है। जीयू की कुलपति से भी चर्चा की है।
कुछ दिन पहले गाम्बिया उच्चायोग के एक प्रतिनिधि मंडल ने भी जीयू का दौरा किया था। वे भी जीयू के उठाए गए कदमों से संतुष्ट नजर आए थे। ज्ञात हो कि 16 मार्च की रात को जीयू हॉस्टल के ए ब्लॉक में विदेशी छात्रों के खुले में नमाज पढ़ने पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी। विरोध किया था, इस दौरान विदेशी छात्र ने विरोध करने वाले एक युवक को तमाचा मार दिया था। इसके बाद वहां इकट्ठा लोगों ने विदेशी छात्रों पर पथराव शुरू कर दिया। उनके वाहनों, कमरों में तोड़फोड़ की थी। इस मामले में 20-25 लोगों की भीड़ के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब तक पांच आरोपियों की ही गिरफ्तारी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *