
शेयर बाजार में आज 22 अप्रैल को भारी गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है. सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा फिसलकर 78,461 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी 200 अंक से अधिक गिरकर 24,364 के पास ट्रेड करते हुए नजर आया. इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में कमजोरी को माना गया है. साथ ही, यूएस और ईरान के बीच भले ही सीजफायर बढ़ा हो लेकिन अभी भी जियो-पॉलिटिकल टेंशन बनी हुई है. ग्लोबल बाजारों पर भी दबाव साफ दिखा है.
शेयर बाजार में आज 22 अप्रैल को भारी गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है. सेंसेक्स 811 अंक फिसलकर 78,461 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी 211 अंक गिरकर 24,364 के पास ट्रेड कर रहा है. निफ्टी आईटी में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेस, निफ्टी ऑटो और फॉर्मा में भी बिकवाली दर्ज की जा रही है. वहीं, मेटल, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में खरीदारी देखने को मिली है.
निफ्टी टॉप लूजर्स की बात करें तो HCL Tech में 9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. इसके अलावला टेक महिंद्रा और इंफोसिस में 3 फीसदी की गिरावट आई है. ये सभी आज के टॉप लूजर्स में शामिल हैं. वहीं, Nesle India में 2 फीसदी की बढ़त आई है. टाटा कंज्यूमर्स और NTPC में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है. ये सभी शेयर्स आज के टॉप गेनर्स में हैं. अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि शेयर बाजार में आज किन-किन वजहों से गिरावट आई है.
आईटी सेक्टर में भारी गिरावट
आज बाजार में गिरावट की बड़ी वजह आईटी शेयरों में कमजोरी रही है. HCLTech में आज 9 फीसदी से ज्यादा की गिरावट है. इसका असर पूरे आईटी सेक्टर पर पड़ा और Infosys, TCS और Tech Mahindra के शेयर भी दबाव में आ गए. असल में HCL Tech के Q4 रिजल्ट अनुमान से कमजोर रहे हैं. कंपनी का कहना है कि जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते क्लाइंट्स ने टेक खर्च में कटौती की, जिसका असर नतीजों पर दिखा. HCLTech का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12.3% बढ़कर ₹33,981 करोड़ हो गया, लेकिन यह भी एनालिस्टों के औसत अनुमान ₹34,236 करोड़ से कम रहा.
ग्लोबल टेंशन बढ़ी
मिडिल ईस्ट में हालात फिलहाल थोड़े शांत जरूर हुए हैं, लेकिन अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने का ऐलान किया है और कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के अनुरोध पर लिया गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर अमेरिका का ब्लॉकेड जारी रहेगा, जिसके चलते बाजारों में राहत के बावजूद चिंता बनी हुई है.
यूएस मार्केट का हाल
ग्लोबल बाजारों पर भी दबाव साफ दिखा है. अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ. Dow Jones 0.59% गिरकर 49,149 पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 0.63% कमजोर होकर 7,064 पर बंद हुआ. वहीं Nasdaq भी करीब 0.59% की गिरावट के साथ क्लोज हुआ.
भले ही मुख्य इंडेक्स में गिरावट आई हो, लेकिन बाजार के कई सेक्टर अभी भी मजबूत बने हुए हैं. अच्छे नतीजों की वजह से फाइनेंशियल सेक्टर और कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है, वहीं पावर सेक्टर भी अच्छा परफॉर्म कर रहा है. आने वाले समय में बाजार की दिशा ऑटो, बैंक और आईटी कंपनियों के नतीजों के साथ-साथ ग्लोबल संकेतों पर निर्भर करेगी.

