Hindi News / Madhya pradesh

18 दिनों में सिर्फ 2 इंच पानी गिरा, आज सुबह आस जगी पर दोपहर में धूप निकल आई

Article Top Ad

इंदौर में मानसून की धीमी रफ्तार चिंता का कारण बनी हुई है, जहां अगस्त के 18 दिनों में केवल 2 इंच बारिश दर्ज हुई है। पूरे सीजन की पूर्ति के लिए आगामी 42 दिनों में शहर को 20 इंच से अधिक बारिश की दरकार है।

शहर में बुधवार को सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। आसमान में घने काले बादल छाए थे और शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कहीं हल्की बूंदाबांदी तो कहीं रुक-रुककर रिमझिम फुहारें गिरीं। हालांकि, दोपहर होते होते फिर से तेज धूप निकल आई। अगस्त महीने के 18 दिन बीत जाने के बाद भी इंदौर में इस माह अब तक केवल लगभग 2 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते मानसून की सुस्त रफ्तार को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं।

इस मानसूनी सीजन में इंदौर में अब तक कुल मिलाकर करीब 18 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर शहर में पूरे मानसूनी सीजन के दौरान लगभग 38 इंच बारिश दर्ज होती है, जबकि इस बार जल आपूर्ति और मौसमी संतुलन के लिए कम से कम 40 इंच पानी की जरूरत आंकी गई है। इस स्थिति में मानसून के शेष बचे 42 दिनों के भीतर शहर को 20 इंच से अधिक बारिश की आवश्यकता पड़ेगी।

बादल छाए लेकिन मूसलाधार बारिश नदारद

अगस्त के महीने में मौसम की स्थिति ऐसी बनी हुई है कि आकाश में बादलों की आवाजाही लगातार बनी हुई है, परंतु तेज बारिश के लिए आवश्यक मौसमी सिस्टम निर्मित नहीं हो पा रहा है। बीते 1 सप्ताह से शहरवासी केवल बूंदाबांदी और हल्की फुहारों का सामना कर रहे हैं। 18 अगस्त को दिनभर मौसम पूरी तरह साफ रहा, जबकि 19 अगस्त की सुबह से एक बार फिर घने बादल छा गए। इंदौर के आसपास स्थित विभिन्न जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, परंतु इंदौर शहर में बादल बरसने के बजाय केवल बूंदाबांदी तक सिमटकर रह जाते हैं। इसका सीधा प्रभाव कुल मानसूनी आंकड़ों पर पड़ रहा है।

अगस्त और सितंबर के महीनों पर टिकी उम्मीदें

मौसम चक्र के अनुसार इंदौर के लिए अगस्त और सितंबर के महीने सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि वर्षा का मुख्य कोटा इन्हीं दो महीनों में पूरा होता है। सामान्य परिस्थितियों में अगस्त के दौरान 10 से 11 इंच बारिश दर्ज की जाती है और इस दौरान लगभग 12 से 13 दिन वर्षा वाले होते हैं। इस आधार पर देखा जाए तो अगस्त के 18 दिन बीतने के बाद केवल 2 इंच वर्षा का होना सामान्य औसत से काफी कम है। अब इस महीने के शेष दिनों में होने वाली वर्षा पर ही मानसून के कुल आंकड़ों का दारोमदार रहेगा।

आगामी 42 दिनों में 20 इंच से अधिक बारिश की दरकार

मानसून के चालू सीजन में अब लगभग 42 दिन शेष बचे हैं। सामान्य मानसूनी आंकड़े को प्राप्त करने के लिए शहर को इस अवधि में 20 इंच से अधिक बारिश की सख्त जरूरत है। यदि आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू नहीं होता है, तो वर्षा के निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल साबित हो सकता है।

20 से 24 अगस्त के मध्य बारिश बढ़ने के आसार

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर बने दबाव के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज रहीं। 19 अगस्त को विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके बाद 20 से 24 अगस्त के बीच वर्षा की गतिविधियां मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। इंदौर और इसके आसपास के इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में यह सिस्टम मूसलाधार बारिश में बदल पाता है या नहीं

Article Inline Ad
Article Bottom Ad