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छेड़खानी का विरोध करना पड़ा भारी, पुलिस की गाड़ी से खींचकर युवक की हत्या, बवाल के बाद 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

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झारखंड के जमशेदपुर में छेड़खानी का विरोध करने वाले हिमांशु सिंह की चाकू मारकर हत्या के बाद भारी बवाल मच गया. पुलिस की लापरवाही पर 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए, जबकि लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया

झारखंड के जमशेदपुर में छेड़खानी का विरोध करना एक युवक को बहुत भारी पड़ गया, जिसका खामियाजा उसे अपनी जान देकर चुकाना पड़ा. बिष्टुपुर इलाके के एक बार में हुए विवाद के बाद बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी से दो युवकों को खींचकर उन पर हमला कर दिया. इस हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.

पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में मौजूद एक बार में कथित तौर पर महिलाओं से छेड़खानी की घटना हुई. हिमांशु सिंह और उनके एक साथी ने उसका विरोध किया. विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद बढ़ गया. मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपने वाहन में बैठा लिया.

आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों ने दोनों युवकों को पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी से बाहर खींच लिया. इसके बाद आरोपियों ने दोनों पर चाकुओं से हमला कर दिया. हमले में हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनका साथी भी बुरी तरह जख्मी हो गया. हमले के बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.

पुलिस के अनुसार, घायल हिमांशु सिंह का इलाज चल रहा था, लेकिन सोमवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया. वहीं, दूसरे घायल युवक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल में जारी है. हिमांशु की मौत की खबर सामने आते ही पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया.

इस मामले में पुलिस ने बार मालिक सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.

पुलिस विभाग की ओर से कराई गई जांच में पेट्रोलिंग टीम की लापरवाही की पुष्टि हुई है. डिप्टी एसपी द्वारा की गई जांच और सीसीटीवी फुटेज देखने पर कई गंभीर चूक सामने आईं हैं. इसके बाद सहायक उपनिरीक्षक रतन कुमार दास, राजेश कुमार रंजन और कांस्टेबल मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है

हिमांशु सिंह की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग बिष्टुपुर गोलचक्कर पर जमा हो गए और बड़े पैमाने पर सड़क जाम कर दी. प्रदर्शनकारियों ने छह घंटे से अधिक समय तक शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक को बंद रखा. लोगों ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की.

विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे सिटी एसपी ललित मीणा की गाड़ी पर भी हमला किया, जिससे वाहन का एक शीशा टूट गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिष्टुपुर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया.

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि पुलिस वाहन से युवकों को खींचकर हमला किया जाना कानून व्यवस्था की पूरी तरह विफलता को दर्शाता है.

वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर अपराधी पुलिस वाहन से लोगों को निकालकर हमला कर सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.,

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