
Gold-Silver ETF Fall: सोना-चांदी की कीमतों में तगड़े उतार-चढ़ाव के बीच गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. टाटा से लेकर निप्पोन इंडिया तक तमाम दिग्गज ईटीएफ रेड जोन में बंद हुए.
शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी देखने को मिली. वहीं दूसरी ओर सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के बाद अचानक तेजी आई. एमसीएक्स पर दोनों कीमती धातुएं ग्रीन जोन में कारोबार कर रही थीं, लेकिन गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में कोहराम मचा रहा. तमाम कंपनियों के Gold-Silver ETF ओपनिंग के साथ ही गिरावट में कारोबार करते दिखाई दिए. इनमें 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है.
Silver ईटीएफ में हर ओर गिरावट
दिग्गज सिल्वर ईटीएफ सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई. मार्केट में कारोबार शुरू होने के साथ ही ये फिसले और जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा इनमें गिरावट तेज होती चली गई. Tata Silver Exchange Trading Fund (3.90%), Nippon India Silver ETF (3.98%), Groww Silver ETF (3.70%), Zerodha Silver ETF (3.70%), HDFC Silver ETF (4.05%) की गिरावट पर थे.
इसके अलावा मिराई एसेट सिल्वर ईटीएफ, एक्सिस सिल्वर ईटीएफ, एसबीआई सिल्वर ईटीएफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ भी करीब 4 फीसदी की गिरावट में कारोबार करते हुए नजर आए.
Gold ईटीएफ का भी चांदी जैसा हाल
गोल्ड ईटीएफ की बात करें, तो यहां भी हाल सिल्वर ईटीएफ के जैसा ही नजर आया. ज्यादातर कंपनियों के सिल्वर ईटीएफ रेड जोन में कारोबार कर रहे हैं. Tata गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (2.40%), निप्पोन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीस (2.35%), ग्रो गोल्ड ईटीएफ (2.20%) फिसल गए.
सोना-चांदी की कीमतों का हाल
जहां एक ओर Gold-Silver ETF में गिरावट देखने को मिली है, तो वहीं सोना-चांदी की कीमतों में ओपनिंग के साथ ही बड़ा उतार-चढ़ाव आया है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वायदा कारोबार शुरू होते ही दोनों कीमती धातुएं गिरावट के साथ ओपन हुई थीं, लेकिन कुछ देर के कारोबार के बाद दोनों में तेजी आई गई.
खबर लिखे जाने तक 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली वायदा चांदी करीब 3000 रुपये की उछाल के साथ 2.16 लाख रुपये पर ट्रेड कर रही थी, तो वहीं 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला वायदा सोना 1.42 लाख रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था. सोना-चांदी की कीमतों में बीते तीन दिनों से तेज गिरावट का सिलसिला जारी थी.
गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में गिरावट के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, तो अमेरिकी डॉलर के मजबूत बने रहने और US Fed की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है. इससे Gold-Silver के आकर्षण में कमी आई है.

