“ऑपरेशन सद्भावना” लोकतंत्र को मजबूत करने वाली पहल – राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन– सिक्किम के विद्यार्थियों ने राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन से की मुलाकात

पी.वी.आनंदपद्मनाभन
मुंबई,
भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड की पहल “ऑपरेशन सद्भावना” भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाला उपक्रम है। सिक्किम के युवाओं की सक्रिय भागीदारी से यह पहल समावेशी और एकजुट भारत के भविष्य को नई ऊर्जा देगी, ऐसा विश्वास महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने व्यक्त किया।

राजभवन में भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड द्वारा “ऑपरेशन सद्भावना” के अंतर्गत आयोजित नेशनल इंटीग्रेशन टूर के तहत सिक्किम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भेंट दी। इस अवसर पर मेजर सुरजन सिंह नेगी, मेजर आरती रावत, सिक्किम विश्वविद्यालय के 15 विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित थे।

राज्यपाल राधाकृष्णन ने कहा कि सिक्किम के विभिन्न गांवों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद करने का यह अवसर उनके लिए अत्यंत आनंददायक है। मेजर सुरजन सिंह नेगी और उनकी टीम के इस पहल की उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि सेना केवल देश की रक्षा नहीं करती, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समृद्धि के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। देश के विभिन्न हिस्सों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति से जोड़ने वाले इस दौरे से सौहार्द, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और एकता की भावना और भी प्रबल होगी।

राज्यपाल ने कहा कि इस दौरे से विद्यार्थियों को महाराष्ट्र की संस्कृति और भौगोलिक जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। नवाचारपूर्ण पहल और यात्रा का अनुभव इन विद्यार्थियों के लिए जीवनभर की पूंजी बनेगा। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने ‘एकता में विविधता’ का संदेश दिया और उनके अनुभवों से प्रेरणा लेकर भारतीय संस्कृति और एकता को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान देश के प्रति अपने कर्तव्य और जिम्मेदारियों पर भी प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने भी राज्यपाल के सवालों के आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए।

इस अवसर पर मेजर सुरजन सिंह नेगी ने “ऑपरेशन सद्भावना” के अंतर्गत महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थियों द्वारा की गई यात्राओं की जानकारी साझा की।

राजभवन के आतिथ्य से अभिभूत हुए विद्यार्थी

सिक्किम विश्वविद्यालय की विद्यार्थिनी लेक्चूम लेक्चा, सोनम लेक्चा, और लाका डोमा ने राज्यपाल से संवाद के दौरान कहा कि “हमने जीवन में पहली बार हवाई यात्रा की है। मुंबई को हमने केवल फिल्मों में देखा था, लेकिन आज प्रत्यक्ष देखकर यह शहर वाकई भव्य और मनोहारी लग रहा है। ऊंची इमारतें और विशाल समुद्र की लहरें देखकर मन प्रसन्न हो गया।” उन्होंने कहा कि “राज्यपाल से मिला स्नेह, आतिथ्य और अपनापन हमें बहुत भावुक कर गया। इस अनुभव को हम अपने माता-पिता, शिक्षकों और मित्रों से जरूर साझा करेंगे।”

विद्यार्थियों के निवास की व्यवस्था और संपूर्ण यात्रा के दौरान सभी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। विद्यार्थियों ने एन.डी.ए. में प्रशिक्षण और अनुशासन का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने गिरगांव चौपाटी, अटल सेतु, गेटवे ऑफ इंडिया जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा किया और मुंबई के प्रसिद्ध बाजारों में खरीदारी का भी आनंद लिया।

विद्यार्थियों ने कहा, “मुंबई के बारे में जो कुछ सुना था, वह सब प्रत्यक्ष अनुभव करने को मिला। राज्यपाल से मिलने का अवसर हमारे लिए गौरव की बात है।” उन्होंने कहा कि इस दौरे में बहुत कुछ सीखने को मिला और राजभवन का यह अनुभव हमारे जीवन का अविस्मरणीय हिस्सा बन गया है। “यहां सीखी गई बातें भविष्य में देशसेवा के मार्ग पर उपयोगी सिद्ध होंगी,” ऐसा भी उन्होंने कहा।

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