प्रधानमंत्री मोदी का ‘महा’दौरा

नागपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को नागपुर दौरे पर रहेंगे, जहां वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के स्मारक जाएंगे और माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर के विस्तार भवन की आधारशिला रखेंगे। मोदी नागपुर के रेशिमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर भी जाएंगे, जहां आरएसएस के द्वितीय सरसंघचालक एम. एस. गोलवलकर का स्मारक भी स्थित है। इसके अलावा, वे दीक्षाभूमि भी जाएंगे, जहां 1956 में डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण किया था। प्रधानमंत्री मोदी सोलर एक्सप्लोसिव प्लांट का भी दौरा करेंगे। इस दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी उनके साथ उपस्थित रहेंगे।

भव्य स्वागत की तैयारी
महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुल ने गुरुवार को ये जानकारी दी। बावनकुले ने बताया कि प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए शहर के 47 चौराहों पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार हेडगेवार स्मारक जाएंगे मोदी
आरएसएस के इतिहासकारों के अनुसार, ये पहला मौका है जब कोई प्रधानमंत्री डॉ. हेडगवार स्मृति मंदिर परिसर का दौरा करेगा। वर्ष 2007 में अटल बिहारी वाजपेई यहां आए थे लेकिन उस वक्त वो प्रधानमंत्री नहीं थे। मोदी प्रचारक के तौर पर यहां पहले आ चुके हैं लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में ये उनका पहला दौरा है। 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी और संघ प्रमुख भागवत की ये तीसरी, और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद सार्वजनिक तौर पर मुलाकात वाला ये पहला कार्यक्रम होगा – और ये पहला मौका होगा, जब देश का कोई प्रधानमंत्री आरएसएस के मुख्यालय में जा रहा हो. ठीक पहले, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के भी नागपुर दौरे की काफी चर्चा रही. और हां, प्रधानमंत्री बनने के बाद ये पहली बार है, जब नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के किसी दफ्तर में जाएंगे, जबकि मुख्यधारा की राजनीति में आने से पहले वो संघ में ही काम करते थे.
मोदी का ये दौरा ऐसे वक्त हो रहा है, जब संघ और बीजेपी के बीच सबकुछ पहले जैसा नहीं हो सका है, और अगले ही महीने बीजेपी का नया अध्यक्ष चुना जाना है. संघ और बीजेपी के बीच टकराव की नौबत मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा के एक बयान के बाद आई जब वो पार्टी को चुनाव जीतने के लिए हर तरह से सक्षम बता बैठे, यानी संघ की मदद की कोई जरूरत नहीं रही. खैर जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नागपुर में कार्यक्रम है, उसी दिन गुड़ी पड़वा है. मराठी नववर्ष के शुरू होने का दिन. अव्वल तो प्रधानमंत्री मोदी वहां माधव नेत्र चिकित्सालय की नींव रखने वाले हैं, लेकिन राजनीतिक महत्व तो मोहन भागवत सहित संघ नेताओं से बंद कमरों में होने वाली बैठक है. ये मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब जल्दी ही बीजेपी को नया अध्यक्ष मिलने वाला है. और सब लोग ये भी जानते हैं कि संघ की हरी झंडी के बगैर बीजेपी अध्यक्ष कोई नहीं बन सकता. बीजेपी अध्यक्ष के नाम पर चर्चा के अलावा संघ मुख्यालय बैठक में जनसंख्या नीति और धर्मांतरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है.

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