प्रकृति के संवर्धन और संरक्षण की साक्षरता के लिए बायोडायव्हर्सिटी पार्क आवश्यक – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

पी.वी.आनंदपद्मनाभन
नागपुर
प्रकृति का संवर्धन और संरक्षण की भावना समाज के प्रत्येक वर्ग में हों, इसके लिए प्रकृति के माध्यम से लोगों को कृतिशील संदेश देना जरूरी है। इसके लिए गोरेवाडा परिसर के प्रस्तावित बायोडायव्हर्सिटी पार्क एक उत्तम माध्यम साबित होगा, यह विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त करते हुये स्पष्ट किया कि इसके निर्माण के लिए आवश्यक निधि सरकार की ओर से और कुछेक निधि सीएसआर द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
नागपुर स्थित गोरेवाडा परिसर में तकरीबन 3 लाख स्केयर मीटर क्षेत्र पर यह पार्क बनाने के संदर्भ में आज प्राथमिक समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री के रामगिरी इस शासकीय निवासस्थान पर संपन्न हुई। इस बैठक में विधानपरिषद सदस्य संदीप जोशी, मनपा आयुक्त डॉ.अभिजीत चौधरी, अतिरिक्त आयुक्त बी.वैष्णवी, ग्रिन यात्रा के प्रदीप त्रिपाठी एवं आदि मान्यवर उपस्थित थे।

        प्रकृति के साथ रहते हुये उसके संवर्धन पर सभी धर्म के लोगों ने इस पर ज़ोर दिया है। इसके सिद्धतों को ध्यान में रखते हुये यह जैवविविधता पार्क पर्यावरण के संवर्धन समेत शिक्षण और प्रत्यक्ष अनुभूति देनेवाले तीन सिद्धांतों पर बनाया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को विभिन्न अनुसंधान, शिक्षा के अवसर मिलेंगे। कृषि, विज्ञान, वन, जैव विविधता इस क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त करनेवाले विद्यार्थियों को इसका विशेष लाभ होगा। पहले से चली आ रहीं और इस मिट्टी से एकरुप विभिन्न प्रकार के पेड़ यहाँ पर लगाएं जायेंगे। तकरीबन डेढ़ सौं से अधिक बांस की प्रजाति का यहाँ पर संवर्धन किया जाएगा। 
        आध्यात्मिक अनुभूति समेत इस पार्क में उच्च प्रोज्ञोगिकी के माध्यम से संवर्धन पर जो रहेगा। देवराई वन, नक्षत्र वन, राशी वन, औषधी वनस्पति अनुसंधान व संवर्धन, तितली और जुगुनू वन, विविध मिट्टी को संरक्षित करनेवाला दालन, वर्षा मापन (पर्जन्यमापन), दिशा शास्त्र, योगा झोन, पीस झोन, फॅमिली झोन, मानसशास्त्र, स्वास्थ्य इन प्रमुख तत्व अंर्तमुख करनेवाला यह पार्क रहेगा।

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