नागपुर और अमरावती जिलों मेंबिजली क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के कार्यों को तेज करें

  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
  • पी.वी.आनंदपद्मनाभन
    मुंबई,
    नागपुर और अमरावती जिलों में उद्योग, आवासीय प्रकल्प और वाणिज्यिक क्षेत्रों के कारण बिजली की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। नागपुर और अमरावती में बिजली क्षेत्र से जुड़े कार्यों के लिए स्वीकृत निधि का उपयोग कर कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही वर्ष 2035 में बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए बिजली मांग की योजना तुरंत तैयार की जाए, दोनों जिलों के लिए बिजली क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास की योजना बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए हैं।

विधान भवन में नागपुर जिले के महावितरण, महापारेषण तथा कोराडी, खापरखेडा परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोल रहे थे। बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, अपारंपरिक ऊर्जा मंत्री अतुल सावे, वित्त राज्य मंत्री एड. आशीष जयस्वाल, ऊर्जा राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर, विधायक आशीष देशमुख, विधायक मोहन मते, विधायक प्रवीण दटके और विधायक चरणसिंह ठाकुर उपस्थित थे

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर जिले में बिजली क्षेत्र की मांग तेजी से बढ़ रही है। विभिन्न बुनियादी सुविधाओं में निवेश बढ़ा है और बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। नागपुर और अमरावती जिलों के लिए स्वीकृत निधि से कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। आने वाले समय में और भी कई नई परियोजनाएं आएंगी, जिसके लिए ऊर्जा विभाग को ठोस उपाय योजनाएं करनी होंगी। नागपुर में बिजली कार्यों के लिए 713 करोड़ रुपए तथा अमरावती जिले में 242 करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी, इसके लिए निधि की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए जा रहे भूमिगत केबल कार्यों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए ठोस उपाय जरूरी हैं। जिले में नए प्रकल्पों के कारण बिजली वितरण क्षेत्र में वायरिंग नुकसान को रोकने के लिए सुरक्षित केबल डक्ट का उपयोग किया जाए, जिससे बिजली वितरण वायरिंग सुरक्षित रहे।

सुधारित बिजली क्षेत्र योजना, कुसुम-बी योजना, ‘मागेेल त्याला सौर कृषी पंप योजना’, ट्रांसफॉर्मर क्षमता वृद्धि, नए बिजली केंद्रों की स्थापना और नए बिजली उपकेंद्रों की मांग जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।

इस बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अश्विनी भिडे, ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला, सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन सचिव जयश्री भोज, महावितरण के प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्रा, महापारेषण के प्रबंध निदेशक डॉ. संजीव कुमार, महानिर्मिति के प्रबंध निदेशक डॉ. राधाकृष्णन बी., नागपुर के जिलाधिकारी डॉ. बिपिन इटनकर और अन्य अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित

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