छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने पर गरमाई सियासत

  • विपक्ष ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
  • उपमुख्यमंत्री फडणवीस बोले- नौसेना ने निर्माण कराया था

मुंबई। महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने के मामले में मंगलवार को सियासत गरमा गई। सोमवार को हुई इस घटना के बाद विपक्ष ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि प्रतिमा का डिजाइन और निर्माण भारतीय नौसेना द्वारा किया गया था। बीते वर्ष चार दिसंबर को नौसेना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रतिमा का अनावरण किया था।

सरकार बड़ी प्रतिमा स्थापित करेगी : फडणवीस
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सिंधुदुर्ग जिले में ढही छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा नौसेना ने बनाई थी। राज्य सरकार ने अब उसी स्थान पर मराठा योद्धा की एक विशाल प्रतिमा स्थापित करने का फैसला किया है। फडणवीस ने कहा, प्रतिमा के निर्माण की देखरेख राज्य सरकार ने नहीं बल्कि नौसेना ने की थी। प्रतिमा के निर्माण और स्थापना के लिए जिम्मेदार लोगों ने महत्वपूर्ण स्थानीय कारकों जैसे कि तीव्र हवा गति और इसमें इस्तेमाल लोहे की गुणवत्ता को नजरअंदाज किया होगा। समुद्र से उठने वाली हवाओं के संपर्क में आने के कारण प्रतिमा में जंग लगने का खतरा अधिक होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिमा ढहने की घटना की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रतिमा गिरने के बाद सोमवार को दावा किया था कि प्रति घंटे 45 किलोमीटर की गति से चली हवा के कारण यह घटना हुई। विपक्षी दलों ने यह कहते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस प्रतिमा को जल्दबाजी में स्थापित किया गया था।

राजनीति न करें : केसरकर
महाराष्ट्र के मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उसी स्थान पर सौ फुट ऊंची एक नई प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। तटीय सिंधुदुर्ग जिले से ताल्लुक रखने वाले केसरकर ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार द्वारा जांच करा देने भर से जन भावनाएं शांत नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, अरब सागर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित किए जाने तक, मालवण में मराठा शासक की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। प्रतिमा करीब सौ फुट ऊंची होनी चाहिए।

राउत ने मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगा :
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने मामले में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की मांग की। साथ ही प्रतिमा के निर्माण में घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि औरंगजेब और मुगलों ने भी शिवाजी महाराज का इस तरह अपमान नहीं किया था। राउत ने कहा, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री रवींद्र चव्हाण से विभाग वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिमा बनाने का ठेका मुख्यमंत्री के करीबी लोगों को दिया गया।

ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा
पुलिस ने प्रतिमा ढहने के मामले में मंगलवार को ठेकेदार और एक अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार शाम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक सहायक अभियंता ने मालवण पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस आधार पर ठेकेदार जयदीप आप्टे और ‘स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट’ चेतन पाटिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत गैर इरादतन हत्या का प्रयास, दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने, हत्या का प्रयास और धोखाधड़ी के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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