महाराष्ट्र के राज्यपाल राधाकृष्णन का बड़ा दावा, कहा- राज्य की अर्थव्यवस्था को जापान-जर्मनी से आगे…

ठाणे: महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि वह राज्य की अर्थव्यवस्था को जापान और जर्मनी की अर्थव्यवस्था से बड़ी बनाने के लिए काम करेंगे तथा और यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सृजित संपत्ति राज्य के सुदूर गांवों तक पहुंच सके। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि 2047 तक एक दिन ऐसा आएगा जब भारत दुनिया का सबसे अमीर देश होगा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के जीवन पर लिखी गई पुस्तक ‘योद्धा कर्मयोगी-एकनाथ संभाजी शिंदे’ के विमोचन के अवसर पर बोलते हुए उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में भी महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।

दुनिया का सबसे अमीर देश
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार पर भरोसा जताया कि वह समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को एक हजार अरब डॉलर तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा, ”2047 तक एक दिन ऐसा आएगा जब भारत दुनिया का सबसे अमीर देश होगा।

दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
उस समय, हमारे महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से बड़ी होनी चाहिए, यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए और हम सभी को इस दिशा में काम करना चाहिए।”

राज्यपाल ने कहा, “मैं आपके साथ मिलकर इतना काम करूंगा कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से बड़ी हो जाए। यह जापान और जर्मनी से भी बड़ी हो जाए।”

मुख्यमंत्री शिंदे की तारीफ की
राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री शिंदे की तारीफ करते हुए कहा कि उनके और प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन के करियर में समानताएं हैं। दोनों ही तेजी से आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ही जमीन से शुरुआत करने के बाद शिखर पर पहुंचे हैं।

उन्होंने शिंदे की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प की सराहना की और युवाओं से उनसे सीखने का आग्रह किया। राधाकृष्णन ने शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे सहित महाराष्ट्र के प्रमुख प्रभावशाली व्यक्तियों की सराहना की और उन्हें युवाओं का आदर्श तथा स्थानीय लोगों अधिकारों का पैरोकार बताया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह आज भी उनकी शिक्षाओं का पालन करते हैं।

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