वॉशिंगटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में रूस के दौरे पर थे। तब से अमेरिका दोनों देशों के बीच के संबंध को लेकर कुछ न कुछ बयान दे रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को अपना परम मित्र कहा। साथ ही रूस ने पीएम मोदी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा। मगर अमेरिका को भारत और रूस की दोस्ती रास नहीं आ रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा को लेकर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन कहा कि भारत का लंबे समय तक रूस पर भरोसा करना अच्छा नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि अगर एशिया की दो महाशक्तियों यानी भारत और चीन के बीच कभी युद्ध की स्थिति बनी तो रूस भारत नहीं बीजिंग के पक्ष में खड़ा नजर आएगा।
अमेरिका का भारत को सुझाव
जेक सुलिवन ने आगे कहा, हमने भारत समेत दुनिया के हर देश को स्पष्ट कर दिया है कि लंबे समय तक विश्वसनीय साझेदार के रूप में रूस पर दांव लगाना अच्छा और सार्थक कदम नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि रूस और चीन में काफी नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं। सही मायनों में रूस, चीन का जूनियर पार्टनर बन रहा है। इस तरह रूस कभी भी भारत के बजाय चीन का पक्ष ले सकता है। जबकि दुनिया यह जानती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, निश्चित रूप से भारत के खिलाफ चीनी आक्रामकता की संभावना के बारे में गहरी चिंता रखते हैं।
हालांकि, एनएसए सुलिवन का ये भी माना है कि भारत का रूस के साथ ऐतिहासिक संबंध हैं और यह रातो-रात बदलने नहीं बदलेगा। उन्होंने आगे कहा, यह लंबा खेल है। अमेरिका दुनियाभर में भारत जैसे लोकतांत्रिक सहयोगियों के साथअपने रिश्ते मजबूत कर रहे हैं। हम यानी अमेरिका जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा। हमारे रिश्ते और मजबूत होंगे। बता दें कि पीएम मोदी आठ और नौ जुलाई को रूस के मॉस्को दौरे पर गए थे। राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात में पीएम मोदी ने रूस के साथ भारत के रिश्ते मजबूत करने पर जोर दिया।
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