
भारतीय बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक मंगलवार के दिन लाल निशान पर बंद हुए। शुरुआती बढ़त गंवाकर सेंसेक्स 75,200.85 के स्तर पर बंद हुआ तो निफ्टी 24000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से फिसलकर 23,618.00 पर बंद हुआ।
मंगलवार को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। अंतिम समय में एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली देखी गई। रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान सुबह से हासिल बढ़त सत्र समाप्त होने के पहले गंवा बैठा। कारोबारी सत्र के बाद 30 शेयरों का सेंसेक्स 114.19 अंक गिरकर 75,200.85 पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 31.95 अंक गिरकर 23,618 पर आ गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 96.52 (अस्थायी) के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स 431.23 अंक बढ़कर 75,746.27 तक पहुंच गया था। यह उछाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले रोकने की घोषणा के बाद आया था। उन्होंने कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के अनुरोध पर यह फैसला लिया था। कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाइटन जैसे शेयर गिरावट में रहे। जबकि इंफोसिस, एचसीएल टेक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज बढ़त के साथ बंद हुए।
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.60 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसलकर 96.52 पर बंद हुआ। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 1.80 फीसदी की गिरावट के साथ 110 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 2,813.69 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
अदाणी समूह और सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों का प्रदर्शन
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप हटाए जाने के बाद अडानी समूह के अधिकांश शेयरों में तेजी आई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि रुपये के कमजोर होने और आकर्षक मूल्यांकन के कारण सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में मजबूत बढ़त देखी गई। घरेलू शेयर सूचकांकों ने शुरुआती बढ़त गंवा दी। ईरान पर अमेरिकी सैन्य अभियान अस्थायी रूप से रुकने की उम्मीद से बाजार में तेजी आई थी।
बाजार पर दबाव और वैश्विक रुख
लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा कि रुपये की लगातार गिरावट और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार पर दबाव का मुख्य कारण रहीं। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक गिरावट पर बंद हुए। हालांकि, शंघाई और हांगकांग के सूचकांक बढ़त के साथ समाप्त हुए। यूरोपीय बाजार सकारात्मक क्षेत्र में कारोबार कर रहे थे।