
कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय बाजार 23 अप्रैल को गिरावट के साथ खुले सेंसेक्स 725 अंक और निफ्टी 205गिरकर ट्रेड कर रहा है. बाजार खुलने से पहले ही गिफ्ट निफ्टी 200 अंक नीचे ट्रेड कर रहा था. एशियाई मार्केट में भी गिरावट के साथ कारोबार होते हुए नजर आया. इसके अलावा भारतीय रुपया भी गुरुवार को कमजोरी के साथ खुला और 21 पैसे गिरकर 94 प्रति डॉलर पर पहुंच गया.
कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय बाजार 23 अप्रैल को गिरावट के साथ खुले, जहां सेंसेक्स 725.58 अंक यानी 0.92% टूटकर 77,790.91 पर कारोबार कर रहा है. Nifty 50 205.10 अंक यानी 0.84% गिरकर 24,173 के करीब ट्रेड कर रहा है. सेक्टर्स की बात करें तो, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर को छोड़कर बाकि सभी सेक्टर्स में बिकावली देखी जा रही है.
निफ्टी में Dr. Reddy’s Laboratories, ONGC, Jio Financial Services, Cipla और Bharat Electronics में टॉप गेनर्स में शामिल हैं. जबकि InterGlobe Aviation, UltraTech Cement, SBI Life Insurance, Asian Paints और Mahindra & Mahindra के शेयर्स टॉप लूजर्स में शामिल हैं.
किन वजहों से बाजार में आई गिरावट?
अनिश्चितता का मौहाल
बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है और निकट भविष्य की दिशा साफ नहीं है. युद्ध उम्मीद से ज्यादा लंबा खिंचने और ब्रेंट क्रूड के करीब 103 डॉलर तक पहुंचने से ग्लोबल ग्रोथ पर खतरा बढ़ गया है, खासकर भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है. अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक 100 डॉलर के आसपास रहती है, तो भारत की ग्रोथ और कंपनियों की कमाई पर दबाव आएगा, लेकिन बाजार ने अभी तक इस जोखिम को पूरी तरह शामिल नहीं किया है.
भारतीय रुपया में कमजोरी
भारतीय रुपया गुरुवार को कमजोरी के साथ खुला और 21 पैसे गिरकर 94 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 93.79 पर बंद हुआ था. रुपये में यह गिरावट कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण आई है, जो पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई धमकियों से और तेज हो गई है. इन घटनाओं से तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है, जिससे वैश्विक बाजार में कीमतों में उछाल आया और रुपये पर दबाव पड़ा. 22 अप्रैल को मध्य पूर्व में ईरान और यूएस के बीच जारी तनाव और शांति वार्ता में ठहराव के कारण डॉलर गुरुवार को करीब डेढ़ हफ्ते के उच्च स्तर के पास बना रहा था.
एशियाई मार्केट में दबाव
एशियाई मार्केट में भी गिरावट के साथ कारोबार होता हुआ नजर आ रहा है. Straits Times में 0.50 फीसदी, निक्कई में 0.22% की गिरावट और ताइवान इंडेक्स में 2.51 फीसदी की तेजी के साथ ट्रेड हो रहा है.
कच्चे तेल की कीमतें
ईरान और यूएस के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अभी भी टकराव बना हुआ है जबकि दोनों देशों के बीच सीजफायर बढ़ा है. इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतें फिर से 103 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं, जिससे निवेशकों की धारणा पर दबाव पड़ा है और बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है.

