Murder news: अहमदाबाद रिवरफ्रंट ईस्ट में नदी किनारे हत्या किए युवक का शव मिलने की गुत्थी डेढ़ साल बाद सुलझ गई है। क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों मृतक की पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। पहली नजर में शव को देख अंदाजा नहीं लगाया जा सका था कि मामला क्या है, फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की हत्या की गई है। लेकिन सबूतों की कमी के कारण हत्या के इतने समय बाद भी पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी थी।
हालांकि हाल ही में मिली एक सूचना के आधार पर पुलिस ने हत्या की यह गुत्थी सुलझा आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आरोपी सफियाखातून और अहमद मुराद तुर्क हैं। 36 साल की सफियाखातून ने अपने 23 साल के प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति मेहरबानखान की हत्या की। उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की जहां दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया। दोनों आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताई हत्या के पीछे की वजह जानकर पुलिस भी हैरान रह गई।
हत्या कर शव को नदी किनारे फेंक दिया
मृतक मेहरबान खान और साफिया की शादी 7 साल पहले हुई थी। उन दोनों की कोई संतान नहीं थी और मजदूरी करके जीवन यापन करते थे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला जोड़ा दानिलिम्दा इलाके में रहता था, इसी दौरान करीब ढाई साल पहले साफिया की दोस्ती पड़ोस में रहने वाले अहमद मुराद से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गया। इसकी जानकारी उसके पति को हुई तो उनके बीच झगड़ा शुरू हो गया। जिससे ऊबकर साफिया ने अपने पति की हत्या की साजिश रची।
डेढ़ साल पहले अहमदाबाद में एक महिला ने अपने पति को मारने के लिए प्रेमी के साथ मिलकर कॉफी में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। पति को बेहोश करने के बाद महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रस्सी से उसका गला घोंट दिया। मौत के बाद उसके शव को साबरमती ईस्ट रिवरफ्रंट पुलिस स्टेशन की ओर सुनसान इलाके में नदी के किनारे फेंक दिया गया। इसके बाद झूठी अफवाह फैला दी गई कि पति लापता हो गया है।