महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव का महासंग्राम शुरू हो चुका जारी है। जहां चुनाव में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, वहीं विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (एमवीए) में सांगली लोकसभा सीट को लेकर कलह बढ़ती जा रही है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना के दिग्गज नेता संजय राउत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के बीच तो तू-तू-मैं-मैं तक की नौबत आ गई है।
महाराष्ट्र में कांग्रेस के प्रमुख नाना पटोले ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत की आलोचना करते हुए कहा कि वह बड़े नेता है, उन्हें नौटंकी बंद कर मर्यादा का पालन करना चाहिए। राउत को छोटे कार्यकर्ताओं की तरह बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
संजय राउत ने क्या कहा था?
उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने शनिवार को हुई एक चुनावी सभा में कांग्रेस पर निशाना साधा था। अपने संबोधन में राज्यसभा सांसद राउत ने कहा था कि अगर उन्होंने सांगली में हमारी दुविधा बढ़ाने की कोशिश की तो हम पूरे राज्य में उनकी परेशानी बढ़ा देंगे। दरअसल राउत ने बीजेपी उम्मीदवार संजयकाका पाटिल और कांग्रेस नेता विशाल पाटिल पर निशाना साधते हुए यह टिप्पणी की थी। राउत के इस बयान पर नाना पटोले ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
संजय राउत नौटंकी बंद करें- पटोले
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने संजय राउत की आलोचना का जवाब देते हुए कहा, हम बीजेपी के खिलाफ लड़ रहे हैं.. जो देश में लोकतंत्र के खिलाफ है.. हमारी भूमिका स्पष्ट है। ऐसे में उनका (संजय राउत) एक छोटे कार्यकर्ता की तरह बयान देना सही नही है। इसलिए उन्हें अब सुधार करने की जरूरत है। सौहार्द के जरिए हम सांगली सीट के लिए रास्ता निकालना चाहते है, लेकिन हमारी इस भूमिका पर एक बड़े नेता का इस तरह का बयान देना गलत है। संजय राउत को अब नौटंकी बंद कर देनी चाहिए, वह उद्धव ठाकरे गुट के बड़े नेता हैं. संजय राउत को छोटे कार्यकर्ता की तरह काम नहीं करना चाहिए।
पटोले ने यह भी कहा कि सांगली सीट के मुद्दे को दो दिनों के भीतर मध्यस्थता के जरिए सुलझा लिया जाएगा। बता दें कि एमवीए गठबंधन में कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार) और शिवसेना (उद्धव गुट) है। जबकि एमवीए के तीनों दल ‘इंडिया’ गठबंधन का भी हिस्सा है।
हम सांगली जीतेंगे- राउत
सांगली सीट को लेकर कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेताओं के बीच आर-पार की स्थिती बनती दिख रही है। बीते हफ्ते मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने कहा था कि महाराष्ट्र की सभी 48 सीटें एमवीए की हैं, शिवसेना (यूबीटी) या कांग्रेस की नहीं। सांगली सीट शिवसेना के पास होने से कुछ लोग नाराज हो सकते हैं। अमरावती और कोल्हापुर हमारी सीटें थीं, लेकिन हमने अपने कार्यकर्ताओं को समझाया… अगर सांगली में कांग्रेस के कुछ लोग नाराज हैं, तो उन्हें समझाना शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारी है… हम सांगली की सीट जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।”
क्यों मची है रार?
महाराष्ट्र की सांगली लोकसभा सीट पर पिछले कई सालों से कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ रही है। हालांकि, इस साल के लोकसभा चुनाव में उद्धव गुट ने सांगली सीट पर न केवल दावा किया, बल्कि फैसला होने से पहले ही चंद्रहार पाटिल को उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस पर महाराष्ट्र कांग्रेस के बड़े नेताओं ने नाराजगी भी जताई, लेकिन उद्धव खेमे ने अपना उम्मीदवार वापस लेने से मना कर दिया। जबकि सांगली पर हक पाने के लिए कांग्रेस के जिला और राज्य स्तर के नेता खूब दम भर रहे है। सांगली के नेताओं के लिए यह अब प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है।
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