वडोदरा. शहर में हरणी लेकजोन बोट हादसे के 58वें दिन वडोदरा कोर्ट में 2819 पेज का आरोप-पत्र पेश किया गया। हादसे में 12 छात्रों और 2 शिक्षकों सहित 14 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
हरणी बोट हादसे में एसआईटी की निगरानी में कार्रवाई की गई। गवाहों के बयान, एफएसएल अधिकारियों की ओर से किए गए स्पॉट टेस्ट, बोट परीक्षण, आधुनिक उपकरणों से झील की गहराई मापने, साक्ष्य एकत्र करने सहित कार्रवाई की गई।
विशेषज्ञों सहित 433 गवाहों के बयान लिए
फिलहाल सभी 20 आरोपी वडोदरा सेंट्रल जेल में बंद हैं। इन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करने के लिए पुलिस ने चश्मदीदों, बचाव कार्य में शामिल लोगों, पंचों, वैज्ञानिक आधार पर रिपोर्ट तैयार करने वाले विशेषज्ञों सहित 433 गवाहों के बयान लिए।
इसके अलावा पंचनामा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच रिपोर्ट, साइट नक्शा, बोतल के बोयेंसी टेस्ट समेत दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच की गई। आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने के लिए सबूत होने के कारण 124 पन्नों की एक आरोप पत्र तैयार किया गया। 2795 पृष्ठों के साक्ष्य संलग्न किए गए और कुल 2819 पेज का आरोप पत्र वडोदरा कोर्ट में पेश किया गया।
परेश शाह मुख्य आरोपी
इस साल 18 जनवरी को हरणी तालाब क्षेत्र में बोट पलटने से 12 छात्रों सहित 14 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने मामले की जांच के लिए आला अधिकारियों की एक एसआईटी बनाई। परेश शाह इस हादसे का मुख्य आरोपी है। वह हरणी लेकजोन का संचालक था। उसने अपने रिश्तेदारों को भी लेकजोन में भागीदार बनाया था। लेकजोन में परेश शाह की पत्नी नूतन शाह, बेटा वत्सल शाह और बेटी वैशाखी शाह भी साझेदार बनाए गए।
यह हैं आरोपी
हादसे के संबंध में हरणी थाने में नयन गोहिल, भीमसिंह यादव, शांतिलाल सोलंकी, अंकित वसावा, वेदप्रकाश यादव, रश्मिकांत प्रजापति, बिनीत कोटिया, गोपालदास शाह, परेश शाह, जतिन दोशी, तेजल दोशी, नेहा दोशी, नीलेश जैन, अल्पेश भट्ट, दीपेन शाह, धर्मिल शाह, वत्सल शाह, वैशाखी शाह, नूतन शाह, धर्मिन भूटानी सहित 20 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
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