लाजपोर जेल में बनाई थी एमडी ड्रग्स फैक्ट्री खोलने की योजना

सूरत. एमडी ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल किए जाने वाले करीब 11 किलो कच्चे माल की राजस्थान के पाली से बरामदगी के सिलसिले में गुरुवार को सूरत पुलिस ने खुलासा किया। उपर्युक्त मादक पदार्थ का उपयोग उमरगांव में एमडी ड्रग्स तैयार करने के लिए होने वाला था। उमरगांव में फैक्ट्री खोल कर एमडी ड्रग्स तैयार करने की साजिश लाजपोर जेल में रची गई थी। जेल में बंद हरियाणा के भिवानी निवासी सुनील कौशिक व दो अन्य आरोपियों वेलंजा निवासी घनश्याम मूलाणी व वीरामणि पांडुरंगा उर्फ अन्ना ने यह प्लान बनाया था। लाजपोर जेल से पेरोल पर रिहा होने के बाद घनश्याम व वीरामणि फरार हो गए थे। उन्हें सुनील जेल में अवैध रूप से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर एमडी ड्रग्स बनाने के लिए दिशा-निर्देश दे रहा था। सुनील ने उन्हें हरियाणा के भिवानी में रहने वाले अपने पिता गजानंद शर्मा से एमडी ड्रग्स तैयार करने का कच्चा माल लेकर किसी तरह गुजरात में पहुंचाने का काम सौंपा था। उन्होंने गजानंद से लिया कच्चा माल मुंबई निवासी बृजेश जैन की मदद से राजस्थान के पाली जिले के पाती गांव निवासी किसान पर्वतसिंह के यहां छिपाया था। वे इस कच्चे माल को सूरत लाकर किसी सुरक्षित स्थान पर रखने की फिराक में थे। इस साजिश के बारे में मुखबिर से पुख्ता सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच टीम ने राजस्थान जाकर पर्वतसिंह घर से 10 किलो 901 ग्राम एमडी ड्रग्स का कच्चा माल बरामद किया। पुलिस टीम ने जेल में मास्टर माइंड सुनील कौशिक से पूछताछ कर घनश्याम मूलाणी को गिरफ्तार किया। वीरामणि व गजानंद शर्मा फरार हैं। क्राइम ब्रांच ने सुनील से मोबाइल जब्त कर उसके खिलाफ जेल में अवैध रूप से मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर सचिन पुलिस थाने में अलग से मामला दर्ज किया है।

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