कह दो समंदर से की लहरों को संभाल कर रखे,

‘समुंदर’ शब्द को सुनते ही मन में हलचल सी हो जाती है। हजारों सालों से लोग इसके रहस्यों को जानने में लगे हैं लेकिन ‘समुंदर’ अपने गर्भ में न जाने क्या-क्या समेटे हुए है। इश्क़ का रूहानी एहसास समुंदर, ख्वाब और दरिया जैसे शब्दों के साथ और गहरा हो जाता है। शायरों के लिए ‘समुंदर’ या ‘सागर’ बड़े बिंब और प्रतीक के रूप में उभरते हैं। आज RLG प्रोडक्शन के बैनर तले मशहूर कॉमेडियन बी आशीष पाठकों के लिए पेश कर रहे हैं ‘समुंदर’ पर प्रेरक अल्फ़ाज-

कह दो समंदर से की लहरों को संभाल कर रखे,
ज़िन्दगी में तूफ़ान लाने के लिए मेरे अपने ही काफी हैं.

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