कतर में 8 पूर्व नौसैनिकों की मौत की सजा कैद में बदली

नई दिल्ली. कतर की जेल में बंद भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों की मौत की सजा कतर की अदालत ने ‘कम’ कर दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में बताया कि दहरा ग्लोबल केस में कतर की अदालत का जो आदेश आया है, उसमें सजा ‘कम’ कर दी गई है। सजा कितनी कम की गई, इसका बयान में ब्योरा नहीं दिया गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फांसी को कैद में बदल दिया गया है। हालांकि बयान में कहा गया, हमें विस्तृत आदेश का इंतजार है। कतर में हमारे राजदूत और अन्य अधिकारी सजा पाए लोगों के परिजनों के साथ अदालत में मौजूद थे।

बयान में कहा गया, शुरू से ही हम उन लोगों के साथ खड़े हैं। उन्हें कांसुलर व कानूनी मदद पहुंचाई जाएगी। इस मामले को कतर प्रशासन के साथ उठाएंगे। पूर्व नौसैनिकों को कतर सरकार ने सितंबर 2022 में गिरफ्तार किया था।

आठ पूर्व नौसेना अफसरों में शामिल कमांडर पूर्णेंदु तिवारी (सेवानिवृत्त) को कतर की कंपनी का प्रबंध निदेशक बताया गया था। उन्हें भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए 2019 में प्रवासी भारतीय सम्मान मिला था।

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