चीन का नया हथियार… जंग के मैदान में दुश्मन को सुलाएगा ब्रेन वॉरफेयर, यह है ड्रैगन का पूरा प्लान

दुश्मनों को मौत की नींद सुलाने के लिए चीन ने ब्रेन वॉरफेयर यूनिट तैयार की है. यह चीन की खास तरह की रणनीति का हिस्सा है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है, चीन ने ऐसा हथियार बनाया है जिसे दिमाग से कंट्रोल किया जाएगा. ड्रैगन इस हथियार का इस्तेमाल दुश्मनों पर वार करने में करेगा. रिसर्च ग्रुप सीसीपी बायोथ्रेट्स इनिशिएटिव(CCP Biothrates Initiative) का कहना है कि चीनीकी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी(Liberation Army) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायो वेपन और ब्रेन कम्प्यूटर इंटरफेस तकनीक को विकसित करने में लगी है.

इन तीन हथियारों का कॉम्बिनेशन दुश्मन के लिए घातक साबित होगा. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी सेना ऐसे वेपन को विकसित करने में लगी है जिससे बिना महंगे हथियार और गोलाबारी से जंग जीती जा सके. हालांकि, अमेरिका ने पहले ही इसकी आशंका जताई थी कि चीन ऐसा कर सकता है. नई रिपोर्ट में फिर ऐसा ही दावा किया गया है.

दुश्मन को कैसे सुलाएगा चीनी हथियार
रिसर्च ग्रुप की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ऐसे हथियार तैयार कर रहा है जो दुश्मनों में नींद का स्तर बढ़ाएगा. इससे उनका ध्यान युद्ध से बंटेगा. इसके लिए वो ऐसा हथियार तैयार कर रहा है जो विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा का इस्तेमाल करता है. हथियारों से निकलने वाली सॉफ्ट रेडियो तरंगों के कारण दुश्मन को उबासी आने लगती है.

रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि चीन के सैनिकों पर इसका असर न हो, इसके लिए उसने खास तरह का चश्मा तैयार किया है. इसे चीन के सैनिकों को पहनना होगा. यह चश्मा पहनने के बाद सैनिक न तो झपकी ले पाएंगे और न सो पाएंगे.

विशेषज्ञों का कहना है कि जंग के मैदान में चीन अब इंसान की तकनीक से उसे ही कंट्रोल करने की तैयारी में है. तकनीक के जरिए वो सैनिक का व्यवहार नियंत्रित कर सकेगा.

अमेरिका की चेतावनी भी की नजरअंदाज
चीन के नए हथियार दुश्मनों के दिमाग में हेर-फेर करने की कोशिश करेंगे. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी सेना अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस और जैविक हथियारों पर फोकस कर रही है. इस तरह चीन अब तकनीक की मदद से जंग के मैदान में दुश्मन को शिकस्त देने की तैयारी कर रहा है.

चीन लम्बे समय से ऐसे हथियार विकसित करने की कोशिश में रहा है जो उसे अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों पर जीत हासिल करने का मौका दे सके. यह रिपोर्ट अमेरिकी वाणिज्य मंत्री जीना रायमोंडे के उस बयान के दो साल बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजिंग अपने नागरिकों को कंट्रोल करने के लिए मनौवैज्ञानिक हथियारों का इस्तेमाल करेगा.

अमेरिका ने इसको लेकर चेतावनी भी दी थी, लेकिन चीन रुका नहीं और मनोवैज्ञानिक हथियारों को विकसित करने का सफर जारी रखा.

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