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सीआईएसएफ ने लागू किया ‘फंक्शनल कमांड’ सिस्टम

नई दिल्ली: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने देश के अहम औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। गृह मंत्रालय की मंजूरी के साथ बल ने 1 नवंबर से अपनी पुरानी ‘भौगोलिक क्षेत्र आधारित’ (टेरिटोरियल) कमांड प्रणाली को समाप्त कर ‘कार्यात्मक’ (फंक्शनल) सेक्टर प्रणाली लागू कर दी है।

मौजूदा दौर में युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़े जाते। दुश्मन पावर ग्रिड, ऑयल रिफाइनरी या बंदरगाहों को निशाना बनाकर पूरे सिस्टम को पंगु बना सकता है। पुरानी व्यवस्था में सीआईएसएफ का एक ही सेक्टर मुख्यालय अपने इलाके की 50 से अधिक अलग-अलग तरह की इकाइयों की सुरक्षा देखता था, यानी एक ही अधिकारी कोयला खदानों, बिजली संयंत्रों और बंदरगाहों की निगरानी करता था। जबकि कोयला खदान की सुरक्षा चुनौतियां किसी हाई-टेक बंदरगाह से बिल्कुल अलग होती हैं। ड्रोन हमले, साइबर-अटैक (ओटी/आईसीएस) और सुनियोजित तोड़फोड़ से निपटने के लिए ऐसा नेतृत्व जरूरी था, जो संबंधित उद्योग की तकनीकी बारीकियां समझता हो। इसलिए अब सेक्टर का बंटवारा इलाके के बजाय प्रतिष्ठान की प्रकृति के आधार पर किया गया है।