जोक्स: राकेश ने बताया ‘खुशी का ठिकाना न रहा’ मुहावरे का मतलब, सुनकर मास्टर जी हो गए बेहोश

जिस तरह अच्छी हवा, अच्छा खानपान किसी भी इंसान के सेहतमंद रहने के लिए जरूरी होता है, उसी प्रकार आपकी हंसी भी आपको स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है। अगर आप सुबह-शाम हंसने की आदत डाल लें तो कोई भी बीमारी, चाहे मानसिक हो या शारीरिक आपके पास भी नहीं आएगी। इसीलिए हम आपके लिए कुछ ऐसे मजेदार चुटकुले लेकर आए हैं, जिन्हें देखने और सुनने के बाद आप हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे। तो चलिए शुरू करते हैं हंसने-हंसाने का ये सिलसिला…

मास्टर जी – ‘खुशी का ठिकाना न रहा’ इस मुहावरे का मतलब बताओ।

राकेश – खुशी घर वालों से छिपकर रोजाना अपने ब्वॉयफ्रेंड के मिलने जाती थी…
एक दिन उसके पापा ने ब्वॉयफ्रेंड के साथ देख लिया और
खुशी को घर से निकाल दिया!
अब बेचारी खुशी का ठिकाना न रहा…!!!

मास्टर जी बेहोश…

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