रणवीर सिंह पर बैन! FWICE की सफाई के बाद भी नहीं थमा विवाद, सेलेब्स ने लगाई क्लास

डॉन 3 से रणवीर सिंह के बाहर होने के बाद FWICE की कार्रवाई पर बॉलीवुड में बवाल मच गया है. संजय गुप्ता, मनोज बाजपेयी, चंकी पांडे और एडिटर श्वेता वेंकट ने रणवीर के सपोर्ट में आवाज उठाई है. जानिए पूरा विवाद और FWICE की सफाई.

अभी तो बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ठीक से अपनी धुरंधर सक्सेस को भुना भी नहीं पाए थे, अभी तो वो कांतारा विवाद से बाहर ही निकले थे कि एक मुसीबत ने उन्हें घेर लिया. रणवीर पर FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) ने बैन लगाने का ऐलान कर दिया. फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की फिल्म डॉन 3 से रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने के बाद ये फैसला लिया गया.

इसके बाद से ही कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज रणवीर के सपोर्ट में आ चुके हैं. फिल्म मेकर संजय गुप्ता, एक्टर चंकी पांडे से लेकर मनोज बाजपेयी तक ने इस पर रिएक्ट किया है.

रणवीर के ‘बैन’ पर बवाल!

हाल ही में हुई बातचीत में FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने साफ किया कि FWICE किसी पर सीधे तौर पर ‘बैन’ नहीं लगा सकता. लेकिन फेडरेशन ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन’ यानी असहयोग का निर्देश जारी किया है. इस निर्देश के तहत FWICE ने अपने सभी सदस्यों से कहा है कि वे रणवीर सिंह के साथ किसी भी फिल्म या प्रोजेक्ट में किसी भी तरह का काम न करें.

फिल्म मेकर संजय गुप्ता ने सवाल उठाते हुए कहा कि इसका क्या तुक बनता है? उन्होंने एक X पोस्ट में लिखा- जब कोई ए-लिस्ट हीरो शूटिंग करता है, तब सेट पर 300 से ज्यादा लोग काम करते हैं. अगर आप उसे बैन करते हैं, तो आप सिर्फ उस स्टार को नहीं रोक रहे, बल्कि उन कामगारों की रोजी-रोटी भी छीन रहे हैं. आखिर इसका क्या मतलब बनता है?

अपनी फिल्म गवर्नर के ट्रेलर लॉन्च इवेंट पर जब मनोज बाजपयी से पूछा गया कि इंडस्ट्री में कलाकार खुद को कैसे सुरक्षित रखें, खासकर रणवीर सिंह से जुड़े हालिया विवाद को देखते हुए. इस पर एक्टर ने कहा- इंडस्ट्री के सभी लोग इस मामले के बारे में सिर्फ सोशल मीडिया पर ही पढ़ रहे हैं. हमारे पास इसकी पूरी और विस्तार से जानकारी नहीं है. लेकिन एक कलीग और फिल्म इंडस्ट्री के सदस्य होने के नाते हम यही उम्मीद करते हैं कि ये मामला जल्द सुलझ जाए.

चंकी पांडे को याद आए अपने बैन के दिन

वहीं चंकी पांडे ने अपने समय का एक पुराना किस्सा याद करते हुए फिल्म बॉडी के पक्षपाती बिहेवियर पर बात की. हाल ही में ETimes से बातचीत में चंकी ने खुलासा किया कि करियर की शुरुआत में उन्हें भी फेडरेशन ने बैन किया था. उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ कार्रवाई हुई थी, लेकिन उस दौर के बड़े सितारे धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि वे उस समय इंडस्ट्री के सुपरस्टार थे और कई फिल्मों में काम कर रहे थे. हालांकि, चंकी ने डॉन 3 विवाद पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है.

गैंग्स ऑफ वासेपुर एडिटर ने निकाली भड़ास

विवाद और विरोध के बीच फिल्म एडिटर श्वेता वेंकट ने भी FWICE पर निशाना साधा. गैंग्स ऑफ वासेपुर (2012), न्यूटन (2017), हसीन दिलरुबा (2021) और करण जौहर की कलंक जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं श्वेता वेंकट ने फेडरेशन के रवैये को चुनिंदा गुस्सा बताया है

स्क्रीन से बातचीत में श्वेता वेंकट ने कहा कि FWICE ने अब तक 2023 में 242 फिल्म एडिटर्स की उठाई गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की है. उस समय एडिटर्स ने पेमेंट, बकाया रकम और काम करने की खराब परिस्थितियों को लेकर सामूहिक शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन जब एक्सेल एंटरटेनमेंट के फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी फेडरेशन के पास पहुंचे, तो FWICE ने तुरंत रणवीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर बैन लगा दिया.

श्वेता ने बताया कि एडिटर्स सिर्फ प्रोड्यूसर्स बॉडी के साथ बातचीत चाहते थे, लेकिन उस मीटिंग के बाद मामले में कोई प्रगति नहीं हुई. उन्होंने कहा- हमें प्रोड्यूसर्स के साथ बातचीत की जरूरत थी. इंडस्ट्री के 242 एडिटर्स के साइन वाला एक लेटर भी भेजा गया था, जिसमें हमारी समस्याओं का जिक्र था. लेकिन उस मीटिंग के बाद न कोई जवाब आया और न ही कोई बातचीत हुई.

श्वेता वेंकट ने सोशल मीडिया पर भी अपना गुस्सा जाहिर किया. रणवीर सिंह पर लगे FWICE के बैन को उन्होंने क्यूट बताते हुए लिखा- जब फिल्म एडिटर्स मदद मांगने आपके पास आए थे और प्रोड्यूसर्स के साथ बातचीत शुरू करवानी थी, तब आपकी ये फुर्ती कहां थी? 3 साल हो गए या शायद हम इतने ‘कूल’ नहीं थे. मतलब साफ है- या तो प्रोड्यूसर बनो या फिर एक्टर.

FWICE की सफाई

मालूम हो कि, अशोक पंडित ने हाल ही में अपनी कही बैन की बातों को समझाते हुए कहा था कि वो किसी भी आर्टिस्ट पर बैन नहीं लगा सकते हैं. उनकी बातों को गलत समझा गया है. वो बोले- देखिए, सबसे पहले तो पूरी बातचीत को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. ये कोई बैन नहीं है. हम कोई कोर्ट नहीं हैं कि किसी को बैन कर दें. हमने सिर्फ ‘नॉन-कोऑपरेशन’ यानी असहयोग का फैसला लिया है. इसका मतलब ये है कि हमारे 30 अलग-अलग विभागों से जुड़े सदस्य रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे. ये हर व्यक्ति की अपनी पसंद होती है कि वो किसी के साथ काम करना चाहता है या नहीं.

इसलिए एक ट्रेड यूनियन के तौर पर हमने अपने सदस्यों से कहा है कि जब तक ये मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक जहां रणवीर सिंह होंगे वहां वे काम नहीं करेंगे. क्योंकि हमें बहुत मजबूती से लगता है कि ये एक गलत ट्रेंड की शुरुआत हो सकती है. हर कोई प्रोड्यूसर एक्सेल एंटरटेनमेंट की तरह मजबूत नहीं होता, लोग सुसाइड कर सकते हैं.’

रणवीर सिंह का डॉन 3 से एग्जिट लेना इतना भारी साबित होगा- ये शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा.

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