
सेमीकंडक्टर कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट आई और यह आज 19 फीसदी टूट गया है. वहीं ब्रोकरेज ने भी इसके टारगेट में कटौती कर दी है.
सेमीकंडक्टर सेक्टर की कंपनी के नतीजे आने के बाद, उसके शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. केयन्स टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार को लगभग 19 प्रतिशत की गिरावट आई और ये तीसरे सर्किट फिल्टर से कुछ ही नीचे रह गए. शुरुआती सत्र में शेयर 19.4 प्रतिशत गिरकर 3,366 रुपये पर आ गया, जबकि पिछले दिन यह 4,177.85 रुपये पर बंद हुआ था.
Keynse टेक्नोलॉजी के शेयरों में अक्टूबर 2025 में 7,705 रुपये के 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर से 56 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है. इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले बंद भाव 28,006.07 करोड़ रुपये से घटकर 22,563.86 करोड़ रुपये रह गया है, जिससे निवेशकों को एक ही दिन में लगभग 5,445 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
कंपनी के नेट प्रॉफिट में गिरावट
केयन्स टेक्नोलॉजीज इंडिया ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने नेट प्रॉफिट में 21.5 प्रतिशत की सालाना गिरावट दर्ज की, जो कि 91.2 करोड़ रुपये रहा. वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 26.2 प्रतिशत बढ़कर 1,242.6 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA में 15.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 193.6 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन में 140 आधार अंक की गिरावट आई और यह 15.6 प्रतिशत पर पहुंच गया.
31 मार्च, 2026 तक कंपनी के ऑर्डर बुक का मूल्य 8,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया था. हालांकि, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने द्वारा तय 4,100 करोड़ रुपये के रेवेन्यू अनुमान को पूरा नहीं किया और अनुमान से कम ग्रोथ दर्ज की. कंपनी का फाइनेंस कॉस्ट दोगुना होकर 41 करोड़ रुपये हो गया.
नुवामा ने क्या कहा?
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, केयन्स का चौथी तिमाही का प्रदर्शन उम्मीदों से काफी कमजोर रहा. राजस्व और EBITDA में सालाना आधार पर क्रमशः 26 प्रतिशत और 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो अनुमानों से कम रही. समायोजित PAT में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की गिरावट आई. ऑपरेशन कैपिटल (ओसीएफ) 600 करोड़ रुपये रहा, जबकि अनुमान मामूली रूप से नकारात्मक से सकारात्मक था.
कमजोर चौथी तिमाही और चुनौतीपूर्ण निकट भविष्य को देखते हुए हमने वित्त वर्ष 2027 के अंत और 2028 के अंत के ईपीएस में क्रमशः 22 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की कटौती की है. हम केयन्स का वैल्यूवेशन वित्त वर्ष 2029 के EPS के 35 गुना पर करते हैं, जिसमें 18 प्रतिशत की छूट शामिल है, जिससे मार्च 2027 के लिए टारगेट प्राइस 3,550 रुपये कर दिया है और रेटिंग को ‘होल्ड’ पर डाउनग्रेड किया है. पहले इसका टारगेट 5000 रुपये से ज्यादा था, जो 35 फीसदी की गिरावट थी.
इसी तरह, विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने भी स्टॉक की रेटिंग को ‘ओवरवेट’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया है और इसके लक्ष्य मूल्य को 33 प्रतिशत से अधिक घटाकर पहले के 6,000 रुपये से 4,000 रुपये कर दिया है. जेपी मॉर्गन ने अगले दो वर्षों में केन्स टेक के आय अनुमानों में 12 प्रतिशत से 17 प्रतिशत तक की कटौती की है, जिसका मुख्य कारण कोर ईएमएस व्यवसाय और ओएसएटी व्यवसाय में कटौती है.

