जान्हवी कुकरेजा मर्डर केस: 5 साल बाद मिला इंसाफ, ‘कातिल’ दोस्त को उम्रकैद

जान्हवी कुकरेजा मर्डर केस में मुंबई की कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने जान्हवी के दोस्त श्री जोगधंकर को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि दूसरी आरोपी दिया पाडलकर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है. ये वारदात नए साल के जश्न के दौरान हुई थी.

मुंबई की एक अदालत ने साल 2021 के चर्चित जान्हवी कुकरेजा मर्डर केस में शनिवार को अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने 19 वर्षीय पीड़िता की हत्या के मामले में उसके दोस्त श्री जोगधंकर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. वहीं, इस केस में नामजद दूसरी आरोपी दिया पाडलकर को अदालत ने बरी कर दिया है.

यह मामला 1 जनवरी 2021 का है, जब नए साल की रात मुंबई के पश्चिमी इलाके खार स्थित एक बिल्डिंग में जान्हवी कुकरेजा की हत्या कर दी गई थी. शुरुआती जांच में सामने आया था कि जान्हवी अपने दोस्तों के साथ बिल्डिंग की छत पर नए साल की पार्टी में मौजूद थी. पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो बाद में हिंसा में बदल गया.

आरोप था कि श्री जोगधंकर और दिया पाडलकर ने मिलकर जान्हवी कुकरेजा पर हमला कर दिया. इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. वारदात को अंजाम देने के बाद उसके शव को पांचवीं मंजिल से सीढ़ियों के रास्ते नीचे घसीटने का भी आरोप लगाया गया था. प्रॉसिक्यूशन का दावा था कि यह विवाद जोगधंकर और पाडलकर के संबंधों को लेकर हुआ था.

एडिशनल सेशंस जज सत्यनारायण नवंदर ने इस मामले की सुनवाई के बाद श्री जोगधंकर को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का दोषी ठहराया. इसके बाद उसे उम्रकैद की सजा सुनाई. हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि दिया पाडलकर के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं. इस वजह से उसे बरी कर दिया गया

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