मुंबई: नहीं मिलेगा नोटिस, सीधे स्टॉप वर्क का निकलेगा ऑर्डर… प्रदूषण रोकने के लिए बिल्डरों पर बीएमसी की नकेल

मुंबई: प्रदूषण के बढ़ते खतरे को कम करने के लिए बीएमसी ऐक्शन में आ गई है। कमिश्नर आई. एस. चहल ने मुंबई में प्रदूषण रोकने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है। बीएमसी प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर नकेल कसने की योजना बनाई है। गाइडलाइंस के अनुसार बिल्डरों को अब नोटिस न देकर सीधे वर्क स्टॉप का ऑर्डर जारी किया जाएगा। वर्क स्टॉप तब तक जारी रहेगा, जब तक बिल्डर साइट्स पर प्रदूषण रोकने के सभी नियमों का पालन नहीं करता।

कमिश्नर चहल के अनुसार, मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सभी 24 वॉर्डों में स्कॉड का गठन किया जाएगा। छोटे वॉर्डों में 2 टीम, मध्यम वॉर्डों में 4 और बड़े वॉर्डों में 6 टीम का गठन किया जाएगा। इन टीमों के इंचार्ज असिस्टेंट कमिश्नर होंगे। टीम में वॉर्ड के 2 इंजिनियर, 1 पुलिस, 1 मार्शल और गाड़ी होगी। यह टीम अपने-अपने वॉर्ड में साइट्स का सरप्राइज इंस्पेक्शन करेगी। स्कॉड साइट्स दौरा करेगा और वीडियोग्राफी करेगा। इस दौरान यदि यह पाया गया कि साइट्स पर प्रदूषण रोकने के प्रावधानों का पालन नहीं हो रहा है, तो टीम तत्काल वर्क स्टॉप का ऑर्डर जारी करेगी। साथ ही साइट्स को तुरंत सील करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि नई गाइडलाइंस तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

कमिश्नर चहल ने बुधवार को मुंबई में वायु प्रदूषण रोकने के लिए 27 पॉइंट्स में नई गाइडलाइंस जारी की। यह नियम बीएमसी के प्रोजेक्ट पर भी लागू होंगे। गाइडलाइंस के अनुसार सभी बीएमसी प्रोजेक्ट साइट्स पुल निर्माण, फ्लाईओवर व अन्य पर 25 फीट की बैरिकेडिंग लगानी अनिवार्य होगी। मुंबई में पिछले दिनों प्रदूषण का स्तर दिल्ली से भी खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था, जिसके बाद चहल ने ऐक्शन प्लान बनाने का आदेश दिया था।

6000 साइट्स पर बीएमसी की नजर
बीएमसी प्रशासन मुंबई में वायु और धूल प्रदूषण की वजह करीब 6000 वर्क साइट्स को मान रहा है। बीएमसी को आशंका है कि बिल्डर साइट्स पर वायु और धूल प्रदूषण रोकने के उपाय नहीं कर रहे हैं। बीएमसी के अनुसार, प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 70 मीटर से ऊंची साइट को 35 फीट ऊंचे शेड और कपड़े के कवर से ढकना होगा। एक एकड़ और उससे अधिक के क्षेत्र में हो रहे निर्माण स्थल के चारों ओर 35 फीट से ऊंचा शेड होना चाहिए। पूरे निर्माण क्षेत्र को जूट या हरे कपड़े से ढका जाना चाहिए। इसी तरह एक एकड़ से कम की साइट्स पर 25 फीट ऊंचा शेड लगाना अनिवार्य किया गया है। निर्माण सामग्री ले जाने वाले सभी वाहनों को पूरी तरह ढका जाना चाहिए। वाहनों के टायरों की सफाई हो रही है या नहीं, साइट्स को सीसीटीवी की नजर में होना चाहिए। प्रत्येक निर्माण स्थल पर एक एयर क्वालिटी इंडेक्स मेजरमेंट सिस्टम स्थापित किया जाना चाहिए।

मेट्रो, म्हाडा, एसआरए के लिए भी नियम
मेट्रो कार्यों को 25 फीट ऊंचाई की बैरिकेडिंग से कवर किया जाएगा। इसी तरह एसआरए, म्हाडा, एमआईडीसी, एमएसआरडीसी, एमएमआरडीए, बीपीआर, भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण, रेलवे जैसी अन्य एजेंसियों द्वारा नियमों का पालन किया जाएगा। अवैध रूप से डेब्रिज फेंकने वालों पर कार्रवाई के लिए असिस्टेंट कमिश्नर अपने-अपने वॉर्डों में स्पेशल स्कॉड टीम का गठन करेंगे। निर्माण सामग्री या डेब्रिज फेंकने वाले वाहन यदि नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। सभी निर्माण स्थलों पर 15 दिनों के भीतर स्प्रिंकलर और 30 दिनों के भीतर स्मॉग गन सिस्टम लगान अनिवार्य किया गया है। सभी बिल्डर केवल उन्हीं वाहनों को काम पर लगाएंगे, जिस गाड़ी में ट्रैकिंग सिस्टम होगा। साथ ही बालू, मिटटी व अन्य सामग्री हर हाल में ढंकी होनी चाहिए। गाड़ी निकलने की सभी पॉइंट्स पर उनको तैयार धोने की व्यवस्था होनी चाहिए।

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