मकर संक्रांति के मौके पूरे मुंबई में बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होती है.

इसे लेकर पुलिस सतर्क हो गई है. मुंबई पुलिस ने प्लास्टिक या किसी ऐसे सिंथेटिक पदार्थ से बने पक्के धागे के उपयोग, बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो आमतौर पर चायनीच मांझा या नायलॉन मांझा के रूप में जाना जाता है.

इससे पक्षियों, जानवरों के साथ-साथ इंसानों को भी गंभीर चोट पहुंचने की संभावना होती है, खासकर उन त्योहारों के दौरान जब पतंगबाजी होती है. यह आदेश 11 जनवरी से 9 फरवरी तक लागू रहेगा, जब तक इसे पहले वापस न ले लिया जाए. इस आदेश का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा.

सुरक्षा के ख्याल से नायलॉन धागे पर बैन

हर साल पतंगबाजी के त्योहार के दौरान प्लास्टिक या इसी तरह के सिंथेटिक पदार्थ से बने पक्के धागे के कारण लोगों और पक्षियों को चोट लगती है, जिसे आमतौर पर नायलॉन मांजा के रूप में जाना जाता है, ये चोटें कई बार लोगों और पक्षियों की मौत का कारण बन जाती हैं. सुरक्षा के ख्याल से इस पर बैन लगाया गया है ताकि नायलॉन, प्लास्टिक या सिंथेटिक धागे से बने पतंग उड़ाने वाले धागे के घातक प्रभाव से पक्षियों और इंसानों को बचाया जा सके.

देश के अलग-अलग राज्यों में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध है. हर कई साल कई जगहों से ऐसी लोगों के घायल होने की खबरें आती हैं. ऐसे में मुंबई पुलिस प्रशासन ने पहले से ही नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है. चाइनीज मांझे की बनावट ही घातक साबित होती है. इसमें नायलॉन के घागे पर कांच के महीन पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. ये अन्य घागों की तुलना में मजबूत होता है. आसानी से टूटता या कटता नहीं है.

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