नई दिल्ली. इजरायल और हमास के बीच शुरू हुए युद्ध से दुनियाभर के निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इससे जहां दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट आने की आशंका है तो वहीं सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की डिमांड बढ़ने की संभावना है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड, डॉलर जैसी संपत्तियों में खरीदारी देखी जा सकती है, क्योंकि युद्ध के हालात में निवेशक गोल्ड को सबसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं।
विशेषज्ञों ने कहा, यदि इजरायल-हमास युद्ध पूरे पश्चिम एशिया में फैल गया तो कच्चे तेल की सप्लाई में चुनौती खड़ी हो सकती है। हालांकि अर्थशास्त्री अभी युद्ध के भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को लेकर वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। इस लड़ाई के पूरे पश्चिम एशिया में फैलने और इसमें कई देशों के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अगर ईरान इसमें शामिल हुआ को कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है और भारत में भी महंगाई बढ़ सकती है।
कुछ सर्राफा डीलर नहीं बेच रहे गोल्ड
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज हेड अनुज गुप्ता ने कहा, इजरायल और फिलिस्तीन में युद्ध के चलते फिजिकल मार्केट में सोने की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे बाजार में सोने का प्रीमियम तेजी से बढ़कर 700 रुपए रुपये प्रति 10 ग्राम तक हो गया है। साथ ही इसमें और बढ़ोतरी की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली-मुंबई में कुछ जगहों पर सर्राफा डीलर्स सोने में तेजी आने की संभावना को लेकर गोल्ड बेचने से इनकार कर रहे हैं। वहीं चांदी का प्रीमियम 1000 रुपए प्रति 1 किलोग्राम बढ़कर 3500 रुपए हो गया है जो पहले 2500 रुपए प्रति 1 किलो था।