CM एकनाथ शिंदे ने आसान कर दिए ‘मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना’ के नियम, हुए ये बदलाव

Maharashtra Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में आज राज्य कैबिनेट की बैठक में सरकार की ओर से अहम फैसले लिए गए हैं. इसमें आशा स्वयंसेवकों के लिए अनुग्रह अनुदान योजना लागू की जाएगी. इसके मुताबिक, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर 10 लाख रुपये और स्थायी विकलांगता की स्थिति में 5 लाख रुपये दिए जाएंगे.

इसके साथ ही आज की कैबिनेट बैठक में ‘मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना’ भी पेश की गई है, जिसमें राज्य में योजना को लागू करते समय पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अधिकांश महिलाओं को लाभान्वित करने के लिए योजना को सुविधाजनक बनाने के लिए और अधिक काम करने का निर्देश दिया गया है. योजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कुछ नए नियमों और नियम और शर्तों में कुछ बदलावों में ढील दी गई है.

दरअसल, एकनाथ शिंदे सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना’ इस समय काफी चर्चा में है. महिलाओं के लिए इस योजना को आसानी से लागू करना संभव बनाने के लिए नियमों में कई छूट दी गई हैं. हालांकि, अभी भी कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं या दस्तावेज पूरे न होने के कारण बदलाव का सुझाव दिया जा रहा है. इसी पृष्ठभूमि में आज हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना में और छूट दी गई है. इसके मुताबिक कैबिनेट बैठक में करीब छह नए नियम और शर्तों को पूरा किया गया है. इसके मुताबिक सरकार जल्द ही फैसला लेगी और इसे लागू करेगी.

इस बीच, आज की कैबिनेट बैठक में अहम फैसला यह है कि अगर किसी नवविवाहित महिला का मैरिज रजिस्ट्रेशन तुरंत संभव नहीं है, तो महिला के विवाह प्रमाण पत्र के अनुसार पति का राशन कार्ड प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा. अत: लाभार्थी महिलाओं की सूची प्रत्येक शनिवार को ग्राम स्तरीय समिति के माध्यम से पढ़ी जाएगी और इसमें परिवर्तन करना होगा.

नये नियम और शर्तें

  1. इस योजना का लाभ उठाने के लिए पोस्ट बैंक खाता स्वीकार किया जाएगा.
  2. यदि किसी महिला का जन्म किसी विदेशी राज्य में हुआ है और उसकी शादी महाराष्ट्र के मूल निवासी पुरुष से हुई है, तो उस महिला को भी अपने पति के दस्तावेजों पर योजना का लाभ मिलेगा.
  3. लाभार्थी महिलाओं की सूची ग्राम स्तरीय समिति के माध्यम से प्रत्येक शनिवार को पढ़ी एवं बदली जाये.
  4. केंद्र सरकार की योजना लेने वाली महिला को लाभार्थी माना जाना चाहिए. हालांकि, उसे ऑफलाइन आवेदन भरना होगा.
  5. यदि किसी नवविवाहित महिला का विवाह पंजीकरण तुरंत संभव न हो तो महिला के विवाह प्रमाण पत्र के अनुसार पति का राशन कार्ड प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए.
  6. ओटीपी की अवधि 10 मिनट होनी चाहिए

कब मिलेगा योजना का पैसा?
वहीं खास बात यह है कि लाभार्थी महिलाओं की सूची जल्द ही घोषित की जाएगी और 15 से 19 अगस्त के बीच महिला बहनों को योजना के प्रत्यक्ष लाभ के रूप में उनके बैंक खाते में 3000 रुपये की दो महीने की राशि मिलेगी.

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