मुंबई: महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी(Rahul Gandhi) पंढरपुर की वार्षिक वारी तीर्थयात्रा में शामिल होकर जनता से जुड़ने की तैयारी में हैं। यह फैसला हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (MVA) के अच्छे प्रदर्शन के बाद लिया गया है। राहुल गांधी को इस वार्षिक तीर्थयात्रा में शामिल होने का न्योता राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार के नेतृत्व में MVA के नवनिर्वाचित सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिया है। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे और एनसीपी पवार गुट के सांसद धैर्यशील मोहिते-पाटिल भी शामिल थे।
कब तीर्थयात्रा में शामिल होंगे राहुल गांधी
कांग्रेस विधायक संजय जगताप ने बताया कि राहुल गांधी 13 या 14 जुलाई को इस तीर्थयात्रा में शामिल होंगे और संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज पालखी के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे। इस दौरान वह कुछ दूरी तक पैदल चलकर तीर्थयात्रियों के साथ भी रहेंगे।
राहुल को क्यों दिया न्योता?
राहुल गांधी को वार्षिक पंढरपुर तीर्थयात्रा में शामिल कराने के पीछे एमवीए का मकसद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं के बीच अपनी पैठ और मजबूत करना है। लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी ने राज्य की 48 में से 31 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। इसमें कांग्रेस ने 13 सीटों के साथ बढ़त हासिल की थी। दरअसल राहुल गांधी की अगुवाई में भारत जोड़ो यात्रा दो बार महाराष्ट्र से होकर गुजरी थी। इस दौरान राहुल गांधी को राज्य के लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी।
बीजेपी ने राहुल के न्योते पर उठाए सवाल
हालांकि राहुल गांधी को इस तीर्थयात्रा में शामिल करने के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सवाल उठाए हैं। महाराष्ट्र बीजेपी के नेता तुषार भोसले ने कहा कि शरद पवार को राहुल गांधी को वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए आमंत्रित करने का कोई अधिकार नहीं है। जो व्यक्ति हमेशा हिंदुओं से नफरत करता है। उसे इस तीर्थयात्रा के लिए कैसे आमंत्रित किया जा सकता है?
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