
दिल्ली के चांदनी चौक के ऐतिहासिक नवग्रह मंदिर से चोरी हुई शनिदेव की प्राचीन अष्टधातु मूर्ति को पुलिस ने बरामद कर लिया है. करीब 6 लाख रुपये की यह मूर्ति चोर ने कबाड़ वाली को महज ₹3800 में बेची थी. फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया,
दिल्ली पुलिस ने भगवान शनि की एक प्राचीन अष्टधातु की मूर्ति बरामद की है, जिसे दिल्ली के चांदनी चौक में स्थित ऐतिहासिक श्री शिव नवग्रह मंदिर से चुराया गया था. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, चोर ने इस मूर्ति को जिसकी कीमत लगभग ₹5 से ₹6 लाख आंकी गई है महज ₹3,800 में एक महिला को बेच दिया, जो कबाड़ का काम करती है.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस उपायुक्त (उत्तरी जिला) राजा बंथिया ने बताया कि 12 मई को चांदनी चौक के कटरा लहसवान में स्थित मंदिर से भगवान शनि की मूर्ति और पीतल की अन्य वस्तुओं की चोरी के संबंध में एक शिकायत मिली थी. मंदिर के पुजारी मुकेश शर्मा ने पुलिस को बताया कि सुबह मंदिर पहुंचने पर उन्होंने पाया कि मूर्ति और अन्य सामान गायब थे. इसके बाद, कोतवाली पुलिस स्टेशन में पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी.
300 से ज्यादा CCTV कैमरों की मदद से आरोपी की पहचान
जांच के दौरान, पुलिस ने पूरे इलाके में लगे 300 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान 45 वर्षीय दिलशाद उर्फ ‘बंटा’ के रूप में की, जो यमुना बाजार का रहने वाला है. पुलिस ने उसे 14 मई को हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि उसने चोरी की गई मूर्ति और अन्य सामान गीता कुमारी को बेच दिया था, जो लाल किले के पास सर्वोदय मोहल्ला बगीची इलाके की रहने वाली है.
पुलिस ने दी जानकारी
इस सुराग के आधार पर पुलिस ने 15 मई को गीता कुमारी को गिरफ्तार किया और उसके पास से चोरी की गई मूर्ति बरामद कर ली. आरोपी दिलशाद ने कबूल किया कि वह मंदिर की दीवार फांदकर अंदर घुसा था और चोरी करने के बाद उसने मूर्ति को ₹3,800 में बेच दिया था. उसने यह भी माना कि उसने उस पैसे को नशे की चीजों पर खर्च कर दिया था.
सूचना मिलने पर पुलिस ने दुकान पर छापा मारा
इस मामले में एक बड़ी सफलता मंदिर के एक भक्त की सतर्कता के कारण मिली. मंदिर के पुजारी ने बताया कि उन्हें शक था कि मूर्ति शायद अंगूरी बाग इलाके में बेची गई हो. इसके बाद, मंदिर के एक भक्त ने आरोपी की तस्वीर ली और इलाके में घूमकर जानकारी इकट्ठा की. इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने एक दुकान पर छापा मारा और सफलतापूर्वक मूर्ति बरामद कर ली.
अदालत के जरिए मूर्ति वापस पाने की तैयारियां
मंदिर प्रशासन अब जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करके अदालत के जरिए मूर्ति वापस पाने की तैयारी कर रहा है. पुजारी ने घोषणा की कि शनि जयंती के अवसर पर मूर्ति का विधि-विधान से अभिषेक, लड्डुओं का भव्य भोग (महा-लड्डू भोग) और एक पारंपरिक शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा. मूर्ति के बरामद होने पर मंदिर प्रशासन और भक्तों ने राहत की सांस ली है.

