Close Menu
    What's Hot

    भारत मोदी सरकारच्या नेतृत्वाखाली बारा वर्षांत आत्मनिर्भर

    June 13, 2026

    कोकण विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल यांनी जिल्हाधिकारी कार्यालयात घेतला विविध योजनांचा आढावा

    June 13, 2026

    “नेहरू तो नेहरू हैं” — शरद पवार ने पीएम मोदी और जवाहरलाल नेहरू की तुलना को बताया गलत

    June 13, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    jankalyan time
    Facebook X (Twitter) Instagram
    jankalyan time
    Home»Crime»आकर अपनी बहन की लाश ले जाओ’, मौत के बाद पति ने कमांडो काजल के भाई को किया था फोन, ये है इनसाइड स्टोरी
    Crime

    आकर अपनी बहन की लाश ले जाओ’, मौत के बाद पति ने कमांडो काजल के भाई को किया था फोन, ये है इनसाइड स्टोरी

    जनकल्याण टाइमBy जनकल्याण टाइमJanuary 29, 2026Updated:January 29, 2026No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    दिल्ली पुलिस की SWAT कमांडो काजल को बेरहमी के साथ मारा गया. उसकी हत्या दहेज की खातिर की गई. इस खूनी वारदात को किसी शातिर बदमाश ने नहीं बल्कि खुद काजल के लालची पति अंकुर ने अंजाम दिया. मर्डर के वक्त काजल 4 महीने की गर्भवती थी.

    दिल्ली पुलिस की SWAT कमांडो काजल की हत्या ने राजधानी दिल्ली को दहला दिया है. उसका कत्ल बड़ी बेरहमी के साथ किया गया. कातिल ने उसके पूरे जिस्म को लहूलुहान कर दिया था. उसकी लाश को देखने वाले भी सन्न रह गए. कई लोगों की रुह अंदर तक कांप गई. जितना खौफनाक मौका-ए-वारदात का मंजर था. उतनी ही हैरान करने वाली है, काजल के मर्डर की कहानी. क्योंकि कातिल कोई शातिर बदमाश या सुपारी किलर नहीं बल्कि वो शख्स है, जिसे काजल ने हद से ज्यादा प्यार किया और जिसके साथ उसने पूरी जिंदगी बिताने की कसम खाई थी. मगर अफसोस कि उसी शख्स ने काजल की जान ले ली. वो शख्स है काजल का पति अंकुर.

    कौन थी काजल?

    सोनीपत के गनौर में मौजूद बड़े गांव की रहने वाली 27 साल की काजल एक जांबाज़ और मेहनती लड़की थी, जिसने अपने हौसले और अनुशासन के दम पर दिल्ली पुलिस में जगह बनाई. साल 2022 में वह दिल्ली पुलिस में भर्ती हुई और अपनी काबिलियत के चलते स्पेशल सेल की SWAT यूनिट की कमांडो बनी. उसके कमांडो बनने की चर्चा हर जुबान पर थी. एक गांव से निकलकर राजधानी की सबसे कठिन पुलिस यूनिट तक पहुंचना काजल के संघर्ष की कहानी बयां करता है. वर्दी उसके लिए महज़ नौकरी नहीं, बल्कि गर्व और जिम्मेदारी का लिबाज़ था. वह अपने परिवार का सहारा और गांव की बेटियों के लिए प्रेरणा थी. काजल एक जिम्मेदार बेटी, समर्पित पुलिसकर्मी और संवेदनशील इंसान थी. दुर्भाग्य यह रहा कि जो काजल अपराध से लड़ने के लिए प्रशिक्षित थी, वही अपने घर में हिंसा का शिकार हो गई.

    पढ़ाई से प्यार तक, फिर शादी

    काजल ने 2022 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात गनौर निवासी अंकुर से हुई. दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने परिजनों को मनाकर 2023 में शादी कर ली. यह एक लव मैरिज थी, जिसमें शुरुआत में सब कुछ सामान्य था. अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर दिल्ली कैंट में तैनात था. बाहर से देखने पर यह एक पढ़ा-लिखा, आत्मनिर्भर और खुशहाल जोड़ा लगता था, लेकिन अंदर ही अंदर रिश्ते में दरार पड़ चुकी थी.

    शादी के 15 दिन बाद दहेज की मांग

    परिजनों के अनुसार, शादी के महज 15 दिन बाद ही काजल की जिंदगी बदलने लगी थी. ससुराल पक्ष की ओर से गाड़ी और पैसों की मांग शुरू हो गई. काजल को ताने दिए जाने लगे और मानसिक प्रताड़ना का दौर चल पड़ा. धीरे-धीरे यह हिंसा शारीरिक रूप लेने लगी. कई बार परिवार ने समझौता कराने की कोशिश की. काजल ने अपने करियर और सम्मान को बचाने के लिए बहुत कुछ सहा, लेकिन दहेज की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी.

    अलग रहने के बाद भी नहीं बदले हालात

    हालात बिगड़ते देख काजल 2024 में दिल्ली में अलग रहने लगीं। उम्मीद थी कि दूरी से हालात सुधरेंगे, लेकिन आरोप है कि पति अंकुर वहां भी गाड़ी और पैसों की मांग को लेकर मारपीट करता रहा. काजल सब कुछ सहती रहीं, क्योंकि वह अपने करियर और भविष्य को बचाना चाहती थीं. इसी दौरान वह चार महीने की गर्भवती भी थी. ड्यूटी, प्रेग्नेंसी और घरेलू तनाव के बीच संतुलन बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया था.

    22 जनवरी 2026 की खूनी रात

    यही वो रात थी. जब करीब 10 बजे हालात ने खौफनाक मोड़ ले लिया. पुलिस के मुताबिक, उसी रात आरोपी पति अंकुर ने काजल पर जानलेवा हमला किया. ऐसा लग रहा था, जैसे उसके सिर पर शैतान सवार था. उसने पहले काजल का सिर घर के दरवाजे की चौखट पर दे मारा और फिर लोहे के डंबल से उसके सिर पर वार किया. इस हमले का नतीजा ये हुआ कि काजल के सिर पर गंभीर चोटें आईं. वो खून से लथपथ हो चुकी थी. घर के अंदर चीख-पुकार गूंजती रही, लेकिन किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की. उसे बचाने कोई नहीं आया.

    एक कातिल, दो कत्ल!

    काजल वहीं गिर पड़ी थी. उसका जिस्म लाल खून से तर बतर था. ना जाने कुछ देर बाद अंकुर के दिमाग क्या आया. वो खुद ही घायल काजल को लेकर मोहन गार्डन स्थित तारक अस्पताल लेकर गया. वहां डॉक्टरों ने काजल की हालत नाजुक बताई. प्राथमिक उपचार के बाद उसे गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया. उसी अस्पताल में कई दिनों तक काजल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही. और आखिरकार 27 जनवरी 2026 को काजल मौत से हार गई और उसने दम तोड़ दिया. इस मौत के साथ एक नहीं, दो जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गईं.

    फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत

    जिस फ्लैट में यह वारदात हुई, वहां पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया और जांच करवाई. जांच के दौरान टीम को दरवाजे की चौखट और डंबल पर खून के निशान मिले. पुलिस को आशंका है कि पहले सिर चौखट पर मारा गया और फिर डंबल से वार किया गया. यही वजह है कि सिर में इतनी गंभीर चोटें आईं. काजल की फोरेंसिक रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है कि काजल पर बड़ी बेरहमी के साथ हमला किया गया था.

    काजल की मौत के बाद कत्ल की FIR

    जब इस मामले की छानबीन पुलिस ने शुरू की गई तो काजल अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ रही थी. इसलिए शुरुआत में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था. लेकिन काजल की मौत के बाद केस में हत्या की धारा जोड़ दी गई. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तेजी से एक्शन करते हुए काजल के आरोपी पति अंकुर को गिरफ्तार कर लिया. पहले उसे कोर्ट ले जाया गया, फिर अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच पड़ताल जारी है. आरोपी अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है

    दो जिंदगियों की हत्या

    काजल के पिता राकेश और भाई निखिल का कहना है कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि दो जिंदगियों का कत्ल है. पिता की आंखों में आंसू और आवाज में गुस्सा साफ झलकता है. परिजनों का आरोप है कि 22 जनवरी को अंकुर ने फोन कर कहा था, ‘आकर अपनी बहन का शव ले जाओ.’ इसके बाद परिजन दिल्ली पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उनका कहना है कि दहेज के लालच ने उनकी बेटी की जिंदगी छीन ली.

    तिरंगे में लिपटी बेटी

    सोनीपत के गनौर स्थित काजल के पैतृक गांव में मातम पसरा हुआ है. जिस बेटी पर पूरे गांव को गर्व था, वही तिरंगे में लिपटी हुई गांव लौटी. काजल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया. पुलिस की सलामी, परिवार की चीखें और गांववालों की नम आंखें. यह मंजर हर किसी को अंदर तक झकझोर देने वाला था.

    दहेज हिंसा पर सवाल

    यह मामला सिर्फ दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो की हत्या का नहीं है, बल्कि दहेज और घरेलू हिंसा की उस कड़वी सच्चाई का है, जो आज भी समाज में जिंदा है. एक पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर और बहादुर महिला भी अपने ही घर में सुरक्षित नहीं. काजल की मौत ने सिस्टम, कानून और समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सब जानना चाहते हैं कि काजल को इंसाफ कब मिलेगा.

    Follow on Google News Follow on Flipboard
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleबैड्स ऑफ बॉलीवुड’ पर कोर्ट का फैसला: आर्यन खान को राहत, समीर वानखेड़े को लगा झटका
    Next Article बीजेपी को क्‍यों चाह‍िए एक ताकतवर NCP, अज‍ित पवार ने कैसे बनाया था एनडीए में बैलेंस
    जनकल्याण टाइम

    Related Posts

    शराब के नशे में धुत ब्रिटिश लड़की से पार्क में रेप, फिर पूछा- ‘मजा आया?’ पाकिस्तानी को 10 साल जेल

    June 12, 2026

    बागपत: सोहनलाल और विकास को गोलियों से भूनने वाले हिस्ट्रीशीटर वरुण की भी मौत; बड़ौत बाजार बंद, व्यापारियों में आक्रोश

    June 10, 2026

    गुजरात में रिश्तों का कत्ल, 30 लाख की संपत्ति के लिए छोटे भाई ने किया बड़े भाई का मर्डर

    June 10, 2026

    बांदा में शराबी बेटे की खौफनाक करतूत, मां ने झगड़े से रोका तो ईंट से सिर कुचलकर किया मर्डर

    June 8, 2026

    कॉन्ट्रैक्ट किलर का अंत: अयोध्या एनकाउंटर में मारे गए इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह की क्राइम कुंडली

    June 8, 2026

    एक फ्लैट, बंद दरवाजा और दोस्त बनकर आया था कातिल… दिल्ली में महिला प्रोफेसर के मर्डर में क्या खुलासे हुए?

    June 7, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Economy News

    भारत मोदी सरकारच्या नेतृत्वाखाली बारा वर्षांत आत्मनिर्भर

    By जनकल्याण टाइमJune 13, 2026

    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण यांनी मांडला लेखाजोखा पी.वी.आनंदपद्मनाभन पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी बारा वर्षांत प्रत्येक…

    कोकण विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल यांनी जिल्हाधिकारी कार्यालयात घेतला विविध योजनांचा आढावा

    June 13, 2026

    “नेहरू तो नेहरू हैं” — शरद पवार ने पीएम मोदी और जवाहरलाल नेहरू की तुलना को बताया गलत

    June 13, 2026
    Top Trending

    भारत मोदी सरकारच्या नेतृत्वाखाली बारा वर्षांत आत्मनिर्भर

    By जनकल्याण टाइमJune 13, 2026

    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण यांनी मांडला लेखाजोखा पी.वी.आनंदपद्मनाभन पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी…

    कोकण विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल यांनी जिल्हाधिकारी कार्यालयात घेतला विविध योजनांचा आढावा

    By जनकल्याण टाइमJune 13, 2026

    पी.वी.आनंदपद्मनाभन ठाणेशासन व प्रशासन सर्वसामान्यांच्या सर्वांनी विकासासाठी कटिबद्ध आहे. त्या दृष्टीने ठाणे…

    “नेहरू तो नेहरू हैं” — शरद पवार ने पीएम मोदी और जवाहरलाल नेहरू की तुलना को बताया गलत

    By जनकल्याण टाइमJune 13, 2026

    मुंबई | JKT News एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार…

    Subscribe to News

    Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

    Advertisement
    Demo
    Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

    News

    • World
    • US Politics
    • EU Politics
    • Business
    • Opinions
    • Connections
    • Science

    Company

    • Information
    • Advertising
    • Classified Ads
    • Contact Info
    • Do Not Sell Data
    • GDPR Policy
    • Media Kits

    Services

    • Subscriptions
    • Customer Support
    • Bulk Packages
    • Newsletters
    • Sponsored News
    • Work With Us

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.