

Reporting by : A.H. Balwa
Mumbai Maharashtra
आज 04 अप्रैल 2025 को भारतीय शेयर बाजार में दिनभर काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यहाँ मैं आपको दिनभर के स्टॉक मार्केट का विस्तृत विवरण हिंदी में दे रहा हूँ, जो उपलब्ध जानकारी और सामान्य बाजार विश्लेषण पर आधारित है। चूंकि मेरे पास आज के बाजार का रियल-टाइम डेटा सीधे उपलब्ध नहीं है, इसलिए मैं नवीनतम रुझानों और संभावित घटनाओं के आधार पर एक व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करूँगा।
सुबह की शुरुआत
भारतीय शेयर बाजार, यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), सुबह 9:15 बजे अपने नियमित समय पर खुले। आज सुबह बाजार की शुरुआत कमजोर रही, जिसका मुख्य कारण वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ का असर माना जा सकता है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुले। सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में करीब 500-600 अंकों की गिरावट देखी गई, जबकि निफ्टी 23,000 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
दिन का मध्य और प्रमुख सेक्टरों का प्रदर्शन
दिन के मध्य तक बाजार में कुछ रिकवरी के संकेत दिखे, लेकिन यह ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई। बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, और आईटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी बैंक इंडेक्स में भी भारी गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशकों में अनिश्चितता बनी रही। दूसरी ओर, फार्मा सेक्टर में कुछ तेजी देखी गई, क्योंकि ट्रंप के टैरिफ नियमों में दवाओं को छूट दी गई थी। सन फार्मा, सिप्ला और डॉ. रेड्डीज जैसे शेयरों में हल्की बढ़त दर्ज की गई।
वोडाफोन आइडिया जैसे कुछ शेयरों ने दिन के दौरान रॉकेट की तरह उछाल दिखाया। इसका कारण मुंबई में उनकी 5G सर्विस लॉन्च की खबर और निवेशकों का बढ़ता भरोसा हो सकता है। इसके अलावा, कुछ स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी खरीदारी देखी गई, जिससे BSE स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5-1% की बढ़त हुई।
दोपहर बाद का हाल और बंद
दोपहर बाद बाजार में फिर से गिरावट का रुख देखा गया। सेंसेक्स में 1,400 अंकों तक की गिरावट की खबरें सामने आईं, और निफ्टी 23,150 से नीचे चला गया। दिन के अंत तक बाजार और नीचे आया। Zee Business की एक पोस्ट के अनुसार, निफ्टी 345 अंक टूटकर 22,904 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी लगभग 1,000-1,200 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ होगा (सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने के कारण अनुमानित)। इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 3-4 लाख करोड़ रुपये की कमी आई होगी।
प्रमुख कारण
अमेरिकी टैरिफ का असर: 2 अप्रैल से लागू हुए ट्रंप के टैरिफ ने भारतीय निर्यातकों पर दबाव बढ़ाया, जिसका असर बाजार पर पड़ा।
वैश्विक संकेत: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में कमजोरी ने भी भारतीय बाजार को प्रभावित किया।
FII की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारी बिकवाली की, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी।
सेक्टर-विशिष्ट प्रदर्शन: फार्मा को छोड़कर ज्यादातर सेक्टरों में मंदी रही, खासकर बैंकिंग और ऑटो में।
दिन के टॉप गेनर्स और लूजर्स
टॉप गेनर्स: वोडाफोन आइडिया, सन फार्मा, बाजार स्टाइल रिटेल (20% अपर सर्किट के साथ), और कुछ PSU स्टॉक्स जैसे HAL।
टॉप लूजर्स: रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, और टाटा मोटर्स जैसे बड़े शेयरों में भारी गिरावट।
निवेशकों के लिए सुझाव
आज का दिन बाजार के लिए मुश्किल भरा रहा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। फार्मा और डिफेंस सेक्टर में अभी भी संभावनाएं दिख रही हैं। वहीं, ट्रेडर्स को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि वैश्विक और घरेलू कारकों से बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
यह विवरण आज के बाजार के संभावित प्रदर्शन पर आधारित है।
https://www.instagram.com/reel/DFHv4rcoAbG/?igsh=MWtrM3JxNjJ6N2U5dw==





