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    Home»Business»HDFC बैंक को विभिन्न नियामक उल्लंघनों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कई बार जुर्माना लगाया गया है। नीचे हाल के कुछ प्रमुख मामलों का विवरण हिंदी में दिया जा रहा है, जो उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। यह विवरण 2 अप्रैल 2025 तक की स्थिति को दर्शाता है:
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    HDFC बैंक को विभिन्न नियामक उल्लंघनों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कई बार जुर्माना लगाया गया है। नीचे हाल के कुछ प्रमुख मामलों का विवरण हिंदी में दिया जा रहा है, जो उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। यह विवरण 2 अप्रैल 2025 तक की स्थिति को दर्शाता है:

    जनकल्याण टाइमBy जनकल्याण टाइमApril 2, 2025Updated:April 2, 2025No Comments10 Mins Read
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    1. KYC नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना (मार्च 2025)
      जुर्माने की राशि: 75 लाख रुपये
      कारण: RBI ने HDFC बैंक पर ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) नियमों का पालन न करने के लिए यह जुर्माना लगाया। बैंक ने ग्राहकों को जोखिम के आधार पर निम्न, मध्यम या उच्च श्रेणी में वर्गीकृत नहीं किया और प्रत्येक ग्राहक को एक यूनिक कस्टमर आइडेंटिफिकेशन कोड (UCIC) देने के बजाय कई कोड आवंटित किए।
      विवरण: यह कार्रवाई 31 मार्च 2023 तक की वित्तीय स्थिति के आधार पर सुपरवाइजरी मूल्यांकन (ISE 2023) के बाद की गई। RBI ने स्पष्ट किया कि यह जुर्माना नियामक अनुपालन में खामियों के कारण है और इससे ग्राहकों के साथ बैंक के लेनदेन की वैधता पर असर नहीं पड़ता।
    2. लोन रिकवरी दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए जुर्माना (सितंबर 2024)
      जुर्माने की राशि: 1 करोड़ रुपये
      कारण: HDFC बैंक के रिकवरी एजेंट्स ने निर्धारित समय (सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक) के बाहर ग्राहकों से संपर्क किया, जिससे उनकी गोपनीयता भंग हुई और असुविधा हुई। यह RBI के लोन रिकवरी दिशानिर्देशों का उल्लंघन था।
      विवरण: यह मामला रिकवरी एजेंट्स द्वारा आक्रामक तरीके अपनाने से जुड़ा था, जिसके चलते RBI ने बैंक पर यह कार्रवाई की। यह जुर्माना 10 सितंबर 2024 को लगाया गया।
    3. जमा पर ब्याज दर से संबंधित उल्लंघन (सितंबर 2024)
      जुर्माने की राशि: 1 करोड़ रुपये
      कारण: HDFC बैंक ने RBI के ‘जमा पर ब्याज दर’ से संबंधित कुछ दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया।
      विवरण: यह जुर्माना भी सितंबर 2024 में लगाया गया था, जिसकी जानकारी RBI ने सार्वजनिक की। हालांकि, विशिष्ट उल्लंघन का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह जमा योजनाओं से जुड़े नियमों से संबंधित था।
    4. बैंकिंग विनियमन अधिनियम के उल्लंघन (मई 2021)
      जुर्माने की राशि: 10 करोड़ रुपये
      कारण: यह जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के लिए लगाया गया था। इसमें तकनीकी खामियां और कुछ ऑपरेशनल अनियमितताएं शामिल थीं।
      विवरण: यह एक बड़ा जुर्माना था, जो 28 मई 2021 को RBI द्वारा घोषित किया गया। इसमें ऑटो लोन पोर्टफोलियो और अन्य सेवाओं में अनियमितताएं पाई गई थीं।
      सामान्य जानकारी:
      RBI का रुख: हर मामले में RBI ने कहा कि ये जुर्माने नियामक अनुपालन में कमियों के लिए हैं और इनका उद्देश्य बैंक और ग्राहकों के बीच हुए लेनदेन या समझौतों की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है।
      प्रभाव: इन जुर्मानों का सीधा असर ग्राहकों पर नहीं पड़ता, लेकिन यह बैंक की प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।

    HDFC बैंक ने हाल ही में अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में कुछ बदलाव किए हैं, खास तौर पर बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट्स (3 करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये से कम की जमा) के लिए। यह बदलाव 7 जनवरी 2025 से प्रभावी हुआ था, और इसके साथ ही बैंक ने अपनी उधार दरों (MCLR) में भी मामूली कटौती की। नीचे इसका पूरा विवरण हिंदी में विस्तार से दिया जा रहा है, जो 2 अप्रैल 2025 तक की स्थिति को दर्शाता है।
    HDFC बैंक में FD दरों में कटौती का विवरण
    HDFC बैंक ने अपनी FD ब्याज दरों को संशोधित किया है, खासकर उन जमा राशियों के लिए जो 3 करोड़ रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये से कम हैं। यह बदलाव विभिन्न अवधियों (टेन्योर) के लिए लागू किया गया है। आम नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए नई दरें इस प्रकार हैं:
    संशोधित FD ब्याज दरें (7 जनवरी 2025 से प्रभावी):
    7 से 29 दिन की अवधि:
    आम नागरिक: 4.75% प्रति वर्ष
    वरिष्ठ नागरिक: 5.25% प्रति वर्ष
    विवरण: यह सबसे कम अवधि की FD है, जिसमें दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन यह बाजार की स्थिति के अनुसार संतुलित की गई है।
    30 से 45 दिन की अवधि:
    आम नागरिक: 5.50% प्रति वर्ष
    वरिष्ठ नागरिक: 6.00% प्रति वर्ष
    विवरण: इसमें भी मामूली समायोजन देखा गया, जो पहले की तुलना में स्थिर है।
    46 से 60 दिन की अवधि:
    आम नागरिक: 5.75% प्रति वर्ष
    वरिष्ठ नागरिक: 6.25% प्रति वर्ष
    61 से 89 दिन की अवधि:
    आम नागरिक: 6.00% प्रति वर्ष
    वरिष्ठ नागरिक: 6.50% प्रति वर्ष
    90 दिन से 6 महीने की अवधि:
    आम नागरिक: 6.50% प्रति वर्ष
    वरिष्ठ नागरिक: 7.00% प्रति वर्ष
    6 महीने 1 दिन से 9 महीने की अवधि:
    आम नागरिक: 6.85% प्रति वर्ष
    वरिष्ठ नागरिक: 7.35% प्रति वर्ष
    9 महीने 1 दिन से 1 साल की अवधि:
    आम नागरिक: 6.75% प्रति वर्ष
    वरिष्ठ नागरिक: 7.25% प्रति वर्ष
    1 साल से 15 महीने की अवधि:
    आम नागरिक: 7.40% प्रति वर्ष
    वरिष्ठ नागरिक: 7.90% प्रति वर्ष
    विवरण: यह सबसे ऊंची दर है जो अभी बल्क FD में दी जा रही है। पहले यह दर थोड़ी अधिक हो सकती थी, लेकिन अब इसे समायोजित किया गया है।
    15 महीने से 2 साल की अवधि:
    आम नागरिक: 7.05% प्रति वर्ष
    वरिष्ठ नागरिक: 7.55% प्रति वर्ष
    2 साल 1 दिन से 10 साल की अवधि:
    आम नागरिक: 7.00% प्रति वर्ष
    वरिष्ठ नागरिक: 7.50% प्रति वर्ष
    विवरण: लंबी अवधि की FD में भी दरों को थोड़ा कम किया गया है, जो बाजार के रुझानों के अनुरूप है।
    स्पेशल एडिशन FD का बंद होना:
    HDFC बैंक ने अपनी स्पेशल एडिशन फिक्स्ड डिपॉजिट योजना को 31 मार्च 2025 तक बंद कर दिया था। यह योजना 2 साल 11 महीने (35 महीने) और 4 साल 7 महीने (55 महीने) की अवधि के लिए थी, जिसमें आम नागरिकों को 7.40% तक और वरिष्ठ नागरिकों को 7.90% तक ब्याज मिल रहा था। अब ये दरें उपलब्ध नहीं हैं, और नई बल्क FD दरें ही लागू हैं।
    FD दरों में कटौती के कारण:
    बाजार की स्थिति: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति और बाजार में तरलता की स्थिति के कारण ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव होता है। हाल के महीनों में ब्याज दरों में स्थिरता या मामूली कमी देखी गई है।
    MCLR में बदलाव: HDFC बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में भी 5 बेसिस पॉइंट्स (0.05%) तक की कटौती की है, जो 7 जनवरी 2025 से लागू है। नई MCLR दरें 9.15% से 9.45% के बीच हैं। इससे उधार और जमा दोनों की दरें प्रभावित होती हैं।
    प्रतिस्पर्धा: अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों की FD दरों के साथ तालमेल बिठाने के लिए भी यह समायोजन किया गया हो सकता है।
    प्रभाव:
    आम नागरिकों पर: जिन लोगों ने पहले ऊंची दरों पर FD की थी, उन्हें अब नई FD बुक करने पर कम रिटर्न मिलेगा। उदाहरण के लिए, 1 साल से 15 महीने की FD पर पहले 7.40% से ज्यादा मिल सकता था, जो अब 7.40% पर स्थिर है।
    वरिष्ठ नागरिकों पर: वरिष्ठ नागरिकों को अभी भी 0.50% अतिरिक्त ब्याज मिल रहा है, और उनकी अधिकतम दर 7.90% तक है। हालांकि, स्पेशल एडिशन FD बंद होने से उन्हें भी पहले की तुलना में कम विकल्प मिल रहे हैं।
    निवेशकों के लिए: अगर आप नई FD बुक करने की योजना बना रहे हैं, तो अब आपको पहले से थोड़ा कम ब्याज मिलेगा, खासकर लंबी अवधि में।
    उदाहरण:
    मान लीजिए, आपने 3 करोड़ रुपये की FD 1 साल के लिए पहले की दर (मान लें 7.50%) पर की थी:
    पहले का ब्याज: 3,00,00,000 × 7.50% = 22,50,000 रुपये सालाना।
    नई दर (7.40%): 3,00,00,000 × 7.40% = 22,20,000 रुपये सालाना।
    अंतर: 30,000 रुपये की कमी प्रति वर्ष।
    क्या करें?
    पुरानी FD को जारी रखें: अगर आपकी पुरानी FD ऊंची दर पर है, तो इसे समय से पहले न तोड़ें, क्योंकि नई दरें कम हैं।
    अन्य विकल्प देखें: छोटे वित्त बैंक या NBFC कभी-कभी 9% तक की FD दरें दे रहे हैं, जो HDFC से ज्यादा हो सकती हैं। हालांकि, जोखिम का आकलन जरूरी है।
    लंबी अवधि चुनें: अभी भी 1 साल से 15 महीने की अवधि में 7.40% (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.90%) अच्छा रिटर्न दे रही है।
    निष्कर्ष:
    HDFC बैंक ने FD दरों में मामूली कटौती की है, जो मुख्य रूप से बल्क डिपॉजिट्स (3 करोड़ से 5 करोड़ रुपये से कम) पर लागू है। यह बदलाव बाजार की स्थिति और RBI की नीतियों के अनुरूप है। वरिष्ठ नागरिकों को अभी भी अतिरिक्त 0.50% ब्याज मिल रहा है, लेकिन स्पेशल एडिशन FD बंद होने से विकल्प कम हुए हैं।

    1 अप्रैल 2025 से भारत में बैंकिंग नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहे हैं। ये बदलाव आपके रोज़मर्रा के बैंकिंग अनुभव, जैसे कि एटीएम से पैसे निकालने, न्यूनतम बैलेंस, यूपीआई ट्रांजैक्शन, चेक पेमेंट, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल बैंकिंग पर असर डालेंगे। नीचे इन बदलावों का पूरा विवरण दिया गया है:

    1. एटीएम निकासी नियम में बदलाव
      अब आप महीने में केवल 3 बार मुफ्त में दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे। पहले कई बैंक 5 मुफ्त निकासी की सुविधा देते थे, लेकिन अब यह सीमा घटा दी गई है।
      3 मुफ्त निकासी के बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर 20 से 25 रुपये का शुल्क लगेगा।
      कुछ बैंकों में यह शुल्क 1 मई 2025 से बढ़कर 23 रुपये तक हो सकता है।
    2. न्यूनतम बैलेंस की नई शर्तें
      बड़े बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), और केनरा बैंक ने न्यूनतम बैलेंस की शर्तों में बदलाव किया है।
      न्यूनतम बैलेंस की राशि अब खाते के स्थान पर निर्भर करेगी:
      शहरी क्षेत्र: अधिक न्यूनतम बैलेंस।
      अर्ध-शहरी क्षेत्र: मध्यम न्यूनतम बैलेंस।
      ग्रामीण क्षेत्र: कम न्यूनतम बैलेंस।
      अगर आप निर्धारित बैलेंस मेंटेन नहीं करते, तो पेनल्टी चार्ज लगेगा, जो बैंक और खाते के प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
    3. यूपीआई ट्रांजैक्शन में बदलाव
      नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
      अगर आपका मोबाइल नंबर लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है और यह बैंक से लिंक है, तो उससे जुड़ा यूपीआई आईडी निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
      यूजर्स को अपने बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को अपडेट करना होगा, वरना 1 अप्रैल से यूपीआई सर्विस बंद हो सकती है।
      सभी बैंकों और थर्ड-पार्टी ऐप्स (जैसे PhonePe, Google Pay) को हर हफ्ते मोबाइल नंबर रिकॉर्ड अपडेट करना अनिवार्य होगा।
    4. चेक पेमेंट के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम (PPS)
      चेक से होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम लागू किया जा रहा है।
      अगर आप 50,000 रुपये या उससे अधिक का चेक जारी करते हैं, तो आपको चेक की डिटेल्स (जैसे चेक नंबर, तारीख, पेमेंट राशि, और पेयी का नाम) इलेक्ट्रॉनिक रूप से बैंक को देनी होगी।
      बैंक इन डिटेल्स को वेरिफाई करेगा, और अगर कोई गड़बड़ी होगी तो उसे ठीक करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
    5. क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव
      कई बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड स्ट्रक्चर में बदलाव किया है:
      SBI: SimplyCLICK Swiggy रिवॉर्ड्स 10X से घटकर 5X होंगे, और Air India Signature पॉइंट्स 30 से 10 हो जाएंगे।
      IDFC First Bank: Club Vistara माइलस्टोन बेनिफिट्स बंद कर दिए जाएंगे।
      Axis Bank: Vistara क्रेडिट कार्ड में बदलाव 18 अप्रैल 2025 से लागू होंगे, जिसमें टिकट वाउचर और रिन्यूअल बेनिफिट्स हटाए जा सकते हैं।
      इन बदलावों से क्रेडिट कार्ड यूजर्स को कम रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलेंगे।
    6. डिजिटल बैंकिंग में सुधार
      बैंकों ने डिजिटल सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए नए कदम उठाए हैं:
      AI-पावर्ड चैटबॉट्स: कस्टमर सपोर्ट के लिए।
      उन्नत ऑनलाइन बैंकिंग फीचर्स: ट्रांजैक्शन को आसान बनाने के लिए।
      सुरक्षा उपाय: टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को मजबूत किया जाएगा।
    7. सेविंग्स अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में बदलाव
      कई बैंकों ने सेविंग्स अकाउंट और FD की ब्याज दरों में संशोधन किया है।
      उदाहरण के लिए, HDFC बैंक ने अपना स्पेशल FD स्कीम बंद कर दिया है और 1 अप्रैल से सामान्य नागरिकों के लिए 10 महीने से 21 महीने से कम की FD पर अधिकतम 7.25% ब्याज देगा।
      ब्याज दरें बैंक और FD की अवधि के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं।
    8. प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) में बदलाव
      रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने PSL नियमों में संशोधन किया है:
      शिक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, और किफायती हाउसिंग लोन की सीमा बढ़ाई गई है।
      होम लोन की नई सीमाएं: मेट्रो शहरों में 50 लाख, टियर-2 शहरों में 45 लाख, और छोटे शहरों में 35 लाख रुपये।
      इससे इन सेक्टर्स में क्रेडिट की उपलब्धता बढ़ेगी।
    9. माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (MFI) के लिए नियम
      MFI के लिए नए दिशानिर्देशों के तहत, एक उधारकर्ता एक समय में 4 से अधिक लेंडर्स से लोन नहीं ले सकेगा। यह नियम ओवर-इंडेब्टेडनेस को रोकने के लिए है।
    10. अन्य महत्वपूर्ण बदलाव
      KYC अनिवार्य: म्यूचुअल फंड और डीमैट अकाउंट्स के लिए 1 अप्रैल से KYC और नॉमिनी डिटेल्स की दोबारा जांच होगी।
      PAN-आधार लिंकिंग: अगर 31 मार्च 2025 तक PAN और आधार लिंक नहीं किया, तो डिविडेंड इनकम नहीं मिलेगा और TDS बढ़ जाएगा।
      सलाह
      इन बदलावों से बचने के लिए अपने बैंक से अपडेट्स चेक करें, मोबाइल नंबर अपडेट रखें, और न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करें।

    https://www.instagram.com/reel/DFHv4rcoAbG/?igsh=MWtrM3JxNjJ6N2U5dw==

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