मुंबई: महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी(BJP) को स्थापित करने में दो नेताओं प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे की बड़ी भूमिका रही थी। मुंडे-महाजन की जोड़ी ने उस पार्टी का विस्तार करने में बहुत योगदान दिया जो एक समय शून्य पर थी। महाजन और मुंडे दोनों की असामयिक मृत्यु हो गई। इसके बाद दोनों की राजनीतिक विरासत को उनकी बेटियों ने आगे बढ़ाया। लेकिन इस साल के लोकसभा चुनाव में मुंडे और महाजन दोनों की तीन-तीन बेटियां संसद से दूर रहीं।
दोस्त और रिश्तेदार थे महाजन और मुंडे
प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे एक दूसरे के दोस्त और रिश्तेदार थे। प्रमोद महाजन की बहन प्रज्ञा गोपीनाथ मुंडे की पत्नी हैं। एक तरह से देखा जाए तो तीनों पंकजा मुंडे, प्रीतम मुंडे और पूनम महाजन एक ही समय में संसदीय राजनीति से दूर हो गई हैं। दरअसल 2006 में प्रमोद महाजन की हत्या कर दी गई। इसके बाद उनकी बेटी पूनम महाजन 2014 के लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरीं और मोदी लहर में लगातार दो बार चुनी गईं।
पूनम महाजन का कटा टिकट
इस बार के लोकसभा चुनाव में उत्तर मध्य मुंबई सीट पर उनके खिलाफ हंगामे के कारण उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इसलिए पूनम महाजन अब संसदीय राजनीति से दूर हो गई हैं।
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