लोकसभा चुनाव अभी खत्म भी नहीं हुए हैं उससे पहले ही सूरत लोकसभा क्षेत्र से भाजपा ने देश में अपनी पहली जीत सांसद मुकेश दलाल के रूप में दर्ज कर ली है. इंडिया गठबंधन कांग्रेस के प्रत्याशी नीलेश कुम्भानी के नामांकन पत्र में हस्ताक्षर ना होने की दरखास्त पर उनके नामांकन पत्र को रद्द कर दिया गया था. इसके बाद इंडिया गठबंधन में शामिल आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है.
वहीं नीलेश कुम्भानी का नामांकन रद्द होने के बाद वह मानो अज्ञातवास में कहीं निकल गए हैं. ना ही वह घर पर हैं और ना ही उनका फोन चालू है. ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आखिर नीलेश कुम्भानी कहां गायब हो गए हैं. गायब नीलेश कुम्भानी को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता दिनेश काछडिया ने सूरत शहर की सड़कों पर कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी नीलेश कुंभानी को ‘राक्षस’ बताते हुए बैनर लगाए हैं.
शहर में AAP ने लगाए बैनर
इन बैनर में दिनेश काछडिया ने नीलेश कुम्भानी को ‘लोकतंत्र का हत्यारा’ और ‘गद्दार’ बताते हुए वांटेड घोषित किया है. तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि आम आदमी पार्टी के नेता दिनेश काछडिया नीलेश कुम्भानी के गायब होने को लेकर इतने आक्रोशित हैं कि उन्होंने सूरत की सड़कों पर नीलेश की तस्वीर को राक्षसी रूप देकर उनके गायब होने पर उन्हें ‘लोकतंत्र का हत्यारा’ कहा है.
‘कुछ गलत नहीं किया तो सूरत छोड़कर क्यों भागे?’
दिनेश काछडिया ने बताया कि यह जो बैनर लगा है वह ‘वांटेड’ नीलेश कुम्भानी का है. वह 24-सूरत लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार थे. उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने खरीद लिया है. मैं दावा कर रहा हूं उन्हें 5 से 15 करोड़ रुपए मिला है. सूरत शहर के 19 लाख 68 हजार मतदाताओं का हक उनसे छीना लिया गया है. अगर उनमें ताकत है, उन्होंने कोई गुनाह नहीं किया है तो सूरत छोड़कर भाग क्यों गए हैं.
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