सूरत. दीपावली अवकाश के पांचवें दिन लाभपंचमी के अवसर पर शनिवार को सूरत कपड़ा मंडी के रिंगरोड कपड़ा बाजार समेत विभिन्न कपड़ा बाजार में व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले। इस अवसर पर मुहूर्त के सौदे से पहले विधि-विधान से दुकानों में कपड़ा व्यापारियों ने पूजा-आराधना की। लाभपंचमी के अवसर पर मुहूर्त के सौदे भी कपड़ा व्यापारियों ने किए। हालांकि शनिवार को ज्यादातर दुकानें बंद रही और जो मुहूर्त के लिए खुली, वे भी दोपहर बाद बंद हो गई थी।
वस्त्रनगरी सूरत में व्यापारिक चहल-पहल लाभ पंचमी शनिवार से धीमी गति से प्रारम्भ हो गई है, हालांकि इससे पहले पांच दिन तक दीपावली अवकाश की वजह से रिंगरोड कपड़ा बाजार समेत सभी बाजार में सन्नाटा पसरा रहा था। कार्तिक शुक्ल पंचमी के अवसर पर लाभपंचमी का पर्व शनिवार को मनाया गया और इस अवसर पर सूरत कपड़ा मंडी समेत शहर के अन्य व्यापार-उद्योगों में दीपावली अवकाश के बाद व्यापारिक काम-काज की शुरुआत विधिविधान से की गई। सूरत कपड़ा मंडी में भी रिंगरोड कपड़ा बाजार, मोटी बेगमवाड़ी कपड़ा बाजार, श्रीसालासर कपड़ा बाजार, सारोली कपड़ा बाजार क्षेत्र के विभिन्न टेक्सटाइल मार्केट में हजारों दुकानें खुलीं और व्यापारियों ने पूजा-आराधना कर मुहूर्त के सौदे किए। दीपावली अवकाश के बाद देश की अन्य मंडियों के आढ़तियों, एजेंट, ब्रोकर के माध्यम से मुहूर्त के सौदे व्यापारियों ने किए। वहीं, लाभपंचमी को जैन समाज ने ज्ञान पंचमी पर्व के रूप में मनाया।
- होने लगी माल ढुलाई :
शगुन के तौर पर कपड़ा व्यापारियों ने लाभ पंचमी के अवसर पर मुहूर्त के सौदे किए। मुहुर्त के सौदों में व्यापारियों ने 11 या 21 ग्रे ताकों के ऑर्डर वीवर्स को लिखवाए। वहीं, दीपावली के मौके पर मिले ऑर्डर के तैयार माल के पार्सलों की भी ढुलाई शनिवार से शुरू की गई। पार्सलों को वाहनों में लादने के अलावा सारोली, नियोल, अंत्रोली स्थित ट्रांसपोर्ट गोदाम तक माल पहुंचाने के लिए दौड़ते वाहन भी दिखे।
