कुवैत अग्निकांड‍ में ओडिशा के दो लाेगों की गई जान, मुख्यमंत्री ने जताया दुख

भुवनेश्वर: दक्षिणी शहर मंगाफ में सात मंजिला इमारत में आग लगने से 49 विदेशी श्रमिकों की मौत हो गई थी और 50 अन्य घायल हुए थे। इस इमारत में 196 प्रवासी श्रमिक रह रहे थे। इस दुर्घटना में ओडिशा के भी दो श्रमिकों की मौत हो गई। इस घटना को लेकर शुक्रवार को ओडिशा के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के दो लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री माझी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘कुवैत में आग लगने की भीषण घटना में बहुत से लोगों ने अपनी जान गंवाईं। ओडिशा के दो बेटों मोहम्मद जहूर और संतोष कुमार गौड़ा की मौत की खबर बेहद दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं।”
गंजम व कटक जिले के थे दोनों मजदूर
गौड़ा गंजम जिले के पुरोसोत्तमपुर ब्लॉक के रानाझल्ली गांव के रहने वाले थे, वहीं जहूर कटक जिले के तिगिरिया थाना क्षेत्र के करदापल्ली गांव से थे। दोनों एक निजी कंपनी में काम करते थे और दक्षिणी कुवैत के मंगाफ में उसी सात मंजिला इमारत में रहते थे जिसमें भीषण आग लगने से 49 विदेशी श्रमिकों की मौत हो गई थी और 50 अन्य घायल हुए थे। मृतकों में 42 भारतीय थे और शेष पाकिस्तान, फिलिपीन, मिस्र और नेपाल के नागरिक थे।
दो वर्ष पहले हुआ था जहूर का विवाह
अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार शाम तक गौड़ा और जहूर के शवों को दिल्ली से ओडिशा लाया जाएगा। जहूर के परिवार के सदस्यों ने बताया कि उसका विवाह दो वर्ष पूर्व हुआ था और उसकी पत्नी सात महीने की गर्भवती है। जहूर 2017 से कुवैत में काम कर रहा था और एक महीने पहले ही अपने गांव आया था। वहीं गौड़ा मार्च में अपने गांव आया था और अप्रैल में कुवैत वापस लौट गया था।

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