कभी मेगा ब्लॉक तो कभी चलते-चलते बंद, मुंबई लोकल ने बढ़ाई यात्रियों की परेशानी

मुंबई: मॉनसून के दौरान मुंबई में अक्सर लोकल ट्रेनें प्रभावित होती हैं लेकिन इस बार मॉनसून से पहले ही लोगों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। मध्य रेलवे पर ट्रेनों की पंच्युएलिटी का मसला लगातार बना हुआ है, तो पश्चिम रेलवे पर भी फैल्योर का दौर नहीं थम रहा है। सोमवार को पश्चिम और मध्य रेलवे पर हुई तकनीकी गड़बड़ियों के कारण लोगों को यात्रा में सामान्य से ज्यादा समय लगा। सूत्रों के अनुसार, मध्य रेलवे पर अगले दो-तीन दिन इसी तरह से परेशानी बनी रहेगी।
प्री-मॉनसून के काम में हुई परेशानी
पश्चिम रेलवे पर बोरीवली स्टेशन पर पॉइंट फैल हो गए थे। बताया जा रहा है इस बार देरी तक प्री-मॉनसून का काम हो रहा है। इस दौरान बोरीवली और दहिसर के बीच माइक्रो टनलिंग का काम चल रहा है। इसके साथ ही रेलवे ट्रैक के समांतार कल्वर्ट बना रही है। माइक्रो टनलिंग का काम 10 जून तक खत्म होगा। जो कॉन्ट्रैक्टर यह काम कर रहा है, उसने टनलिंग का गड्ढा बनाते वक्त केबल कट कर दीं जिसके कारण सोमवार को पूरा सिस्टम गड़बड़ा गया। इस गड़बड़ी के बाद रेलवे द्वारा कॉन्ट्रैक्टर पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाने की बात कही गई है।
मध्य रेलवे पर नहीं थमीं मुसीबतें
पश्चिम रेलवे पर रात में ही परेशानियां शुरू हो गईं थीं, तो मध्य रेलवे पर भी सीएसएमटी के पास गड़बड़ी होना शुरू हो गई। ब्लॉक के दौरान मध्य रेलवे ने ठाणे और सीएसएमटी में काम किया था। सोमवार सुबह ठाणे स्टेशन पर सिग्नल की गड़बड़ी शुरू हो गई। यहां रेलवे ने ट्रैक को शिफ्ट किया था। दूसरी ओर सीएसएमटी पर सिग्नल को कंट्रोल करने वाले नए सिस्टम में गड़बड़ियां शुरू हो गईं। एक अधिकारी ने बताया कि ठाणे स्टेशन की गड़बड़ी एक घंटे में दूर हो गई लेकिन सीएसएमटी की गड़बड़ी सुधारने में ज्यादा वक्त लगेगा। इसके लिए करीब 3700 कैबल्स को फॉल्ट के लिए चेक करना होगा। इन कैबल्स की बदौलत 278 रूट सेट किए जाते है जिसपर सबर्बन और लंबी दूरी की ट्रेनें चलती हैं। सीएसएमटी यार्ड में 79 सिग्नल्स और 75 क्रॉसओवर पॉइंट्स हैं इनकी भी जांच की जाएगी।

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