Close Menu
    What's Hot

    क्या हुआ था ट्विशा की मौत की रात? गिरिबाला और समर्थ को आमने-सामने बैठाकर होंगे सवाल

    May 29, 2026

    वेस्टर्न इंडिया फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के द्वारा निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन 31 मई को…..!

    May 29, 2026

    Fortis Hospital Kalyan Launches Advanced Emergency Services

    May 29, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    jankalyan time
    Facebook X (Twitter) Instagram
    jankalyan time
    Home»Blog»तिरछी नज़र: बादशाह और उगाही का फ़लसफ़ा
    Blog

    तिरछी नज़र: बादशाह और उगाही का फ़लसफ़ा

    जनकल्याण टाइमBy जनकल्याण टाइमMarch 25, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    बादशाह उस रात उदास उदास थे। सुबह अपने राजमहल से दक्षिण दिशा में चार मील दूर एक नाली का उद्घाटन कर के आये थे जो बहुत ही सफल रहा था। दोपहर को एक पुराने अस्तबल के नये कमरे की नींव रखी थी और शाम के समय एक यातीमखाने में यतीमों के बीच माउथ ऑर्गन भी  बजाया था। दिन तो ख़ुशी से बीता था। चार बार कपड़े बदले थे। तीन बार तालियां बजी थीं। और भी बहुत कुछ हुआ था। पर रात आते आते बादशाह उदास हो गए थे।

    हाँ, आप ठीक समझे। अब आप बादशाह को ठीक ठीक समझने लगे हैं। बादशाह अवाम को समझे न समझे, अवाम को बादशाह को समझना ही होता है। हाँ, आप ठीक ही  समझे। उदास हुए तो बादशाह ने अपने अव्वल नंबर के रत्न अलिफ़ को बुलवा भेजा। जैसा कि आपको पता ही है, अलिफ़ ने अपने महल से राजमहल पहुंचने में दो घड़ी से अधिक नहीं लगाए पर बादशाह को उदासी की घड़ी में वे दो घड़ी दो सदी जितने लम्बे लगे। अलिफ़ के आते ही बोले, “अलिफ़, बड़ी देर लगा दी आने में”।

    “नहीं जहांपनाह, मुझे तो जैसे ही आपका बुलावा मिला, मैं दौड़ा दौड़ा चला आया। हज़ूर, मुझे तो दो घड़ी से भी कम समय लगा होगा”, अलिफ़ ने कहा।

    “हाँ, हाँ, ठीक है। तुम तो जल्दी ही आ गए हो। तुमने तो दो घड़ी भी नहीं लगाई पर न जाने क्यों मेरा ही मन ख़राब हो रहा है इसीलिए लगा कि तुम देर से आये हो”, बादशाह ने कहा। “अलिफ़, जरा यह तो बताओ, इस शाही क़ाज़ी को क्या हो गया है”?

    “पता नहीं क्यों जहांपनाह। यह शाही क़ाज़ी न जाने क्यों, कभी कभी अज़ीब अज़ीब सी हरकतें कर देता है”, अलिफ़ ने भी जोड़ा।

    “अच्छा, एक बात बताओ अलिफ़, क्या कभी ऐसा हुआ है कि हमने कभी भी किसी भी शाही क़ाज़ी का ध्यान न रखा हो। शाही क़ाज़ी की नौकरी ख़तम होने के बाद उसे इज़्ज़त न बख़्शी हो। जिस भी शाही क़ाज़ी ने हमारे से बना कर रखी है, हमारे मन की बात की है, हमने उसकी नौकरी के बाद भी उसे रसूख वाला रुतबा बख़्शा है या नहीं। फिर भी न जाने इस वाले शाही क़ाज़ी को क्या हुआ है”, बादशाह ने दुख प्रकट किया।

    “हज़ूर, आप ग़म न करें। यह तो इस शाही क़ाज़ी की किस्मत ही ख़राब है जो आप जैसे कदरदान बादशाह की कद्र नहीं कर रहा है। आपसे बिगाड़ कर भला कौन जी पाया है। और हज़ूर, आपने तो क़ाज़ियों का ही नहीं, अपने सभी अफसरआन् का ख्याल रखा है। जो बना कर चला है उसको उसकी नौकरी ख़तम होने के बाद और ऊँची नौकरी दी है। इस शाही क़ाज़ी की बात को इतना तूल न दें, जहाँपनाह। बस अपना मन दुरस्त रखें”, अलिफ़ ने बादशाह को ढाँढस बंधाया।

    अलिफ़ की बात सुन बादशाह खुश हुआ। उसे लगा अलिफ़ है तो सब सम्हाल लेगा। वह अपने तख़्त पर आराम से अधलेटा हो गया और अलिफ़ से बोला, “अलिफ़ एक बात बताओ, मेरे दिमाग़ में एक सवाल उठ रहा है। किसी के यहाँ छापा पड़वाना और फिर पैसे लेकर उसे बचाना पाप है या पुण्य।”

    “जहांपनाह, यह तो बहुत ही पुण्य का काम है। एक तो ऊपर वाले ने आपको इस काबिल बनाया कि आप किसी पर छापा पड़वा सकें और दूसरे इतना काबिल बनाया कि छापा हटवा भी सकें। जनाब, यह तो बहुत ही भले का काम है”, अलिफ़ ने जवाब दिया।

    बादशाह को अब अलिफ़ की बातों में मज़ा आने लगा था। “और लोग जो यह कह रहे हैं, हम पर रिश्वत लेने का आरोप लगा रहे हैं। कह रहे हैं कि हम उगाही कर रहे हैं, उनका क्या”?

    “जहांपनाह, यहाँ के लोग जरा कम समझदार हैं। जो लोग समझते नहीं हैं, उन्हें समझा दिया जायेगा कि यह उगाही नहीं, अहसान है। उन्हें समझा दिया जायेगा कि छापे के जंजाल में पड़े लोगों को सिर्फ हीरे जवाहरत ले, कुछ स्वर्ण मुद्राएं ले छोड़ देना, उन पर कितना बड़ा अहसान है। यह तो लोगों के सामने रास्ता होता है कि या तो वे छापे के बाद जेल जाएं, मुक़दमे बाज़ी झेलें, वकीलों पर खर्च करें, अपना अमन चैन खोयें और जुर्माना भी भरें या फिर आपको कुछ दे दिवा कर आराम की जिंदगी जियें। हज़ूर तो बस उनको चैन की जिंदगी जीने का एक मौका देते हैं। उन पर अहसान करते हैं “, अलिफ़ ने जवाब दिया।

    अलिफ़ की बातें सुन, बादशाह के दिलोदिमाग़ को सुकून मिला। बादशाह उठ कर अपने आरामगाह की ओर बढ़ गए। अलिफ़ भी अपने महल लौट आया। अगली सुबह ही अलिफ़ ने सभी ढिंढोरचियों, सरकारी और गैर सरकारी को जरूरी आदेश दे दिया।

    Badshah-and-the-philosophy-of-extortion
    Follow on Google News Follow on Flipboard
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous ArticleED अधिकारियों ने केजरीवाल से पुराना फोन मांगा:दिल्ली CM बोले- पता नहीं कहां गया; जेल से ऑर्डर पास करने की जांच भी जारी
    Next Article CM केजरीवाल की गिरफ्तारी का विरोध, 31 मार्च को रामलीला मैदान में ‘I.N.D.I.A’ करेगा मेगा रैली
    जनकल्याण टाइम

    Related Posts

    कौन थे जीवा माहाला? ‘राजा शिवाजी’ में सलमान खान ने निभाया किरदार; बहादुरी ऐसी कि बन गई चर्चित कहावत

    May 2, 2026

    🗞️ जन कल्याण टाइम न्यूज़, मुंबई (Goa Bureau)🌐 www.jankalyantime.in👉🏾 स्थान: ओल्ड गोवा🔥 विशेष रिपोर्ट: “संत फ्रांसिस ज़ेवियर – आस्था, सेवा और एकता के प्रतीक”🖊️ रिपोर्ट: कृष्णकांत एकनाथ पायाजी (गोवा ब्यूरो)

    April 28, 2026

    सेंसेक्स 800 अंक फिसला, निफ्टी 24,365 के पास, किन वजहों से बाजार में आई भारी गिरावट?

    April 22, 2026

    बॉब क्रिस्टो: पेशे से इंजीनियर, परवीन बाबी को देखकर आया भारत, विदेशी था ये विलेन

    March 28, 2026

    कॉलेज पॉलिटिक्स, वकालत, कांग्रेस और फिर बीजेपी… असम में हिमंत कैसे चढ़ते गए सत्ता की सीढ़ियां

    March 21, 2026

    🔱 महाशिवरात्रि 2026 SPECIAL 🔱💥 भक्ति का दिव्य स्वर, जो सीधे दिल से महादेव तक पहुँचे 💥🎶 अजय बाली का शिवभजन🕉️ “जय शिव शंकर जय भोलेनाथ”🚩 भव्य रूप से हुआ RELEASE 🚩━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

    February 15, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Economy News

    क्या हुआ था ट्विशा की मौत की रात? गिरिबाला और समर्थ को आमने-सामने बैठाकर होंगे सवाल

    By जनकल्याण टाइमMay 29, 2026

    भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के…

    वेस्टर्न इंडिया फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के द्वारा निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन 31 मई को…..!

    May 29, 2026

    Fortis Hospital Kalyan Launches Advanced Emergency Services

    May 29, 2026
    Top Trending

    क्या हुआ था ट्विशा की मौत की रात? गिरिबाला और समर्थ को आमने-सामने बैठाकर होंगे सवाल

    By जनकल्याण टाइमMay 29, 2026

    भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह…

    वेस्टर्न इंडिया फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के द्वारा निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन 31 मई को…..!

    By जनकल्याण टाइमMay 29, 2026

    वेस्टर्न इंडिया फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन तथा लायंस क्लब ऑफ मिलेनियम…

    Fortis Hospital Kalyan Launches Advanced Emergency Services

    By जनकल्याण टाइमMay 29, 2026

    P.V.Anandpadmanabhan Kalyan — Marking 20 years of healthcare in the Kalyan-Dombivli-Ambernath region,…

    Subscribe to News

    Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

    Advertisement
    Demo
    Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

    News

    • World
    • US Politics
    • EU Politics
    • Business
    • Opinions
    • Connections
    • Science

    Company

    • Information
    • Advertising
    • Classified Ads
    • Contact Info
    • Do Not Sell Data
    • GDPR Policy
    • Media Kits

    Services

    • Subscriptions
    • Customer Support
    • Bulk Packages
    • Newsletters
    • Sponsored News
    • Work With Us

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.