हलाल के नाम पर लोगों को किया जा रहा था हलाल

मुंबई। आप कई प्रोडक्ट्स ख़ासकर नॉन वेज प्रोडक्ट पर हलाल का एक मार्क (Halal Certificate) देखा और पढ़ा होगा। इसी हलाल प्रोडक्ट्स के नाम पर आम लोगों को ठगा जा रहा था। दरअसल भारत में एक समुदाय के लोग हलाल सामग्री खाते पीते हैं। लोगों के इसी विश्वास का फायदा हलाल काउंसिल आफ इंडिया लंबे समय से उठा रही है। लोगों को गलत (Fake) तरीके से हलाल की ब्रांडिंग देकर उनसे मोटे पैसे की उगाही की जा रही थी। जबकि ये प्रोडक्ट हलाल होते भी नहीं थे। इतना ही नहीं काउंसिल हलाल प्रोडक्ट्स को प्रमाण पत्र देने के लिए अधिकृत भी नहीं थी। युपी एसटीऍफ़ (UP STF) की टीम ने सैकड़ों करोड़ के इस गोरखधंधे का पर्दाफाश करते हुए हलाल काउंसिल आफ इंडिया (Halal council of india) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित 4 शीर्ष लोगों को मुंबई से गिरफ्तार किया है।

हलाल काउंसिल आफ इंडिया
हलाल काउंसिल आफ इंडिया ने अवैध रूप से हलाल प्रमाण पत्र कई कंपनियों को जारी किया था। जिसके बदले में उनसे मोटी रकम वसूली गई है। यूपी एसटीऍफ़ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस आरोप में हलाल काउंसिल आफ इंडिया से जुड़े चार शीर्ष लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमे अध्यक्ष मौलाना हबीब यूसुफ पटेल, उपाध्यक्ष मौलाना मुदशीर सपाडिआ, जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद ताहिर जाकिर हुसैन चौहान, ट्रेजरार मोहम्मद अनवर शामिल हैं।

हलाल के नाम पर काला कारोबार
हलाल के इस काले कारोबार से जुड़ी कुछ कम्पनियों द्वारा जैसे हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलेमा हिन्द हलाल ट्रस्ट दिल्ली, हलाल काउंसिल ऑफ इण्डिया मुम्बई आदि ने कई उत्पादों पर उसकी ब्रिकी बढ़ाने के उद्देश्य से आर्थिक लाभ लेकर धोखाधड़ी करते हुए हलाल प्रमाण पत्र कई उत्पाद और उसके प्रोडक्ट को दिए गए थे। हलाल काउंसिल ऑफ इण्डिया, मुम्बई द्वारा इसके लिए प्रति वर्ष सर्टिफिकेट व प्रति प्रोडक्ट अलग-अलग कम्पनी से अलग-अलग रूपये लेती है। जिसमें से लगभग 10 हजार रुपये सर्टिफिकेट व 1 हजार रुपये प्रति प्रोडक्ट के लिए चार्ज किए जाते हैं। आश्चर्य की बात है कि हलाल काउंसिल ऑफ इण्डिया मुम्बई, को NABCB व अन्य किसी सरकारी संस्था द्वारा हलाल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत तक नहीं किया गया है। बावजूद इसके अपने स्टार पर वो फर्जी हलाल प्रमाण पत्र जारी कर मोटी कमाई कर रही थी।

मुंबई का लिंक
हलाल काउंसिल ऑफ़ इंडिया के शीर्ष मुंबई से ताल्लुक रखते हैं। इसके अध्यक्ष स्कार्टर्स कॉलोनी, चिंचोली गोट, पटेल मस्जिद जबकि उपाध्यक्ष और सेक्रेटरी जोगेश्वरी इलाके के रहने वाले हैं। चौथा आरोपी ग्रीन लॉन्स, कपड़ा बाजार रोड मुम्बई का बताया जा रहा है। मुंबई में बैठ कर ये लोग देश और अलग-अलग राज्यों की कई कंपनियों को फर्जी हलाल पत्र वितरित करके अवैध गतिविधि कर रहे थे।

दीपक कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक युपी एसटीऍफ़ ने दी जानकारी
हलाल काउंसिल ऑफ इण्डिया, मुम्बई द्वारा अवैध रूप से हलाल सर्टिफिकेट मीट व मीट प्रोडक्ट के अतिरिक्त अन्य खाद्य पदार्थों पर भी जारी किया जा रहा है। जबकि इनके पास इसका अधिकार ही नहीं है। इसके इतर काउंसिल द्वारा अलग अलग कंपनियों और उनके प्रोडक्ट्स पर ये फर्जी लाइसेंस देकर मोटी कमाई की जा रही थी। हमारी कार्रवाई और जांच जारी है। ये बड़ा रैकेट है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *